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फर्रुखाबादः सीएमओ ऑफिस के बाहर जला दीं एक्सपायर डेट के साथ वैध दवाईयां, मामले की जांच शुरू
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 16 Oct 2018 09:46 PM IST
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परिवार नियोजन समेत अन्य दवाएं थी, जांच के बाद दोबारा जलाई गईं
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फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ऑफिस के पीछे देर शाम एक्सपायर डेट के साथ ही वैध दवाएं भी जला दी गईं। मामला डीएम तक पहुंचने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट जांच करने पहुंचे तो वहां जलती हुई दवाएं मिलीं। उन्होंने वैध दवाओं के पैकेट सीएमओ कार्यालय के ही एक कक्ष में रखवाने के बाद सील करा दिया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग पर कोई फर्क नहीं पड़ा। इसी के चलते मंगलवार सुबह दोबारा दवाओं को वहीं पर जलाया गया।
सीएमओ कार्यालय के पीछे होम्योपैथिक अस्पताल की पुरानी जर्जर बिल्डिंग है। यहीं पर पहले दवाओं का भंडारगृह बना था। इस कंडम बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा है। सोमवार को वहां पर परिवार नियोजन विभाग की दवाओं व कंडोम को जला दिया गया। कुछ ही देर में यह मामला डीएम मोनिका रानी तक पहुंच गया। उन्होंने फोन पर मामले की जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि दवाएं एक्सपाइरी डेट की हैं उन्हें किसी मजदूर आदि ने जला दिया।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान को जांच के लिए मौके पर भेजा। जहां पर उन्हें एक्सपाइरी डेट की माला-डी, निरोध व अन्य दवाओं के साथ वैध तिथि की दवाएं भी जलती मिलीं। जो वैध तिथि की दवाएं जलने से बच गईं। उनको उठवाकर सीएमओ कार्यालय के ही एक कमरे में रखवाने के बाद सील करा दिया। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ा। विभाग ने मंगलवार सुबह फिर से वहीं पर दवाओं को जलाया।
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गंगा किनारे फिंकवा दिए निरोध
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का हाल निराला है। सोमवार शाम को दवाओं में आग लगवाने के बाद देर रात निरोध के पैकेट को फतेहगढ़ के बरगदिया घाट गंगा तट जाने वाले मार्ग पर फिंकवा दिया गया। कच्चे रास्ते से गंगा नदी के किनारे तक हजारों की संख्या में निरोध के पैकेट पड़े हुए थे।
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सीएमओ कार्यालय के पीछे होम्योपैथिक अस्पताल की पुरानी जर्जर बिल्डिंग है। यहीं पर पहले दवाओं का भंडारगृह बना था। इस कंडम बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा है। सोमवार को वहां पर परिवार नियोजन विभाग की दवाओं व कंडोम को जला दिया गया। कुछ ही देर में यह मामला डीएम मोनिका रानी तक पहुंच गया। उन्होंने फोन पर मामले की जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि दवाएं एक्सपाइरी डेट की हैं उन्हें किसी मजदूर आदि ने जला दिया।
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संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान को जांच के लिए मौके पर भेजा। जहां पर उन्हें एक्सपाइरी डेट की माला-डी, निरोध व अन्य दवाओं के साथ वैध तिथि की दवाएं भी जलती मिलीं। जो वैध तिथि की दवाएं जलने से बच गईं। उनको उठवाकर सीएमओ कार्यालय के ही एक कमरे में रखवाने के बाद सील करा दिया। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ा। विभाग ने मंगलवार सुबह फिर से वहीं पर दवाओं को जलाया।
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गंगा किनारे फिंकवा दिए निरोध
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का हाल निराला है। सोमवार शाम को दवाओं में आग लगवाने के बाद देर रात निरोध के पैकेट को फतेहगढ़ के बरगदिया घाट गंगा तट जाने वाले मार्ग पर फिंकवा दिया गया। कच्चे रास्ते से गंगा नदी के किनारे तक हजारों की संख्या में निरोध के पैकेट पड़े हुए थे।
जानवर खा रहे अधजली माला-डी और निरोध
सिटी मजिस्ट्रेट ने की जांच, बची दवाओं को कमरे में रखकर सील कराया
सीएमओ कार्यालय के पीछे जलाई गई दवाओं व निरोध को सुबह वहां घूम रहे जानवर खा रहे थे। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि माला-डी महिलाओं की टेबलेट है, इसे यदि पुरुष खा ले तो उसका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जानवरों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही निरोध को खाने से जानवर की मृत्यु भी हो सकती है। क्योंकि यह एक विशेष किस्म की प्लास्टिक का बना होता है। यह जानवरों की आंत में फंस जाने से मौत की आशंका ज्यादा रहती है।
क्या बोले जिम्मेदार
दवा जलाने की जानकारी होने पर मौके पर गया था। वहां पर कुछ सही दवाओं को भी जलाया जा रहा था। उन दवाओं को एआरओ की सुपुर्दगी में देकर सील करवा दिया गया है। सुबह दोबारा से दवाएं जलवाए जाने के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं है। - रामअक्षयवर चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट
दवाओं को जलवाने के मामले की जांच गहनता से कराई जा रही है। जांच में जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। - मोनिका रानी, जिलाधिकारी
एक पूर्व कर्मचारी की देखरेख में हुए सारे क्रियाकलाप
सीएमओ कार्यालय में ये सारे क्रिया कलाप एक पूर्व कर्मचारी की देखरेख में हुए। वह करीब एक साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सोमवार को भी वह घटनास्थल पर मौजूद थे। हालांकि जब मामला बढ़ा तो वह वहां से चले गए थे।
क्या बोले जिम्मेदार
दवा जलाने की जानकारी होने पर मौके पर गया था। वहां पर कुछ सही दवाओं को भी जलाया जा रहा था। उन दवाओं को एआरओ की सुपुर्दगी में देकर सील करवा दिया गया है। सुबह दोबारा से दवाएं जलवाए जाने के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं है। - रामअक्षयवर चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट
दवाओं को जलवाने के मामले की जांच गहनता से कराई जा रही है। जांच में जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। - मोनिका रानी, जिलाधिकारी
एक पूर्व कर्मचारी की देखरेख में हुए सारे क्रियाकलाप
सीएमओ कार्यालय में ये सारे क्रिया कलाप एक पूर्व कर्मचारी की देखरेख में हुए। वह करीब एक साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सोमवार को भी वह घटनास्थल पर मौजूद थे। हालांकि जब मामला बढ़ा तो वह वहां से चले गए थे।