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अयोध्या मसले पर फैसले का इंतजार: 20 नवंबर तक संघ के सभी कार्यक्रम स्थगित

Thu, 07 Nov 2019 07:49 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: देव कश्यप Updated Thu, 07 Nov 2019 07:49 AM IST
सार

  • रोज शाखाओं में जुटेंगे स्वयंसेवक
  • आज से 17 नवंबर तक स्वयंसेवकों की टीम करेगी शांति बनाए रखने की अपील

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Waiting for decision on Ayodhya Dispute, All programs of RSS postponed till 20th November
अयोध्या विवाद - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अयोध्या में विवादित स्थल के संबंध में इसी महीने आने वाले कोर्ट के फैसले के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने सभी कार्यक्रम 20 नवंबर तक स्थगित कर दिए हैं। साथ ही स्वयंसेवकों की एक टीम बनाने का फैसला लिया है, जो गुरुवार से 17 नवंबर तक जनता के सभी वर्गों के बीच जाएगी और उनसे शांति बनाए रखने की अपील करेगी।

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संघ का निर्देश है कि इस बीच शाखाएं बंद नहीं होंगी। वहां पर अनिवार्य रूप से स्वयंसेवकों को पहुंचकर ध्वज प्रणाम करना है। पिछले करीब 20 दिनों से संघ ने सभी बैठकों पर विराम लगा दिया है। वरिष्ठ पदाधिकारियों के जरिये पूरे प्रदेश में सिर्फ फैसले का इंतजार करने और फैसला आने पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं देने को कहा गया है।
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सोशल मीडिया पर भी फैसले के संबंध में किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया गया है। संघ प्रमुख की तरफ से सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर पूरे मामले पर नजर रखने को कहा गया है। रोज सुबह सभी प्रांतों के संघ भवनों में पदाधिकारी माहौल पर चर्चा करेंगे।

अयोध्या फैसले को देखते हुए कई कार्यक्रमों में बदलाव की तैयारी

अयोध्या मामले में आने वाले फैसले को देखते हुए कई आयोजनों में बदलाव हो सकता है। भाजपा के जिलाध्यक्षों का चुनाव आगे बढ़ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शहर आगमन के कार्यक्रम में भी फेरबदल संभव है।

भाजपा में मंडल अध्यक्षों के चुनाव के बाद इसी महीने 15 और 16 को जिलाध्यक्षों के मतदान की प्रक्रिया निर्धारित थी। बुधवार को पार्टी के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि अयोध्या मामले पर 15 तक फैसला आने की संभावना है, ऐसे में जिलाध्यक्षों के चुनाव की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है। चुनाव दिसंबर में में कराए जा सकते हैं। पार्टी प्रदेश भर की जिला इकाइयों में अध्यक्षों का चुनाव कराएगी।

कानपुर-बुंदेलखंड के सभी जिलों में इस बार जिलाध्यक्षों को बदले जाने पर विचार है। इसी तरह पीएम मोदी और राष्ट्रपति दोनों के इसी महीने कानपुर आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। मोदी पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ यहां गंगा नदी से जुड़े कई मसलों को लेकर बैठक करेंगे तो राष्ट्रपति को दो शिक्षण संस्थानों के कार्यक्रम में शामिल होना है।

जिला प्रशासन के अनुसार पीएम और राष्ट्रपति के आगमन का प्रोटोकाल 15 से 20 दिन पहले आ जाता है। माना जा रहा है कि अयोध्या मसले को देखते हुए अभी नहीं भेजा जा रहा है।

अयोध्या मामले में अपनों पर नजर   रखेंगी संघ परिवार की समितियां

अयोध्या मामले पर फैसले की तारीख नजदीक आने के साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने संगठनों से संबंधित लोगों को काबू में रखने के साथ हिंदू समाज की तरफ से भी कुछ ऐसा न होने देने के लिए कमर कस ली है जिससे माहौल बिगड़ जाए। पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं की इस मुद्दे पर बयानबाजी और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर टिप्पणियां डालने पर रोक लगाने के बाद संघ ने अपने संगठनों की सद्भाव समितियों के जरिये हिंदू समाज तथा सामान्य कार्यकर्ताओं से भी संपर्क व संवाद शुरू कर दिया है। जो उनसे हर परिस्थिति में शांति और धैर्य से रहने का आग्रह कर रहे हैं।

न किसी की जीत और न किसी की हार
ये लोगों से मिलकर उनसे अयोध्या मुद्दे पर फैसले से पहले या बाद में कोई प्रतिक्रिया न व्यक्त करने का अनुरोध कर रहे हैं। उन्हें समझा रहे हैं कि फैसला जो भी आए उसे धैर्य और संयम से सुनें। निर्णय को न तो किसी की जीत मानें और न किसी की हार। इसलिए पक्ष में आए तो खुशियां मनाने की जरूरत नहीं है। अपेक्षा के अनुरूप न आए तो उस पर आक्रोश व्यक्त करने की भी आवश्यकता नहीं है।  किसी भी कीमत पर सौहार्द बनाए रखें। साथ ही अपने आसपास के लोगों पर नजर रखें।

छोटे-छोटे समूह से मोर्चा बंदी
समाज में सौहार्द को लेकर संघ की चिंता को इसी से समझा जा सकता है कि उसने अति उत्साही लोगों और असामाजिक तत्वों पर निगाह रखने के लिए स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे समूह बनाने को कहा है। संघ से जुड़े सभी संगठनों के स्थानीय जिम्मेदार पदाधिकारियों को समूह बनाकर अपने गांव या मोहल्ले में इस मुद्दे लोगों से संपर्क व संवाद रखने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि मुस्लिम बस्तियों में जाकर भी उन्हें समझाएं और सौहार्द तथा मेलजोल बनाए रखने का आग्रह करें।

अनुशासन पर कड़ी नजर
विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा भी बताते हैं कि संगठन की प्राथमिकता समाज में सद्भाव बनाए रखने पर है। हम अनुशासित संगठन के कार्यकर्ता हैं, इसलिए किसी भी कीमत पर अनुशासन बिगाड़ने की छूट किसी को भी नहीं दी जाएगी। इसके लिए हमारे संगठन के प्रमुख कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और लोगों पर नजर रखे हैं।

20 नवंबर तक संघ के सभी कार्यक्रम स्थगित
कानपुर। अयोध्या में विवादित स्थल के संबंध में इसी महीने आने वाले कोर्ट के फैसले के मद्देनजर आरएसएस ने अपने सभी कार्यक्रम 20 नवंबर तक स्थगित कर दिए हैं। साथ ही स्वयंसेवकों की एक टीम बनाने का फैसला लिया है, जो बृहस्पतिवार से 17 नवंबर तक जनता के सभी वर्गों के बीच जाएगी और उनसे शांति बनाए रखने की अपील करेगी। संघ का निर्देश है कि इस बीच शाखाएं बंद नहीं होंगी। वहां पर अनिवार्य रूप से स्वयंसेवकों को पहुंचकर ध्वज प्रणाम करना है। पिछले करीब 20 दिनों से संघ ने सभी बैठकों पर विराम लगा दिया है। 

अयोध्या फैसले को देखते हुए कई कार्यक्रमों में बदलाव की तैयारी
कानपुर। अयोध्या मामले में आने वाले फैसले को देखते हुए कई आयोजनों में बदलाव हो सकता है। 15 और 16 नवंबर को होने वाला भाजपा के जिलाध्यक्षों का चुनाव आगे बढ़ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कानपुर आगमन के कार्यक्रम में भी फेरबदल संभव है। जिला प्रशासन के अनुसार पीएम और राष्ट्रपति के आगमन का प्रोटोकाल 15 से 20 दिन पहले आ जाता है। माना जा रहा है कि अयोध्या मसले को देखते हुए अभी नहीं भेजा जा रहा है।

मंजूर होगा अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: जमीयत 

देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा ए हिन्द ने बुधवार को कहा कि राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उसे स्वीकार होगा। साथ ही संगठन ने मुस्लिमों से फैसले की इज्जत करने की भी गुजारिश की।

जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने जोर देकर कहा कि मस्जिद को ले कर मुसलमानों का दावा पूरी तरह से ऐतिहासिक तथ्य एवं साक्ष्यों पर आधारित है। वह यह कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी मंदिर या किसी उपासना स्थल को तोड़ कर नहीं किया गया था। उन्होंने यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने सभी से अपील की कि फैसला कुछ भी आए, वे अमन बनाए रखें। 

जमीयत की ओर से जारी एक बयान में उनके हवाले से कहा गया कि अयोध्या का मसला महज जमीन का मामला नहीं है बल्कि कानून की सर्वोच्चता का इम्तहान है। मदनी ने कहा कि हर इंसाफ पसंद इंसान इस मामले में फैसला जमीनी हकीकतों एवं सुबूतों की बिनाह पर चाहता है, न कि मजहब की बुनियाद पर। साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि यह मसला सिर्फ मालिकाना हक का है।  

भारत नेपाल सीमा पर आपरेशन अलर्ट जारी

भारत नेपाल सीमा सोनौली सरहद से आतंकी घुसपैठ की आशंकाओं के मद्देनजर बार्डर पर सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। जिसको लेकर सीमा पर जांच पड़ताल की जा रही है। अयोध्या प्रकरण पर आने फैसले को लेकर अभी से पुलिस शांति व्यवस्था बनाने में जुटी है। साथ ही भारत सरकार की खुफिया एजेंसी आईबी ने सरहद पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। 

भारत सरकार गृहमंत्रालय के निर्देश पर एसएसबी ने सीमा पर पूरे नवंबर महीने को ऑपरेशन अलर्ट जारी कर रखा है। सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से जहां नो मेंस लैंड के करीब गश्त कर रही हैं। वही सरहद के सभी पगडंडियों पर कड़ा पहरा है।

मंगलवार की रात करीब 11 बजे आईबी की पांच सदस्यीय टीम सरहद पर पहुंच कर स्थानीय पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों से मिलकर सीमा पर चौकसी की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि अधिकारी रात भर सरहद पर जमे रहे और पुलिस एवं एसएसबी के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं।

सीमा सुरक्षा बल के साथ सिविल पुलिस और खुफिया एजेंसियां काफी सर्तक हो गईं है। नेपाल से आने वाले लोगों व वाहनों की डॉग स्क्वॉयड, मेटल डिटेक्टर व मिरर डिटेक्टर से चेकिंग की जा रही है। संदिग्ध प्रतीत होने पर उनके फोटो तथा नाम पते एक रजिस्टर में दर्ज करने के साथ उनके आईडी प्रूफ की भी जांच जवान गहनता से कर रहे हैं। सीमा क्षेत्र के सभी चेक पोस्ट पर जवानों की संख्या बढ़ाते हुए गश्त तेज कर दी गईं है। 

 क्षेत्राधिकारी नौतनवा राजू कुमार साव ने बताया कि सीमा पर आपरेशन अलर्ट जारी है। एसएसबी के साथ चेक पोस्टों पर गश्त तेज कर दी गई है। सीमा पार से आने वाले संदिग्ध यात्रियों देशी, विदेशी, पर्यटकों से पूछताछ के बाद ही छोड़ा जा रहा है। सीमा पर होने वाली प्रत्येक हलचल पर पुलिस की पैनी नजर रखी है।

बरेली जोन में 6285 उपद्रवी चिह्नित अयोध्या फैसले को लेकर अलर्ट

अयोध्या मामले में आने वाले फैसले के मद्देनजर हाई अलर्ट पर आई पुलिस ने बरेली जोन में बुधवार तक 6285 उपद्रवी लोगों की पहचान की है। इसके तहत जोन के सभी नौ जिलों में सबसे ज्यादा उपद्रवी बदायूं में चिह्नित किए गए। यहां इनकी संख्या 1516 रही। वहीं सबसे कम उपद्रवी अमरोहा में चिह्नित हुए हैं जहां इनकी संख्या केवल 58 बताई गई। 

पुलिस इन चिह्नित लोगों पर लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही इन उपद्रवी तत्वों को चेतावनी भी जारी की जा रही है। एडीजी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बरेली में 440, बदायूं में 1516, पीलीभीत में 124, शाहजहांपुर में 675, मुरादाबाद में 1282, बिजनौर में 403, रामपुर में 1410, अमरोहा में 58 व संभल में 377 उपद्रवियों की पहचान की गई है।  

पुलिस के रात्रि पास भी निरस्त 
प्रदेश सरकार के निर्देशों के तहत बरेली जोन के सभी नौ जिलों के पुलिस कर्मचारियों के रात्रि पास भी निरस्त कर दिए गए हैं। अब पुलिस कर्मी रात के समय भी थाना या पुलिस लाइन में उपस्थित रहेंगे। शासन ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां पहले ही रद्द कर दी हैं।
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