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बफर स्टॉक से 61 समितियों में भेजी गई 19 सौ एमटी यूरिया
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राजपुर की साधन सहकारी समिति में लटकता ताला।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई के बाद अब खेतों में खाद की जरूरत है, लेकिन स्टाक न होने व कालाबाजारी के चलते किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। शनिवार को खाद किल्लत दूर करने के लिए बफर स्टाक में से दो बार में 19 सौ मीट्रिक टन यूरिया जारी की गई है। उसे जिले की 61 समितियों में भेजा गया है।
अफसरों के आंकड़ों की माने तो जिले में यूरिया का पर्याप्त भंडार है। जबकि, जमीनी हकीकत ठीक उलट है। किसान खाद लेने के लिए रोज समितियों से लेकर फुटकर रिटेलरों के यहां चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर तरफ खाद का टोटा बना हुआ है। किसान मुंहमांगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं सरकारी नियमों को दरकिनार कर रिटेलर चुनिंदा किसानों को सौ-सौ से अधिक खाद के बैग दे रहे हैं। जबकि, जरूरतमंदों को एक बोरी खाद मिलने पर भी संकट बना हुआ है। अचानक खाद का टोटा होने से अफसरों ने हकीकत जांची तो दंग रह गए। आनन-फानन एआर कॉपरेटिव ने बफर स्टॉक में रखी गई यूरिया निकालने की अनुमति मांगी।
एआर कोआपरेटिव अनूप द्विवेदी ने बताया कि जिले में बफर स्टॉक में कुल 3800 मीट्रिक टन यूरिया थी, जिसमे से दो बार में 1900 एमटी यूरिया निकाली गई है। 43 समितियों में 992 एमटी यूरिया पहुंच चुकी है। जबकि 916 एमटी यूरिया 18 समितियों में भेजी जा रही है। जल्द ही खाद की चार और रैक आने पर उसे भी वितरण के लिए भेजा जाएगा।
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इन समितियों में पहुंच चुकी यूरिया
- डीसीडीएफ किशनपुर, सहकारी समिति उरसान, नहोली, डिलवल, सिकंदरा, सलेमपुर महेरा, रसूलाबाद, संदलपुर, धरमपुर, बिरमा, कसमढ़ा, जल्लापुर, अमरौधा, रामपुर मजरा, बम्हरौली घाट, किशौरा, पीसीएफ गजनेर, मूसानगर, जिनई, जैतापुर, जिला सहकारी विकास संघ अकबरपुर व क्रय-विक्रय समिति पुखरायां।
इन समितियों में भेजी जा रही यूरिया
- सहकारी समिति धरमपुर, बिरमा, कसमढ़ा, नहोली, बम्हरौली घाट, रसूलाबाद, सिकंदरा, किशौरा, डिलवल, रामपुर मजरा बीैरीसाल, अमरौधा, जल्लापुर, उरसान, संदलपुर, खम्हैला, बिरिया रसूलाबाद व जिला सहकारी विकास संघ लिमिटेड अकबरपुर।
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अफसरों के आंकड़ों की माने तो जिले में यूरिया का पर्याप्त भंडार है। जबकि, जमीनी हकीकत ठीक उलट है। किसान खाद लेने के लिए रोज समितियों से लेकर फुटकर रिटेलरों के यहां चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर तरफ खाद का टोटा बना हुआ है। किसान मुंहमांगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं सरकारी नियमों को दरकिनार कर रिटेलर चुनिंदा किसानों को सौ-सौ से अधिक खाद के बैग दे रहे हैं। जबकि, जरूरतमंदों को एक बोरी खाद मिलने पर भी संकट बना हुआ है। अचानक खाद का टोटा होने से अफसरों ने हकीकत जांची तो दंग रह गए। आनन-फानन एआर कॉपरेटिव ने बफर स्टॉक में रखी गई यूरिया निकालने की अनुमति मांगी।
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एआर कोआपरेटिव अनूप द्विवेदी ने बताया कि जिले में बफर स्टॉक में कुल 3800 मीट्रिक टन यूरिया थी, जिसमे से दो बार में 1900 एमटी यूरिया निकाली गई है। 43 समितियों में 992 एमटी यूरिया पहुंच चुकी है। जबकि 916 एमटी यूरिया 18 समितियों में भेजी जा रही है। जल्द ही खाद की चार और रैक आने पर उसे भी वितरण के लिए भेजा जाएगा।
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इन समितियों में पहुंच चुकी यूरिया
- डीसीडीएफ किशनपुर, सहकारी समिति उरसान, नहोली, डिलवल, सिकंदरा, सलेमपुर महेरा, रसूलाबाद, संदलपुर, धरमपुर, बिरमा, कसमढ़ा, जल्लापुर, अमरौधा, रामपुर मजरा, बम्हरौली घाट, किशौरा, पीसीएफ गजनेर, मूसानगर, जिनई, जैतापुर, जिला सहकारी विकास संघ अकबरपुर व क्रय-विक्रय समिति पुखरायां।
इन समितियों में भेजी जा रही यूरिया
- सहकारी समिति धरमपुर, बिरमा, कसमढ़ा, नहोली, बम्हरौली घाट, रसूलाबाद, सिकंदरा, किशौरा, डिलवल, रामपुर मजरा बीैरीसाल, अमरौधा, जल्लापुर, उरसान, संदलपुर, खम्हैला, बिरिया रसूलाबाद व जिला सहकारी विकास संघ लिमिटेड अकबरपुर।