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Kanpur News: भाई से फोन पर कर रहा था बात...धमाके के साथ सीट से गिरा
Mon, 05 Aug 2024 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 05 Aug 2024 12:01 AM IST
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फोटो 43::::अस्पताल में जानकारी देते कविलाल। संवाद
- नेपाल निवासी कविलाल ने आयुर्विज्ञान विवि में बताया कि दो माह बाद है उसके भाई की शादी
- दिल्ली प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं, काम पर ही जाने के लिए नेपाल से लौट रहे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई। दो माह बाद भाई की शादी है। उसकी तैयारियों को लेकर ही फोन पर बात करते हुए मैं दिल्ली जा रहा था कि इस बीच धमाके के साथ अचानक नीचे गिर पड़ा। यह बात आंखों में आंसू भरे नेपाल निवासी कविलाल ने आयुर्विज्ञान विवि में कही।
उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। दो माह बाद छोटे भाई की शादी है। उसकी तैयारियों को देखने के लिए ही गांव गए थे। दो माह नौकरी करके मालिक से कुछ रुपये लेकर भाई की धूमधाम से शादी करनी है। इसके लिए शनिवार रात रायबरेली से दिल्ली के बस पकड़ी थी।
लगभग साढ़े 12 बजे भाई से फोन पर शादी की तैयारियों को लेकर ही बात हो रही थी कि अचानक बस में धमाका हुआ और मैं नीचे गिर पड़ा। जब तक कुछ समझ पाता तो कुछ लोगों के नीचे दब चुका था। आंख खुली तो बेसुध हालत में खुद को आयुर्विज्ञान अस्पताल में पाया। बताया कि उनका मोबाइल, बैग, रुपये सभी बस में छूट गए। अब दिल्ली तक कैसे जाएंगे इसकी भी चिंता सता रही है।
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फोटो 17
रोका था बेटा अभी मत जाओ...पर नहीं मेरा लाल और हमें छोड़कर चला गया
सैफई। बेटे की मौत की खबर सुनकर सचिन निवासी कन्नौज के पिता रविंद्र परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। यहां पिता रविंद्र ने रुधीं आंखों से कहा कि बेटे को इच्छा के अनुसार पढ़ाया और मेडिकल स्टोर खुलवाया था। उसने अचानक शुक्रवार को बाला जी जाने की बात कही थी। हमने रात में सफर करने के लिए मना किया था, लेकिन वह नहीं माना और मोनू के साथ चला गया। रात में हादसे की जानकारी मिली।
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फोटो 42::::पुलिस को जानकारी देते याशिर के दादा। संवाद
अल्लाह क्या गुनाह किया जो मेरे याशिर को छीन लिया
हादसे की जानकारी होने पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे अमेठी निवासी यासिर अल्वी के दादा मो. यासीन ने कहा कई बार हमारा नाती दिल्ली अपनी मौसी के यहां जाने के लिए कहता रहता था। हमने उसे कभी नहीं भेजा था। शनिवार को अचानक से उसका प्लान बन गया। हमने तब भी उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना। कहा था जल्दी लौट आएगा। रुंधे गले से बोले अल्लाह ऐसा क्या गुनाह कर दिया जो अपने पौत्र को अपने हाथों से कफन पहनाना पड़ रहा।
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- नेपाल निवासी कविलाल ने आयुर्विज्ञान विवि में बताया कि दो माह बाद है उसके भाई की शादी
- दिल्ली प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं, काम पर ही जाने के लिए नेपाल से लौट रहे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
सैफई। दो माह बाद भाई की शादी है। उसकी तैयारियों को लेकर ही फोन पर बात करते हुए मैं दिल्ली जा रहा था कि इस बीच धमाके के साथ अचानक नीचे गिर पड़ा। यह बात आंखों में आंसू भरे नेपाल निवासी कविलाल ने आयुर्विज्ञान विवि में कही।
उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। दो माह बाद छोटे भाई की शादी है। उसकी तैयारियों को देखने के लिए ही गांव गए थे। दो माह नौकरी करके मालिक से कुछ रुपये लेकर भाई की धूमधाम से शादी करनी है। इसके लिए शनिवार रात रायबरेली से दिल्ली के बस पकड़ी थी।
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लगभग साढ़े 12 बजे भाई से फोन पर शादी की तैयारियों को लेकर ही बात हो रही थी कि अचानक बस में धमाका हुआ और मैं नीचे गिर पड़ा। जब तक कुछ समझ पाता तो कुछ लोगों के नीचे दब चुका था। आंख खुली तो बेसुध हालत में खुद को आयुर्विज्ञान अस्पताल में पाया। बताया कि उनका मोबाइल, बैग, रुपये सभी बस में छूट गए। अब दिल्ली तक कैसे जाएंगे इसकी भी चिंता सता रही है।
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रोका था बेटा अभी मत जाओ...पर नहीं मेरा लाल और हमें छोड़कर चला गया
सैफई। बेटे की मौत की खबर सुनकर सचिन निवासी कन्नौज के पिता रविंद्र परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। यहां पिता रविंद्र ने रुधीं आंखों से कहा कि बेटे को इच्छा के अनुसार पढ़ाया और मेडिकल स्टोर खुलवाया था। उसने अचानक शुक्रवार को बाला जी जाने की बात कही थी। हमने रात में सफर करने के लिए मना किया था, लेकिन वह नहीं माना और मोनू के साथ चला गया। रात में हादसे की जानकारी मिली।
फोटो 42::::पुलिस को जानकारी देते याशिर के दादा। संवाद
अल्लाह क्या गुनाह किया जो मेरे याशिर को छीन लिया
हादसे की जानकारी होने पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे अमेठी निवासी यासिर अल्वी के दादा मो. यासीन ने कहा कई बार हमारा नाती दिल्ली अपनी मौसी के यहां जाने के लिए कहता रहता था। हमने उसे कभी नहीं भेजा था। शनिवार को अचानक से उसका प्लान बन गया। हमने तब भी उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना। कहा था जल्दी लौट आएगा। रुंधे गले से बोले अल्लाह ऐसा क्या गुनाह कर दिया जो अपने पौत्र को अपने हाथों से कफन पहनाना पड़ रहा।