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मौसम का कहर: जालौन में आंधी-बारिश में बिजली गिरने से एक की मौत, एक गंभीर, जगह-जगह पेड़ टूटकर सड़कों पर गिरे
Fri, 12 Jun 2026 12:10 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: Shikha Pandey
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:10 AM IST
सार
Jalaun News: आंधी-बारिश ने तबाही मचा दी। बिजली गिरने से एक की मौत हो गई। वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पांच बकरियां और भैंस की भी मौत हुई है।
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जालौन का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उरई जिले में बृहस्पतिवार शाम आई आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल और तार टूटकर गिर गए। कई क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई। वहीं बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं, पांच बकरियों और एक भैंस की मौत हो गई।
कोटरा क्षेत्र के मौजा हिलगना में शाम लगभग 4:30 बजे कुछ लोग बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आकर मंडी बाजार निवासी शानू (40) और मोहल्ला छोटी माता निवासी गोविंद यादव (45) गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर पांच बकरियों तथा एक भैंस की भी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। गोविंद यादव को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शानू का उपचार चल रहा है। परिजनों ने बताया कि गोविंद खेती किसानी के साथ मजदूरी करता था। उसके दो बेटे हैं। उसकी मौत से पत्नी मिथलेश सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। जानकारी मिलने पर एसडीएम ज्योति सिंह मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल कर पीड़ितों को जल्द मुआवजा दिलवाने की बात कही।
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कोटरा क्षेत्र के मौजा हिलगना में शाम लगभग 4:30 बजे कुछ लोग बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज गर्जना के साथ बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आकर मंडी बाजार निवासी शानू (40) और मोहल्ला छोटी माता निवासी गोविंद यादव (45) गंभीर रूप से झुलस गए। मौके पर पांच बकरियों तथा एक भैंस की भी मौत हो गई।
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घटना के बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। गोविंद यादव को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि शानू का उपचार चल रहा है। परिजनों ने बताया कि गोविंद खेती किसानी के साथ मजदूरी करता था। उसके दो बेटे हैं। उसकी मौत से पत्नी मिथलेश सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। जानकारी मिलने पर एसडीएम ज्योति सिंह मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल कर पीड़ितों को जल्द मुआवजा दिलवाने की बात कही।
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उधर, आंधी का असर शहर में भी देखने को मिला। रगेदा क्षेत्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का विशाल पंडाल तेज हवाओं के कारण उखड़ गया। उस समय पंडाल में मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, हालांकि समय रहते लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आंधी और बारिश के दौरान जिले के कई इलाकों में पेड़ गिरने तथा बिजली के तार टूटने की घटनाएं सामने आईं। इससे कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
आंधी और बारिश के दौरान जिले के कई इलाकों में पेड़ गिरने तथा बिजली के तार टूटने की घटनाएं सामने आईं। इससे कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
जल निकासी न होने से घरों में घुसा पानी
मुहम्मदाबाद क्षेत्र में हुई पहली बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। ग्राम डकोर में जलभराव की समस्या के चलते कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार पानी घरों में भरने से गेहूं, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं भीग गईं और नुकसान हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि विकासखंड कार्यालय के सामने स्थित करीब ढाई मीटर गहरे और चौड़े नाले की समय रहते सफाई नहीं होने से वर्षा का पानी निकासी नहीं पा सका। इसके चलते नाले का पानी आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में फैल गया और दर्जनों घर जलमग्न हो गए। लोगों को घंटों पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी।
मुहम्मदाबाद क्षेत्र में हुई पहली बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। ग्राम डकोर में जलभराव की समस्या के चलते कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार पानी घरों में भरने से गेहूं, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं भीग गईं और नुकसान हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि विकासखंड कार्यालय के सामने स्थित करीब ढाई मीटर गहरे और चौड़े नाले की समय रहते सफाई नहीं होने से वर्षा का पानी निकासी नहीं पा सका। इसके चलते नाले का पानी आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में फैल गया और दर्जनों घर जलमग्न हो गए। लोगों को घंटों पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी।
ग्रामीणों के मुताबिक बरसात से पहले नाले की सफाई कराए जाने की आवश्यकता थी। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी जल निकासी की समस्या की ओर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। पहली ही बारिश में जलभराव की स्थिति बनने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि नाले की तत्काल सफाई कराकर जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि आगामी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर न हो। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दिनों में बड़ी संख्या में परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।