यूपी का खूनी हाईवे: डेढ़ साल में 292 लोग छोड़ चुके हैं अपनों का साथ, वर्षों से उठ रही है यह मांग
कानपुर-सागर नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं के चलते सड़कों पर सबसे ज्यादा खून बह रहा है। आंकड़ों की मानें, तो पिछले डेढ़ वर्षों में 292 लोगों की जान सिर्फ सड़क हादसे में ही चली गई। वहीं, 605 लोग अपाहिज होकर घरों में कैद हुए हैं।
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हमीरपुर जिले में मौदहा क्षेत्र के मकरांव गांव के पास हुए भीषण सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की मौत ने समूचे प्रदेशवासियों को झकझोर कर रख दिया है। खूनी हाईवे के नाम से मशहूर हो चुके कानपुर-सागर नेशनल हाईवे ने डेढ़ वर्ष में हुई 515 दुर्घटनाओं में अब तक 292 लोग काल के गाल में समा गए हैं।
वहीं, 605 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अपाहिज हो गए हैं। यह सिलसिला आज भी बराबर जारी है, लेकिन शासन प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती है। हर रोज आए दिन हो रही दुर्घटनाओं को शासन प्रशासन नजर अंदाज किए हुए है। जबकि वर्षों से नेशनल हाईवे को फोर लेन बनाने की मांग की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश हादसों का समय शाम करीब चार से रात दस बजे के बीच पाया गया है। वहीं, हाईवे पर जगह-जगह कट होने की वजह से भी दुर्घटनाएं होती हैं। मोटर साइकिल सवार हेलमेट भी नहीं लगाते। इस वजह से उनको बचा पाना संभव नहीं हो पाता।
कब कितने हुए हादसे
यातायात प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2021 में जनवरी से दिसंबर तक कुल 337 दुर्घटनाओं में 183 लोगों ने जान गंवाई है। वहीं 454 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं वर्ष 2022 की बात की जाए तो जनवरी माह में 20 दुर्घटनाओं में 11 की मौत व 15 लोग घायल हुए हैं। इसी प्रकार फरवरी में 26 दुर्घटनाओं में 15 मौतें व 25 घायल, मार्च में 30 दुर्घटनाओं में 17 मौतें 22 घायल, अप्रैल में 30 सड़क हादसों में 30 मौतें 28 घायल, मई में 36 हादसों में 21 मौतें 41 घायल व जून माह में अबतक 36 सड़क दुर्घटनाओं में 15 मौतें व 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
सड़क हादसों में छह माह में 109 मौतें
माह हादसे मौतें घायल
जनवरी 20 11 15
फरवरी 26 15 25
मार्च 30 17 22
अप्रैल 30 30 28
मई 36 21 41
जून 36 15 20
कुल 178 109 151