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Banda: बंदरों के हमले से दहशत में हैं ग्रामीण, डीएम से लगाई थी गुहार, सिर्फ नसीहत देकर लौट गई टीम

Fri, 06 Jan 2023 11:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 06 Jan 2023 11:18 AM IST
सार

तिंदवारी थाना क्षेत्र छह महीनों में बंदरों का आंतक बहुत बढ़ गया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने डीएम से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई थी। वन विभाग के अधिकारी खानापूर्ति कर लौट गए हैं।

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Villagers are in panic due to the attack of monkeys in banda, the team returned after giving only advice
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र में बंदर के छत से फेंक देने से दो माह के बच्चे की हुई मौत के दूसरे दिन बुधवार को वन विभाग के अधिकारी छापर गांव पहुंचे। अधिकारी सिर्फ पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों से मिलकर बंदरों से दूर रहने की नसीहत देकर लौट आए। वनाधिकारी बंदरों को खदेड़ने से भी कतरा रहे हैं।

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बुधवार छापर गांव पहुंचे वन विभाग के डीएफओ संजय अग्रवाल ने पीड़ित परिवार के परिजनों से बात की, उन्होंने कहा यदि आप बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाए होते तो मुआवजा मिल पाना संभव था। परिजनों और वहां मौजूद ग्रामीणों को बंदरों से बचकर रहने, उन्हें खाना आदि न देने, बच्चों को बाहर और अकेले न रहने देने की सलाह दी।
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डीएफओ संजय अग्रवाल से ग्रामीणों ने बंदरों के खदेड़ने की बात कही, लेकिन उन्होंने कोई जवाब न देकर आगरा स्थित बंदर पकड़ने वाली एक एजेंसी का मोबाइल नंबर बता दिया। शिवपूजन, शिवबली, कन्हैया, रामलखन, शिवमती का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी खानापूर्ति कर लौट गए हैं।

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बंदर पकड़ने वाली एजेंसी एक लाख रुपये मांग रही है। ऐसे में जब बंदर जानलेवा हो गए हैं, तो वन विभाग की टीम को कम से कम यहां से बंदरों को खदेड़ ही देना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बंदर पकड़वाने की मांग की है। टीम में एसडीओ प्रमिला, उप वनाधिकारी राजेश सिंह चौहान, वन दरोगा रामप्रसाद, रेंजर सत्येंद्र रहे।

छह माह में कई हो चुके घायल
पिपरगवां गांव में भी बंदरों का आतंक है। करीब छह माह में लगभग दर्जनभर लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं। बंदरों के काटने पर तमाम ग्रामीणों को पीएचसी और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाना पड़ी। अभी भी बंदरों का आतंक है। ग्रामीण लगातार इन्हें पकड़वाने के लिए उच्चाधिकारियों से मांग कर रहे हैं।

बंदरों के हमले में महिला की भी गिरने से हो चुकी है मौत
तिंदवारी ब्लॉक के छापर गांव में ही दो माह पूर्व भी 65 वर्षीय तेजनिया बंदरों के खदेडने गई थी। इस दौरान बंदरों ने उस पर हमला कर दिया था। बंदरों से बचने के लिए भागने समय वह छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। परिजन उसे अस्पताल लाने की तैयारी कर रहे थे। तब तक उसने दम तोड़ दिया था।

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