विराट हत्याकांड: पूछताछ में हत्यारोपी बोला- मुझे गालियां दीं...मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और दबा दिया गला
कानपुर में बादशाही नाका निवासी सात वर्षीय विराट 11 अक्तूबर की रात लापता हुआ था। बीते शुक्रवार को उसका शव निर्माणाधीन बादशाही नाका थाने के पीछे सार्वजनिक शौचालय में पड़ा मिला था। आरोपी ने बताया कि पहले उसने विराट को दो तीन थप्पड़ मारे थे। उसके बाद विराट ने गाली देते हुए कहा था कि वह अभी अपने घर वालों को बताएगा। यह सुनकर धर्मवीर ने दोबारा उसको पकड़ा और गला दबा दिया।
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कानपुर में बादशाही नाका में सब्जी आढ़ती रीटू सोनकर उर्फ भीम के सात साल के बेटे विराट को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी धर्मवीर यादव ने पूछताछ में पुलिस के सवालों के जवाब बेखौफ दिए। वह बोला कि विराट व उसके भाई व दोस्त उसे परेशान करते थे।
यह मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ। मेरी जात भी ऊंची थी। पिछले एक दो महीने से यही चल रहा था। इसलिए उस रात विराट को मारा। यह सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान थे कि आखिर मामूली सी बात पर एक मासूम की इस तरह कोई कैसे हत्या कर सकता है। डीसीपी ने बताया कि दो महीने पहले ही धर्मवीर बतौर केयरटेकर काम करने आया था। पास के रैन बसेरा में वह रहता था। धर्मवीर ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले में भीम सोनकर व उसके भाइयों के बच्चे रहते हैं। यह भी उसको परेशान करते थे।
कभी गालियां देते थे तो कभी कुछ और कहकर चिढ़ाते थे। इसलिए वह इन सभी से खुन्नस रखने लगा था। उस रात धर्मवीर भयंकर शराब के नशे में था। इसी दौरान विराट ने शरारत की तो धर्मवीर भड़का और वारदात को अंजाम दिया।
मां की गाली दी तो और भड़का था धर्मवीर
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पहले उसने विराट को दो तीन थप्पड़ मारे थे। उसके बाद विराट ने गाली देते हुए कहा था कि वह अभी अपने घर वालों को बताएगा। यह सुनकर धर्मवीर ने दोबारा उसको पकड़ा और गला दबा दिया। नशे में होने के कारण उसको समझ ही नहीं आया कि गला कितनी जोर से दबा रहा है।
फर्जी खबर छपी, भड़के परिजन, जाम लगाने का प्रयास
बुधवार को हत्याकांड से संबंधित खबर एक समाचार पत्र में छपी। जिसमें खुलासे करते हुए लिखा गया कि चोरी के शक में विराट की हत्या की गई। आरोपी का नाम ओमवीर लिखा गया। बुधवार को खबर पढ़ने के बाद पीड़ित परिजन आक्रोशित हो गए। 40-50 लोगों की भीड़ ने बादशाही नाका थाने पहुंच घेराव किया। सड़क जाम करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सात साल के बच्चे को चोर बना दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बमुश्किल उनको समझा सके। तब मामला शांत हुआ। इस प्रकरण में पीड़ित परिजनों ने तहरीर भी दी है।
पुलिस जहमत उठाती, तो पहले ही पकड़ा जाता आरोपी
11 सितंबर की रात विराट लापता हुआ था। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया था लेकिन उसको तलाश करने की जहमत नहीं उठाई थी। जब लोगों ने शौचालय में शव मिलने की सूचना दी थी तब पुलिस सक्रिय होकर छानबीन शुरू की थी। अगर उसी रात तलाश शुरू करती तो शौचालय पास में ही था। शव भी उसी रात मिल जाता और आरोपी भी उस रात रैन बसेरा में ही था।