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विनीत मिनोचा हत्याकांड: मजिस्ट्रेट को बयान देने की अर्जी ने बढ़ाई पुलिस व सुब्रत की धड़कनें, आया नया मोड़
Sat, 19 Sep 2026 11:53 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:53 PM IST
सार
पीसीआर के लिए आई शालू के अधिवक्ता ने कोर्ट में 164 के बयान की अर्जी दी। 22 सितम्बर को अगली सुनवाई होगी।
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दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। शनिवार को पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) की सुनवाई के लिए जेल से कोर्ट पहुंची शालू के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि वह मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान देना चाहती है। वहीं, अभियोजन ने इसका विरोध किया। इसपर कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की है। बयान की अनुमति मिले या न मिले लेकिन शालू की ओर से दी गई इस अर्जी ने पुलिस और सुब्रत दोनों की धड़कनें जरूर बढ़ा दी हैं। बयानों में अगर शालू अब तक की पुलिस की कार्रवाई को गलत बताती है तो सवाल उठना तय है कि फिर कारोबारी विनीत की हत्या किसने कराई।
बता दें कि कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित फ्लैट में पांच सितंबर को विनीत मिनोचा (65) की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने विनीत की बहू शालू, उनके पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को जेल भेजा था। पिछले दिनों विवेचक ने जेल में बंद शालू और विशाल के बयान दर्ज किए थे। बयान के आधार पर विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में दोनों 24 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दी थी। रिमांड के माध्यम से पुलिस फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद कराने का प्रयास करेगी।
इसी सुनवाई के लिए जेल से तीनों आरोपियों को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान शालू के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शालू के जिस बयान के आधार पर विवेचक पीसीआर मांग रहे हैं वह बयान शालू के हैं ही नहीं। नियमानुसार आरोपी के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होनी चाहिए लेकिन विवेचक ने ऐसा नहीं किया। इसलिए शालू कोर्ट को सच्चाई बताना चाहती है। इस पर अभियोजन अधिकारी ने कहा कि कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।
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बता दें कि कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित फ्लैट में पांच सितंबर को विनीत मिनोचा (65) की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने विनीत की बहू शालू, उनके पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को जेल भेजा था। पिछले दिनों विवेचक ने जेल में बंद शालू और विशाल के बयान दर्ज किए थे। बयान के आधार पर विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में दोनों 24 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दी थी। रिमांड के माध्यम से पुलिस फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद कराने का प्रयास करेगी।
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इसी सुनवाई के लिए जेल से तीनों आरोपियों को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान शालू के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शालू के जिस बयान के आधार पर विवेचक पीसीआर मांग रहे हैं वह बयान शालू के हैं ही नहीं। नियमानुसार आरोपी के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी होनी चाहिए लेकिन विवेचक ने ऐसा नहीं किया। इसलिए शालू कोर्ट को सच्चाई बताना चाहती है। इस पर अभियोजन अधिकारी ने कहा कि कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।
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दवा कारोबारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
बदल सकती है हत्याकांड की जांच की दिशा
कोर्ट शालू के अधिवक्ता की अर्जी को स्वीकार करती है या नहीं यह तो 22 को पता चलेगा लेकिन अगर बयान देने की अनुमति मिलती है तो विवेचना की दिशा बदल सकती है। हालांकि, पुलिस ने शालू को जेल भेजने के बाद भी अपनी जांच बंद नहीं की है। कहीं न कहीं किसी और के भी शामिल होने की आशंका के चलते दवा कारोबारी विनीत के परिजन से पूछताछ कर रही है। ऐसे में यदि शालू ने अपने 164 के बयान में किसी का नाम ले लिया तो उस पर शक की सुई घूम जाएगी।
कोर्ट शालू के अधिवक्ता की अर्जी को स्वीकार करती है या नहीं यह तो 22 को पता चलेगा लेकिन अगर बयान देने की अनुमति मिलती है तो विवेचना की दिशा बदल सकती है। हालांकि, पुलिस ने शालू को जेल भेजने के बाद भी अपनी जांच बंद नहीं की है। कहीं न कहीं किसी और के भी शामिल होने की आशंका के चलते दवा कारोबारी विनीत के परिजन से पूछताछ कर रही है। ऐसे में यदि शालू ने अपने 164 के बयान में किसी का नाम ले लिया तो उस पर शक की सुई घूम जाएगी।
सोफे पर बैठी गमगीन बहू और अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसलिए तो शालू नहीं देना चाहती बयान
- क्या शालू कोर्ट को वाकई कोई सच्चाई बताना चाहती है या फिर जांच को भटकाने का प्रयास कर रही है।
- शालू कहीं मिनोचा परिवार का कोई राज तो सबके सामने नहीं लाना चाहती है।
- परिवार में पैसों की जरूरत शालू के अलावा सुब्रत को भी थी, फिर उसने अकेले ही क्यों षड्यंत्र रचा।
- हत्या की रात से लेकर अगले दिन सुबह तक सुब्रत और शालू साथ रहे इस दौरान दोनों में क्या बातचीत हुई।
- पुलिस के मुताबिक हत्या की सुपारी छह लाख में दी गई लेकिन हत्यारों को एक रुपया भी क्यों नहीं मिला।
- पांच सितंबर की रात तक सुब्रत से शालू के अच्छे संबंध में सिर्फ विशाल के बयान ने ही खटास क्यों डाल दी।
- क्या शालू कोर्ट को वाकई कोई सच्चाई बताना चाहती है या फिर जांच को भटकाने का प्रयास कर रही है।
- शालू कहीं मिनोचा परिवार का कोई राज तो सबके सामने नहीं लाना चाहती है।
- परिवार में पैसों की जरूरत शालू के अलावा सुब्रत को भी थी, फिर उसने अकेले ही क्यों षड्यंत्र रचा।
- हत्या की रात से लेकर अगले दिन सुबह तक सुब्रत और शालू साथ रहे इस दौरान दोनों में क्या बातचीत हुई।
- पुलिस के मुताबिक हत्या की सुपारी छह लाख में दी गई लेकिन हत्यारों को एक रुपया भी क्यों नहीं मिला।
- पांच सितंबर की रात तक सुब्रत से शालू के अच्छे संबंध में सिर्फ विशाल के बयान ने ही खटास क्यों डाल दी।