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Kanpur News: 2875 दंपती के सम्मान निधि लेने का सत्यापन बाकी
Fri, 09 May 2025 01:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 09 May 2025 01:06 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में नियम तोड़कर प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ दंपती ले रहे हैं। शासन की ओर से 7834 चिह्नित प्रकरणों के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे। मगर सत्यापन की गति सुस्त है। दो माह में 4959 मामलों का सत्यापन हो सका है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पूरे साल में छह हजार रुपये की मदद दी जाती है। पति या फिर पत्नी में से केवल एक को लाभ मिल सकता है। इधर जिले में 7834 मामले ऐसे मिले जिसमें दंपती सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। शासन से कृषि विभाग को सम्मान निधि लेने वाले पति पत्नी की सूची भेजी गई। इसके बाद मार्च में सत्यापन शुरू किया गया। हालांकि जिम्मेदारों ने सत्यापन में तेजी नहीं दिखाई।
सुस्त गति की वजह से दो माह का समय बीत चुका है। मगर केवल 4735 मामलों का सत्यापन हो सका है। जानकारों का कहना है कि सत्यापन में 4735 प्रकरण पति, पत्नी वाले पाए गए हैं। जबकि जीवनसाथी के अलावा 224 मामले ऐसे मिले हैं जिनमें लाभार्थी के बेटा-बेटी सम्मान निधि ले रहे हैं। वहीं, 2875 मामलों में सत्यापन होना शेष है। सत्यापन में नियमों की परिधि लांघने का खुलासा होने के बाद अब तक लाभ ले रहे किसी पति या पत्नी ने सम्मान निधि की ली गई धनराशि लौटाने की पहल नहीं की है।
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किस तहसील में कितने मामले
अकबरपुर तहसील में 997 मामलों में पति-पत्नी दोनों सम्मान निधि ले रहे हैं। भोगनीपुर में 1160, डेरापुर में 985, मैथा में 812 मामले सामने आए हैं। वहीं सिकंदरा तहसीरल में 1600 और रसूलाबाद तहसील में सबसे अधिक 2280 मामलों में दंपती के सम्मान निधि लेने का ब्योरा की रिपोर्ट शासन से कृषि कार्यालय भेजी गई।
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वर्जन......
पति या पत्नी में से कोई एक सम्मान निधि ले सकता है। शासन से प्राप्त सूची का सत्यापन शुरू किया गया। इसी बीच बेटा और बेटी के सम्मान निधि मामलों का साथ में सत्यापन भी मांगा गया। इसको लेकर सत्यापन में समय लग रहा है। सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही होगी। - रामबचन राम, उप निदेशक कृषि
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ईकेवाईसी से सामने आई स्थिति
जानकारों का कहना है कि आधार आधारित ई-केवाईसी की अनिवार्यता की गई है। इससे ऐसे मामले पकड़ में आ रहे हैं। नियम के मुताबिक पति या पत्नी में से कोई एक सम्मान निधि का लाभ ले सकता है। परिवार में पति मुखिया है तो उसकी मौत के बाद पत्नी व वरासत दर्ज होने पर बेटा या बेटी को योजना का लाभ दिया जा सकता है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पूरे साल में छह हजार रुपये की मदद दी जाती है। पति या फिर पत्नी में से केवल एक को लाभ मिल सकता है। इधर जिले में 7834 मामले ऐसे मिले जिसमें दंपती सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। शासन से कृषि विभाग को सम्मान निधि लेने वाले पति पत्नी की सूची भेजी गई। इसके बाद मार्च में सत्यापन शुरू किया गया। हालांकि जिम्मेदारों ने सत्यापन में तेजी नहीं दिखाई।
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सुस्त गति की वजह से दो माह का समय बीत चुका है। मगर केवल 4735 मामलों का सत्यापन हो सका है। जानकारों का कहना है कि सत्यापन में 4735 प्रकरण पति, पत्नी वाले पाए गए हैं। जबकि जीवनसाथी के अलावा 224 मामले ऐसे मिले हैं जिनमें लाभार्थी के बेटा-बेटी सम्मान निधि ले रहे हैं। वहीं, 2875 मामलों में सत्यापन होना शेष है। सत्यापन में नियमों की परिधि लांघने का खुलासा होने के बाद अब तक लाभ ले रहे किसी पति या पत्नी ने सम्मान निधि की ली गई धनराशि लौटाने की पहल नहीं की है।
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किस तहसील में कितने मामले
अकबरपुर तहसील में 997 मामलों में पति-पत्नी दोनों सम्मान निधि ले रहे हैं। भोगनीपुर में 1160, डेरापुर में 985, मैथा में 812 मामले सामने आए हैं। वहीं सिकंदरा तहसीरल में 1600 और रसूलाबाद तहसील में सबसे अधिक 2280 मामलों में दंपती के सम्मान निधि लेने का ब्योरा की रिपोर्ट शासन से कृषि कार्यालय भेजी गई।
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वर्जन......
पति या पत्नी में से कोई एक सम्मान निधि ले सकता है। शासन से प्राप्त सूची का सत्यापन शुरू किया गया। इसी बीच बेटा और बेटी के सम्मान निधि मामलों का साथ में सत्यापन भी मांगा गया। इसको लेकर सत्यापन में समय लग रहा है। सत्यापन रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही होगी। - रामबचन राम, उप निदेशक कृषि
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ईकेवाईसी से सामने आई स्थिति
जानकारों का कहना है कि आधार आधारित ई-केवाईसी की अनिवार्यता की गई है। इससे ऐसे मामले पकड़ में आ रहे हैं। नियम के मुताबिक पति या पत्नी में से कोई एक सम्मान निधि का लाभ ले सकता है। परिवार में पति मुखिया है तो उसकी मौत के बाद पत्नी व वरासत दर्ज होने पर बेटा या बेटी को योजना का लाभ दिया जा सकता है।