रसूलाबाद (कानपुर देहात)। तहसील क्षेत्र के चतुर निवादा और जसा निवादा गांव के बीच में मंगलवार को रजबहे की पटरी अचानक फट गई। इससे गांव के 10 किसानों की करीब सौ बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी सिंचाई विभाग के अफसरों को दी। विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी से फटी पटरी को बंद करा दिया।
किसानों को सिंचाई की व्यवस्था के लिए विभाग की ओर से रजबहों, माइनरों में इन दिनों पानी छोड़ा गया है। टेल तक पानी पहुंचे, इसके लिए पानी ज्यादा मात्रा में छोड़ा गया। पानी के तेज बहाव के चलते मंगलवार को रसूलाबाद क्षेत्र के चतुर निवादा और जसा निवादा के बीच रजबहे की पटरी फट गई। इससे किसानों के खेत जलमग्न हो गए। चतुर निवादा के तेज सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पहले ग्रामीणों ने फटी पटरी को बांध दिया था, लेकिन तेज बहाव से पानी आने के कारण वह दोबारा फट गई। जिससे गांव के राघवेंद्र तिवारी, कप्तान सिंह, सुंदरलाल, बांकेलाल, अमरपाल, इंद्रपाल, नन्हे, धीरज, रमेश बाबा तिवारी आदि किसानों के सौ बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर सिंचाई विभाग की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। विभाग के एसडीओ एके श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मदद से फटी पटरी को बांध दिया।