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Kanpur News: क्रिकेट में चढ़े पहाड़ तो बाकी खेलों के साथ हो रहा खिलवाड़

Fri, 29 Aug 2025 02:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Aug 2025 02:30 AM IST
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When cricket climbed the mountain, other games are being messed with
कानपुर। मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शुक्रवार को पूरे देश में खेल दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर में कई प्रतियोगिताएं कराकर उनको नमन भी किया जाएगा लेकिन यह काफी नहीं है। देश की औद्योगिक नगरी में खेलों की स्थिति को देखा जाए तो क्रिकेट को छोड़कर अन्य सभी में खिलवाड़ ही किया गया है। आज तक शहर से कोई भी खिलाड़ी ओलंपिक की दहलीज तक नहीं पहुंच सका है। शहर में एथलेटिक्स का ट्रैक तक नहीं है। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद जैसा खिलाड़ी बनाने के लिए शहर में मानक के अनुरूप एक भी एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम नहीं है।
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शहर निवासी कुलदीप यादव व अंकित राजपूत जैसे क्रिकेटरों ने कानपुर का नाम देश-विदेश तक रोशन किया। वहीं हैंडबाॅल में ज्योति शुक्ला ने भारतीय टीम की कप्तानी अपने नाम की। राष्ट्रीयस्तर पर हॉकी में शहर की उपस्थिति अभी सूनी है। शहर के ग्रीनपार्क में बने हाॅकी एस्ट्रो टर्फ का साइज 55 मीटर लंबा और 42 मीटर चौड़ा है जबकि स्टैंडर्ड मानक के अनुसार इसकी लंबाई 91.44 मीटर और चौड़ाई 55 मीटर होनी चाहिए। ग्रीनपार्क में अंशकालिक कोच मो. शाहिद खां बच्चों को हॉकी का प्रशिक्षण दे रहे हैं मगर जिस तरह के टूर्नामेंट उन्हें मिलने चाहिए वह नहीं हो रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों के पास हॉकी की पूरी किट भी नहीं है।
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एथलेटिक्स, कबड्डी, शूटिंग का भी हाल बेहाल
ग्रीनपार्क में एथलेटिक्स, कबड्डी, शूटिंग के कोच नहीं हैं। कोरोना काल से कबड्डी तो पूरी तरह से बंद है। शहर में विवि के अलावा कोयलानगर स्थित निजी अकादमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्रीनपार्क में बी मैदान पर क्रिकेट पिच बनने के चलते एथलेटिक्स और हैंडबाॅल का प्रशिक्षण बंद हो गया। कोरोना काल में शूटिंग कोच सीता के जाने के बाद से यह भी बंद चल रही है। शूटिंग के लिए बर्रा, श्यामनगर, केशवपुरम में ही निजी अकादमी हैं। ग्रीनपार्क में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण एक कोने में चल रहा है तो जूडो गायब हो गया है। यहां केवल क्रिकेट, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वाॅलीबॉल, फुटबॉल का ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है। निजीस्तर और स्कूलों में जरूर खेलों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह खिलाडि़यों को भारतीय टीम, ओलंपिक तक पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं है।
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यह है ग्रीनपार्क में प्रशिक्षण की फीस
ग्रीनपार्क में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए सालाना रजिस्ट्रेशन शुल्क 235 रुपये देने पड़ते हैं। टेबल टेनिस व बैडमिंटन के लिए 335 रजिस्ट्रेशन शुल्क है और जिम का रजिस्ट्रेशन शुल्क 1200 रुपये है। 18 वर्ष से अधिक आयु वाले खिलाडि़यों को यहां पर प्रशिक्षण के लिए प्रवेश नहीं दिया जाता है।
हॉकी की किट हो रही महंगी
- हॉकी स्टिक 4000 रुपये से
- हॉकी के जूते 1500 रुपये से
- अन्य किट 8000 रुपये
- गोलकीपर किट 60 हजार रुपये से शुरुआत
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