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UPSC Result: कानपुर के सुयश ने 159वीं रैंक पाकर पूरा किया मां का सपना, इन होनहारों को भी मिली सफलता
Tue, 16 Apr 2024 09:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Apr 2024 09:46 PM IST
सार
Kanpur News: यूपीएससी 2023 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। कानपुर के सुयश को 159वीं रैंक मिली है। तीसरे प्रयास में हर्षवर्धन को भी सफलता मिली। वहीं शुभांशी सिंह ने 298वीं रैंक हासिल की।
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सुयश, शुभांशी सिंह, हर्षवर्धन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिवंगत मां के सपने को पूरा करने के लिए सुयश ने दिन रात मेहनत की और विदेशी कंपनी के लाखों के पैकेज को छोड़ यूपीएससी की तैयारी कर सफलता पाई। उनको इस बार 159वीं रैंक मिली है। सुयश ने पिछली बार यूपीएससी में 263वीं रैंक प्राप्त की थी। तब सुयश का चयन आईएएएस (इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विसेज) में हुआ था, जिसका प्रशिक्षण जयपुर में चल रहा है।
यशोदानगर में रहने वाले सुयश कुमार सिंह के पिता प्रभु दयाल सिंह रेलबाजार स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक हैं। मां मिथिलेश सिंह का कैंसर की वजह से आठ साल पहले निधन हो गया था। सुयश ने बताया कि आईएएस का सपना उनकी मां ने देखा था। इसलिए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। सुयश ने मर्सी मेमोरियल स्कूल से 10वीं व 12वीं की पढ़ाई की है।
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आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक-एमटेक ड्युअल डिग्री कोर्स किया। सुयश ने दो साल तक बारकलेज बैंक ऑफ इंग्लैंड में नौकरी की है। वह ओलंपियाड (विज्ञान) में देश में दूसरी रैंक भी पा चुके हैं।
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यशोदानगर में रहने वाले सुयश कुमार सिंह के पिता प्रभु दयाल सिंह रेलबाजार स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक हैं। मां मिथिलेश सिंह का कैंसर की वजह से आठ साल पहले निधन हो गया था। सुयश ने बताया कि आईएएस का सपना उनकी मां ने देखा था। इसलिए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। सुयश ने मर्सी मेमोरियल स्कूल से 10वीं व 12वीं की पढ़ाई की है।
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आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक-एमटेक ड्युअल डिग्री कोर्स किया। सुयश ने दो साल तक बारकलेज बैंक ऑफ इंग्लैंड में नौकरी की है। वह ओलंपियाड (विज्ञान) में देश में दूसरी रैंक भी पा चुके हैं।
तीसरे प्रयास में हर्षवर्धन को मिली सफलता
नौबस्ता के रहने वाले हर्षवर्धन पांडेय काे तीसरे प्रयास में सफलता मिली है। इनकी एआईआर 489वीं रैंक है। पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन से पढ़ाई करने के बाद हर्षवर्धन ने आईआईटी बीएचयू से बीटेक (सिविल ब्रांच) किया है। उन्होंने बताया कि 2016 में बीटेक पूरा होने के बाद नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। वह इस समय बंगलूरू में एक फिनटेक कंपनी में कार्यरत हैं। इनके पिता गिरीश चंद्र पांडेय आर्डिनेंस फैक्टरी में कार्यरत और मां संगीत गृहिणी हैं।
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नौबस्ता के रहने वाले हर्षवर्धन पांडेय काे तीसरे प्रयास में सफलता मिली है। इनकी एआईआर 489वीं रैंक है। पूर्णचंद्र विद्यानिकेतन से पढ़ाई करने के बाद हर्षवर्धन ने आईआईटी बीएचयू से बीटेक (सिविल ब्रांच) किया है। उन्होंने बताया कि 2016 में बीटेक पूरा होने के बाद नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। वह इस समय बंगलूरू में एक फिनटेक कंपनी में कार्यरत हैं। इनके पिता गिरीश चंद्र पांडेय आर्डिनेंस फैक्टरी में कार्यरत और मां संगीत गृहिणी हैं।
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सेल्फ स्टडी कर शुभांशी ने पाई सफलता
शुभांशी सिंह की यूपीएससी में 298वीं रैंक आई है। तीसरे प्रयास में सफलता पाने वाली शुभांशी ने घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की। शुभांशी कहती हैं कि थ्योरी स्वयं पढ़ी, केवल इंटरव्यू के लिए कोचिंग का सहारा लिया। उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई डीपीएस कल्याणपुर से की थी। 2020 में आईआईटी कानपुर से बीटेक (सिविल) करने के बाद डेढ़ साल मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी भी की है। नौकरी के साथ-साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी भी की। उनका मानना है कि मेहनत से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इनके पिता मानेंद्र सिंह सेवानिवृत्त गवर्नमेंट अफसर और मां ममता सिंह गृहिणी हैं।
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