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यूपी: इटावा में शिवपाल यादव ने मायावती पर बोला हमला, कहा पीठ में छुरा भोंकना उनकी पुरानी आदत
Sun, 01 Nov 2020 07:41 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 01 Nov 2020 07:41 PM IST
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शिवपाल यादव
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के इटावा में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को सपा-बसपा की जंग पर चुटकी लेते हुए कहा कि मायावती का इतिहास पीठ में छुरा घोंपने का रहा है। बीजेपी के साथ पहले भी तीन बार सरकार बना चुकीं हैं। उन्हें पहले गिरेबान में झांकना चाहिए उनका खुद अपने विधायकों पर नियंत्रण नहीं है।
उनके विधायक ही उन्हें छोड़ कर गए हैं। पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित समारोह के दौरान बुआ भतीजे के रिश्ते पर पूछे गए सवाल पर कहा कि मुझे पहले ही कभी यह रिश्ता समझ नहीं आया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का विकास संभव नहीं है।
शिक्षित व्यक्ति ही एक उत्कृष्ट समाज का निर्माण करता है। उन्होंने मातृभाषा हिंदी के अध्ययन को सर्वाधिक जरूरी बताते हुए विदेशी भाषाओं की अनिवार्यता खत्म किए जाने की बात कही। कोरोना काल के दौरान उन्होंने सरकार के प्रयासों की आलोचना की और बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई।
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कहा जांच के नाम पर युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है, जबकि उन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की और नौकरी पाई। अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है और आम आदमी परेशानियों से जूझ रहा है। बिना सोचे समझे लॉकडाउन लगाया गया, जिसके परिणाम अत्यंत गंभीर हुए हैं। प्रसपा अध्यक्ष ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रबंधक कैलाश चंद्र यादव के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम को पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य ने भी संबोधित किया।
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उनके विधायक ही उन्हें छोड़ कर गए हैं। पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित समारोह के दौरान बुआ भतीजे के रिश्ते पर पूछे गए सवाल पर कहा कि मुझे पहले ही कभी यह रिश्ता समझ नहीं आया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का विकास संभव नहीं है।
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शिक्षित व्यक्ति ही एक उत्कृष्ट समाज का निर्माण करता है। उन्होंने मातृभाषा हिंदी के अध्ययन को सर्वाधिक जरूरी बताते हुए विदेशी भाषाओं की अनिवार्यता खत्म किए जाने की बात कही। कोरोना काल के दौरान उन्होंने सरकार के प्रयासों की आलोचना की और बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई।
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कहा जांच के नाम पर युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है, जबकि उन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की और नौकरी पाई। अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है और आम आदमी परेशानियों से जूझ रहा है। बिना सोचे समझे लॉकडाउन लगाया गया, जिसके परिणाम अत्यंत गंभीर हुए हैं। प्रसपा अध्यक्ष ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रबंधक कैलाश चंद्र यादव के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम को पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य ने भी संबोधित किया।