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'दावे कुछ हकीकत कुछ और ही...', वेबसाइट पर दिखाए शौचालय, फोटो में हुआ खेेल
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 02 Jul 2018 08:02 AM IST
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एसबीएम की वेबसाइट पर अपलोड फोटो, शौचालय निर्माण के बारे में पूछते सांडी विधायक
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के हरदोई जिले में केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाले स्वच्छ भारत मिशन में भ्रष्टाचार और गलत रिपोर्टिंग का रोग लग गया है। केंद्र सरकार की वेबसाइट पर जिन शौचालयों को पूर्ण दिखाकर फोटो अपलोड कर दी गई वह हकीकत की जमीन कहीं नहीं मिले। लाभार्थियों, ग्राम प्रधान और एडीओ पंचायत तक को बजट जारी होने, शौचालय निर्माण पूर्ण होने के साथ ही उनकी फोटो अपलोड होने की जानकारी नहीं है। पूरी हकीकत तब सामने आई जब सांडी के विधायक प्रभाष कुमार ने भारत सरकार की वेबसाइट पर पंचायत राज विभाग की ओर से शौचालय की पूर्ण फोटो के साथ डाले गए ब्यौरे का गांवों में जाकर मिलान किया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को आगामी दो अक्टूबर तक ओडीएफ (ओपेन डिफिसिट फ्री/ खुले में शौच से मुक्त) करना है। जनपद में पंचायत राज विभाग के अधीन तैनात अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारी ग्रामों को ओडीएफ करने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी ने गलत रिपोर्टिंग का पलीता लगा दिया है। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा लगातार केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से हो रही है।
समीक्षा का आधार मिशन की वेबसाइट पर आनलाइन भरे जाने वाले आंकड़े होते हैं। इन आंकड़ों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। रविवार को सांडी के विधायक प्रभाष कुमार अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सांडी विकास खंड के ग्राम उल्लामऊ पहुंचे। यहां उन्हें एक भी परिवार में शौचालय नहीं मिला। आश्चर्य तब हुआ जब पता चला कि केंद्र सरकार को आनलाइन भेजी गई रिपोर्ट में उल्लामऊ के 175 लाभार्थियों के बैंक खाते में शौचालय निर्माण के लिए बजट भेजे जाने का उल्लेख है।
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इनमें से 37 लाभार्थियों के बैंक खातों में 12-12 हजार रुपये और शेष 138 लाभार्थियों के बैंक खातों में छह-छह हजार रुपये पहली किस्त के रूप में भेजा जाना दर्शाया गया है। सभी शौचालयों को पूर्ण बताकर लाभार्थी के साथ इनकी फोटो भी अपलोड करा दी गई है। इसी तरह सांडी देहात के गांव भौराजपुर में भी एक भी शौचालय निर्मित नहीं मिला, लेकिन 100 से अधिक लाभार्थियों को छह-छह हजार रुपये दिए जाना दर्शाया गया है। पूर्ण निर्मित शौचालय की फोटो आनलाइन अपलोड है। विधायक प्रभाष कुमार इस गोलमाल की जानकारी पर अपनी विधानसभा क्षेत्र के गांव पट्टी भी गए। यहां 219 लाभार्थियों के बैंक खातों में शौचालय निर्माण के लिए बजट भेजा जाना आनलाइन नजर आ रहा है, लेकिन एक भी शौचालय गांव में नहीं बने हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को आगामी दो अक्टूबर तक ओडीएफ (ओपेन डिफिसिट फ्री/ खुले में शौच से मुक्त) करना है। जनपद में पंचायत राज विभाग के अधीन तैनात अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारी ग्रामों को ओडीएफ करने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी ने गलत रिपोर्टिंग का पलीता लगा दिया है। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा लगातार केंद्र और राज्य सरकार के स्तर से हो रही है।
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समीक्षा का आधार मिशन की वेबसाइट पर आनलाइन भरे जाने वाले आंकड़े होते हैं। इन आंकड़ों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। रविवार को सांडी के विधायक प्रभाष कुमार अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सांडी विकास खंड के ग्राम उल्लामऊ पहुंचे। यहां उन्हें एक भी परिवार में शौचालय नहीं मिला। आश्चर्य तब हुआ जब पता चला कि केंद्र सरकार को आनलाइन भेजी गई रिपोर्ट में उल्लामऊ के 175 लाभार्थियों के बैंक खाते में शौचालय निर्माण के लिए बजट भेजे जाने का उल्लेख है।
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इनमें से 37 लाभार्थियों के बैंक खातों में 12-12 हजार रुपये और शेष 138 लाभार्थियों के बैंक खातों में छह-छह हजार रुपये पहली किस्त के रूप में भेजा जाना दर्शाया गया है। सभी शौचालयों को पूर्ण बताकर लाभार्थी के साथ इनकी फोटो भी अपलोड करा दी गई है। इसी तरह सांडी देहात के गांव भौराजपुर में भी एक भी शौचालय निर्मित नहीं मिला, लेकिन 100 से अधिक लाभार्थियों को छह-छह हजार रुपये दिए जाना दर्शाया गया है। पूर्ण निर्मित शौचालय की फोटो आनलाइन अपलोड है। विधायक प्रभाष कुमार इस गोलमाल की जानकारी पर अपनी विधानसभा क्षेत्र के गांव पट्टी भी गए। यहां 219 लाभार्थियों के बैंक खातों में शौचालय निर्माण के लिए बजट भेजा जाना आनलाइन नजर आ रहा है, लेकिन एक भी शौचालय गांव में नहीं बने हैं।
कौन हड़प गया शौचालय का बजट
शौचालय निर्माण के बारे में पूछते सांडी विधायक
- फोटो : अमर उजाला
अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस और नेफ्ट की इंट्री
स्वच्छ भारत मिशन की आनलाइन वेबसाइट में की गई अपलोडिंग में लाभार्थियों के बैंक खातों में नेफ्ट और आरटीजीएस के जरिये पहली किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये भेजा जाना दर्शाया गया है। अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस और नेफ्ट की इंट्री है, लेकिन लाभार्थियों के बैंक खातों में शौचालय निर्माण के लिए दी जाने वाली पहली किस्त पहुंची नहीं है।
कौन हड़प गया शौचालय का बजट
एक शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को 12 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाने का दावा विभागीय अधिकारी करते हैं। जबकि स्वच्छ भारत मिशन के लाभार्थियों के बैंक खाते में छह-छह हजार रुपये की दो किस्त दी जाती हैं। सांडी विकास खंड के ग्राम उल्लामऊ में 138 लाभार्थियों के खाते में छह-छह हजार रुपये के हिसाब से 8 लाख 28 हजार रुपये भेजे गए हैं। 37 लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना के हैं और इनके खातों में 4 लाख 44 हजार रुपये गए हैं। इस लिहाज से देखें तो सिर्फ उल्लामऊ में ही 12 लाख 72 हजार रुपये का गोलमाल हुआ है। इसी तरह अहिरोरी विकास खंड के पट्टी में 229 शौचालयों के निर्माण के लिए रुपया भेजे जाने का दावा है। 13 लाख 14 हजार रुपये कहां गए, इसका कोई हिसाब नहीं है।
एडीओ बोले, हमसे तो सूची मांगी, कुछ नहीं पता
सांडी के एडीओ पंचायत राजेश मिश्रा ने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने शौचालय निर्माण के लिए पात्रों की सूची मांगी थी। उन्होंने सूची दे दी थी। ये सूची स्वच्छ भारत मिशन की आनलाइन वेबसाइट पर कब और किसने लोड कर दी, इसकी कोई जानकारी उनके पास नहीं है। वह कहते हैं कि उनकी जानकारी में तो पात्रों को अभी तक शौचालय निर्माण के लिए बजट ही जारी नहीं हुआ है। शौचालय पूर्ण होने और इसकी फोटो अपलोड किए जाने पर भी उन्होंने अनभिज्ञता जताई।
विधायक बोले : डीएम और पंचायत राज मंत्री को बताएंगे हकीकत
सांडी विधायक प्रभाष कुमार ने बताया कि उन्हें कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में धांधली हो रही है। कागजों और कंप्यूटर पर शौचालय बन रहे हैं, लेकिन हकीकत में शौचालय निर्माण नहीं हो रहा। इसी के कारण रविवार को पूरे आंकड़े और सूची लेकर हकीकत देखने निकले तो पैरों तले जमीन खिसक गई। इस तरह की धांधली जिले में पंचायत राज विभाग कर रहा है, जो बर्दाश्त नहीं है। पूरे मामले में जिलाधिकारी और पंचायत राज मंत्री से मिलकर अभिलेख सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
शौचालय नहीं, फोटो में हुआ खेेल
उल्लामऊ निवासी विट्टा पत्नी शिवबहादुर के बैंक खाते में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए छह हजार रुपये भेजे गए। इसकी जानकारी विट्टा को नहीं है और उनके अकाउंट में भी ये बजट नहीं है। 26 मई 2018 की रात 11 बजकर 20 मिनट पर विट्टा की निर्मित शौचालय के आगे खड़े हुए फोटो आनलाइन फीड हो चुकी है। विधायक प्रभाष ने उनसे शौचालय दिखाने को कहा तो वह बोलीं बना ही नहीं। माना जा रहा है कि आधुनिक तकनीक और इंटरनेट का इस्तेमाल कर यह खेल किया गया है।
निदेशक बोले
पंचायत राज विभाग के निदेशक आकाश दीप ने कहा कि अगर ऐसा है, तो ये बहुत बड़ी गड़बड़ी है। विस्तार से इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
स्वच्छ भारत मिशन की आनलाइन वेबसाइट में की गई अपलोडिंग में लाभार्थियों के बैंक खातों में नेफ्ट और आरटीजीएस के जरिये पहली किस्त के रूप में छह-छह हजार रुपये भेजा जाना दर्शाया गया है। अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस और नेफ्ट की इंट्री है, लेकिन लाभार्थियों के बैंक खातों में शौचालय निर्माण के लिए दी जाने वाली पहली किस्त पहुंची नहीं है।
कौन हड़प गया शौचालय का बजट
एक शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को 12 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाने का दावा विभागीय अधिकारी करते हैं। जबकि स्वच्छ भारत मिशन के लाभार्थियों के बैंक खाते में छह-छह हजार रुपये की दो किस्त दी जाती हैं। सांडी विकास खंड के ग्राम उल्लामऊ में 138 लाभार्थियों के खाते में छह-छह हजार रुपये के हिसाब से 8 लाख 28 हजार रुपये भेजे गए हैं। 37 लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना के हैं और इनके खातों में 4 लाख 44 हजार रुपये गए हैं। इस लिहाज से देखें तो सिर्फ उल्लामऊ में ही 12 लाख 72 हजार रुपये का गोलमाल हुआ है। इसी तरह अहिरोरी विकास खंड के पट्टी में 229 शौचालयों के निर्माण के लिए रुपया भेजे जाने का दावा है। 13 लाख 14 हजार रुपये कहां गए, इसका कोई हिसाब नहीं है।
एडीओ बोले, हमसे तो सूची मांगी, कुछ नहीं पता
सांडी के एडीओ पंचायत राजेश मिश्रा ने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने शौचालय निर्माण के लिए पात्रों की सूची मांगी थी। उन्होंने सूची दे दी थी। ये सूची स्वच्छ भारत मिशन की आनलाइन वेबसाइट पर कब और किसने लोड कर दी, इसकी कोई जानकारी उनके पास नहीं है। वह कहते हैं कि उनकी जानकारी में तो पात्रों को अभी तक शौचालय निर्माण के लिए बजट ही जारी नहीं हुआ है। शौचालय पूर्ण होने और इसकी फोटो अपलोड किए जाने पर भी उन्होंने अनभिज्ञता जताई।
विधायक बोले : डीएम और पंचायत राज मंत्री को बताएंगे हकीकत
सांडी विधायक प्रभाष कुमार ने बताया कि उन्हें कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में धांधली हो रही है। कागजों और कंप्यूटर पर शौचालय बन रहे हैं, लेकिन हकीकत में शौचालय निर्माण नहीं हो रहा। इसी के कारण रविवार को पूरे आंकड़े और सूची लेकर हकीकत देखने निकले तो पैरों तले जमीन खिसक गई। इस तरह की धांधली जिले में पंचायत राज विभाग कर रहा है, जो बर्दाश्त नहीं है। पूरे मामले में जिलाधिकारी और पंचायत राज मंत्री से मिलकर अभिलेख सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
शौचालय नहीं, फोटो में हुआ खेेल
उल्लामऊ निवासी विट्टा पत्नी शिवबहादुर के बैंक खाते में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए छह हजार रुपये भेजे गए। इसकी जानकारी विट्टा को नहीं है और उनके अकाउंट में भी ये बजट नहीं है। 26 मई 2018 की रात 11 बजकर 20 मिनट पर विट्टा की निर्मित शौचालय के आगे खड़े हुए फोटो आनलाइन फीड हो चुकी है। विधायक प्रभाष ने उनसे शौचालय दिखाने को कहा तो वह बोलीं बना ही नहीं। माना जा रहा है कि आधुनिक तकनीक और इंटरनेट का इस्तेमाल कर यह खेल किया गया है।
निदेशक बोले
पंचायत राज विभाग के निदेशक आकाश दीप ने कहा कि अगर ऐसा है, तो ये बहुत बड़ी गड़बड़ी है। विस्तार से इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।