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यूपी: फिर मंदाकिनी हाहाकारी, रामघाट की 200 दुकानों में भरा पानी; नदी का जलस्तर 18 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर
Sun, 27 Sep 2026 03:20 PM IST
Sharukh Khan
प्रशांत सैनी, संवाद न्यूज एंजेसी, चित्रकूट
प्रशांत सैनी, संवाद न्यूज एंजेसी, चित्रकूट
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 27 Sep 2026 03:20 PM IST
सार
यूपी के चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी ने हाहाकार मचाया हुआ है। रामघाट की 200 दुकानों में पानी भर गया है। नदी का जलस्तर 18 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर है। शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे जलस्तर खतरे के निशान से मामूली कम हुआ था।
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सरयू नाले के रपटे के ऊपर भरे पानी के बीच नाव निकालते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मध्य प्रदेश व पहाड़ों में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने मंदाकिनी नदी को फिर उफान पर ला दिया है। नदी का जलस्तर पिछले 18 घंटे से खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है।
शुक्रवार रात 11.30 बजे नदी का जलस्तर 127.200 मीटर पहुंचा था। जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से करीब पौन मीटर अधिक है। हालांकि शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे जलस्तर खतरे के निशान से मामूली कम हुआ है।
मंदाकिनी में उफान से रामघाट का आरती स्थल पूरी तरह डूब गया है। रामघाट की करीब 200 दुकानों में लगभग दो से तीन फीट पानी भर गया, जिससे दुकानदारों को सामान हटाना पड़ा। भरत मंदिर और मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर की सीढ़ियां भी जलमग्न हो गई हैं। उतारा बाजार जाने वाला रास्ता और छोटा पुल भी पानी में डूब गया है जिससे आवागमन बाधित हो गया।
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शुक्रवार रात 11.30 बजे नदी का जलस्तर 127.200 मीटर पहुंचा था। जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से करीब पौन मीटर अधिक है। हालांकि शनिवार दोपहर लगभग तीन बजे जलस्तर खतरे के निशान से मामूली कम हुआ है।
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मंदाकिनी में उफान से रामघाट का आरती स्थल पूरी तरह डूब गया है। रामघाट की करीब 200 दुकानों में लगभग दो से तीन फीट पानी भर गया, जिससे दुकानदारों को सामान हटाना पड़ा। भरत मंदिर और मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर की सीढ़ियां भी जलमग्न हो गई हैं। उतारा बाजार जाने वाला रास्ता और छोटा पुल भी पानी में डूब गया है जिससे आवागमन बाधित हो गया।
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सरयू नाले के रपटे के ऊपर से पानी बहने के कारण लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिले में पिछले तीन दिनों में करीब 100 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं, मध्य प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण मंदाकिनी में पानी लगातार बढ़ रहा है। पुलिस-प्रशासन ने घाटों पर बैरिकेडिंग कर लोगों को नदी के पास जाने से रोका है।
डीएम पुलकित गर्ग व एसपी अरुण कुमार सिंह रात में ही एनाउंस करते करते रहे कि सभी लोग घर व दुकान खाली कर दें। साथ ही अपील किया कि जिनके घर कच्चे, क्षतिग्रस्त हैं या पहाड़ों और नदियों के किनारे स्थित हैं वे तत्काल नजदीकी पंचायत भवन, विद्यालय या अन्य सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
छोटे पुल पर पानी, पैदल पुल बना सहारा
यूपी-एमपी सीमा के पास नयागांव व हनुमान धारा की ओर जाने वाला पुल पिछली बाढ़ में बह चुका है। इसके बाद रामघाट-उतारा बाजार के पास बने छोटे पुल से लोगों की आवाजाही हो रही थी। रात में जलस्तर बढ़ने से यह पुल भी डूब गया। अब लोगों को नदी के दूसरी ओर जाने के लिए रामघाट के लोहे के पैदल पुल का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी और बढ़ा तो यहां भी आवाजाही रोकनी पड़ सकती है।
यूपी-एमपी सीमा के पास नयागांव व हनुमान धारा की ओर जाने वाला पुल पिछली बाढ़ में बह चुका है। इसके बाद रामघाट-उतारा बाजार के पास बने छोटे पुल से लोगों की आवाजाही हो रही थी। रात में जलस्तर बढ़ने से यह पुल भी डूब गया। अब लोगों को नदी के दूसरी ओर जाने के लिए रामघाट के लोहे के पैदल पुल का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी और बढ़ा तो यहां भी आवाजाही रोकनी पड़ सकती है।
दुकानदारों ने समय रहते समेटा सामान
रामघाट में पानी बढ़ते ही दुकानदारों ने सामान हटाना शुरू कर दिया। दुकानदार रामसेवक, आदेश कुमार और सोमलता ने बताया कि पिछली बाढ़ में अचानक पानी बढ़ने से दुकान का सामान बह गया था। इस बार पानी बढ़ते ही सामान सुरक्षित स्थान पर रख दिया। वहीं, घाट में स्थित दुकानदारों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही दुकानें दोबारा जमाई थीं लेकिन नदी बढ़ने से कारोबार फिर प्रभावित हो रहा है।
रामघाट में पानी बढ़ते ही दुकानदारों ने सामान हटाना शुरू कर दिया। दुकानदार रामसेवक, आदेश कुमार और सोमलता ने बताया कि पिछली बाढ़ में अचानक पानी बढ़ने से दुकान का सामान बह गया था। इस बार पानी बढ़ते ही सामान सुरक्षित स्थान पर रख दिया। वहीं, घाट में स्थित दुकानदारों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही दुकानें दोबारा जमाई थीं लेकिन नदी बढ़ने से कारोबार फिर प्रभावित हो रहा है।
हाईवे पुल पर एक-एक करके निकले वाहन
मंदाकिनी का पानी बढ़ने के बाद झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी के पास पुल से वाहनों को एक-एक करके निकाला गया। इससे पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पिछली बाढ़ में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण उसका एक हिस्सा धंस गया था। इसी को देखते हुए इस बार सुरक्षा के लिए वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई।
मंदाकिनी का पानी बढ़ने के बाद झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी के पास पुल से वाहनों को एक-एक करके निकाला गया। इससे पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पिछली बाढ़ में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण उसका एक हिस्सा धंस गया था। इसी को देखते हुए इस बार सुरक्षा के लिए वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई।
मंडलायुक्त ने लिया जायजा
मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शनिवार सुबह मंडलायुक्त अजीत कुमार, एडीएम चंद्रशेखर, एसडीएम अजय यादव के साथ रामघाट के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थिति की जानकारी ली और जलस्तर कम होते ही साफ सफाई के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए। लोगों से भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई।
मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शनिवार सुबह मंडलायुक्त अजीत कुमार, एडीएम चंद्रशेखर, एसडीएम अजय यादव के साथ रामघाट के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थिति की जानकारी ली और जलस्तर कम होते ही साफ सफाई के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए। लोगों से भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई।