Climate change: जलवायु परिवर्तन से बदला मौसम का ट्रेंड, स्ट्रीम इवेंट्स ने घटाए बारिश के दिन
जलवायु परिवर्तन से मानसूनी बारिश का ट्रेंड बदल रहा है। बारिश की अवधि सिमट रही है। साथ ही, साल दर साल गर्मी के दिन बढ़े हैं। पिछले 52 वर्षों के डाटा पर आधारित शोध में ऐसी ही कई बातें सामने आई हैं, जिनका नतीजा खतरनाक साबित होगा।
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जलवायु परिवर्तन और बढ़ते हीट आईलैंड (बड़ी मात्रा में पक्के निर्माण) की वजह से मौसम में कई तरह से परिवर्तन दिखने लगे हैं। भीषण गर्मी के बीच मौसम वैज्ञानिकों के शोध में अब यह बात भी सामने आई है कि पिछले करीब 22 वर्षों से लगातार बारिश के दिनों में कमी आती जा रही है। स्थिति अब यह हो गई है कि कभी एक महीने तो कभी-कभी तीन-तीन महीने तक बारिश नहीं होती है और कभी होती है, तो एकदम से 25 मिमी से लेकर 50 मिमी तक हो जाती है। इस स्थिति को स्ट्रीम इवेंट्स कहा जाता है।
इस बारिश की वजह से न फसलों को फायदा पहुंचता है और न ही वातावरण को। बारिश का पानी भी ऐसे में संरक्षित नहीं हो पाता है। मौसम में परिवर्तन की यह स्थिति अकेले उत्तर प्रदेश की नहीं पूरे देशभर की बताई जा रही है। मौसम विभाग के शोध से यह भी पता चला है कि बारिश के दिन कम और लंबे अंतराल के बाद एक झटके में भारी बारिश की स्थिति दुनिया के दूसरे देशों में भी देखी जा रही है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार विभाग में 1970 से लेकर अभी तक का मौसम का जो डाटा मौजूद है। उसके अनुसार वर्ष 2000 से गर्मी के दिन ज्यादा और बारिश के दिन कम होने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
यह स्थिति लगातार बढ़ रही है। शुरू के वर्षों में यदि एक महीने बाद किसी रोज भारी बारिश होती थी, जो अब जाकर दो और तीन महीने की भीषण गर्मी के अंतराल पर होने लगी है। वर्ष 1970 से 2000 तक हर वर्ष बारिश के दिन-50 से 60 होते थे। वहीं, वर्ष 2000 के बाद से अभी तक हर साल बारिश के दिन- 30 से 40 रह गए हैं।
जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम में स्ट्रीम इवेंट्स (भीषण गर्मी, भारी बारिश, कड़ाके की ठंड) देखने को मिल रहा है। इस वजह से जमीन की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हुई है। मौसम जनित बीमारियों की एक वजह यह परिवर्तन भी बन रहा है। हमारे यहां पिछले 52 वर्षों के मौजूद मौसम के डाटा के आधार पर जो अध्ययन किया गया है, उसमें चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिसमें गर्मी के दिन ज्यादा बारिश के दिन कम और अचानक से तेज बारिश होने लगी है। - डॉ. एसएन पांडेय, मौसम विभाग प्रमुख, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी