UP Weather Update: मौसम हुआ सुहाना! चक्रवाती हवाएं लाईं रिमझिम बारिश, बिजली के साथ गिर सकते हैं ओले
उत्तर प्रदेश में कानपुर समेत आसपास के जिलों में अचानक मौसम बदल गया। गुरुवार दोपहर से ही मौसमी गतिविधियां पलट गईं और शाम तक चक्रवाती हवाएं रिमझिम बारिश ले लाई। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक ऐसा ही माहौल रहेगा।
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विस्तार
कानपुर में पिछले दिनों तपिश में जो तेजी आई थी। उससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसमी गतिविधियां बदल गईं। समुद्र की सतह पर जो हलचल मची तो नम हवाएं बह चलीं। इससे चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना और बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं कानपुर परिक्षेत्र में आ गईं।
राजस्थान की तरफ से शुष्क हवाएं आईं। सीएसए के मौसम प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि नम और शुष्क हवाएं जब मिश्रित हुईं तो बादल बन गए। इस स्थिति में बनने वाले बादल तेज बारिश नहीं लाते, सिर्फ रिमझिम पानी गिरता है। लेकिन इस मौसम में ओले और बिजली गिरती है।
उन्होंने बताया कि इस तरह का मौसम 19 मार्च तक रहने की उम्मीद है। इसके बाद हवाओं का रुख मौसम का मिजाज तय करेगा। बादल और रिमझिम बारिश से गुरुवार का दिन का तापमान सामान्य औसत से 1.5 डिग्री कम हो गया। हालांकि रात का तापमान बादलों के कारण सामान्य औसत से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
जलवायु परिवर्तन का है असर
सीएसए के मौसम प्रभारी डॉ. पांडेय ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का ऐसा ही असर होता है। मौसमी गतिविधियां बहुत तेजी से बदल जाती हैं। उन्होंने बताया कि चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र तो बना ही हुआ है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी आ गया है।
विभिन्न प्रांतों में बनी है बादलों की श्रृंखला
यह अभी अफगानिस्तान पर है। यह किस रूप में आगे बढ़ता है, इसका असर भी मौसमी गतिविधियों पर आएगा। उन्होंने बताया कि पारा चढ़ने से जमीन और समुद्र तल दोनों पर तपिश का प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही विभिन्न प्रांतों में बादलों की श्रंखला भी बनी हुई है। इसके आगे-पीछे खिसकने से भी मौसम में बदलाव आएगा।
किसान सिंचाईं स्थगित कर दें
मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है कि किसान फसलों की सिंचाई स्थगित कर दें। इसके साथ ही कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। इस दौरान बुवाई, कीटनाशी दवा का छिड़काव भी न करें। वहीं किसानों का कहना है कि तेज बारिश हुई, तो लाही की फसल को अधिक नुकसान होगा।
तापमान
अधिकतम - 27.4 डिग्री सेल्सियस
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