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पुलिस भर्ती 'लीककांड': वकील को घाटमपुर के युवक ने दिया था पेपर, अब एसटीएफ भी कूदी जांच में, अब तक छह गिरफ्तार

Tue, 27 Feb 2024 04:25 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 27 Feb 2024 04:25 AM IST
सार

Kanpur News: सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल से वाट्सएप का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था। पुलिस उनका डेटा रिकवर कराने का प्रयास कर रही है, ताकि पेपर लीक कांड के गिरोह के सदस्यों और सरगना के बारे में जानकारी मिल सके।

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UP Police Paper Leak, youth of Ghatampur had given the paper to the lawyer, STF also jumped into investigation
नारेबाजी करते युवक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में अभ्यर्थियों को पेपर बेचने के आरोपी वकील आशीष सचान को घाटमपुर के एक गांव के रहने वाले युवक ने सिपाही भर्ती का पेपर पहुंचाया था। अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आई है। पता चला है कि एक रात पहले ही आरोपी आशीष को प्रश्नपत्र की कुंजी मिल गई थी, जिसके एवज में पांच लाख रुपये की डिमांड की गई थी।

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साठ हजार रुपये एडवांस के तौर पर भी दिए गए थे और बाकी रकम परीक्षा परिणाम आने पर दी जानी थी लेकिन वकीलों के हंगामे के बाद पुलिस उस युवक तक नहीं पहुंच सकी जिसके बाद अब स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ भी उस युवक की तलाश में जुट गई है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अब उस युवक से ही पुलिस को पेपर लीक की अगली कड़ी का पता चल सकेगा।

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अब तक की जांच से पता चला है कि जिस प्रदीप कुमार के 18 फरवरी के नकल सामग्री के साथ पकड़े जाने के बाद कानपुर में पेपर लीक कांड का खुलासा हुआ था, उसके दो भाइयों संदीप कुमार और सुदीप उर्फ राजू और पिता रामनाथ ने उसे सिपाही बनाने के लिए हर हथकंडा अपनाया था। आवेदन करने के लिए पहले फर्जी दस्तावेजों के सहारे उम्र में आठ से दस साल की कमी की।

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पेपर के जवाब भी जुटाने के लिए हाथ पांव मारने शुरू किए
इसके बाद दोबारा हाईस्कूल व इंटर कराया और फिर सिपाही भर्ती की परीक्षा में बैठा दिया। परीक्षा में अच्छे अंक आएं, इसके लिए पेपर के जवाब भी जुटाने के लिए हाथ पांव मारने शुरू किए। सूत्रों के अनुसार इसी दौरान बड़े भाई सुदीप उर्फ राजू की नौबस्ता निवासी अंकित से पहले से जान पहचान थी। इसी दौरान जब उसने भाई के परीक्षा में बैठने की बात कही, तो अंकित ने उसे प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध कराने की बात कही।

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प्रदीप के दोनों भाइयों और पिता को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा
चूंकि सुदीप अंकित को लंबे समय से जानता था, इसलिए दोनों के बीच पांच लाख में सौदा तय हो गया। इसके बाद भाइयों और पिता ने मिलकर साठ हजार रुपये का इंतजाम किया और अंकित को दे दिए। बाकी रकम परीक्षा परिणाम आने के बाद दी जानी थी। जांच में यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने प्रदीप के दोनों भाइयों और पिता को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

बसंत विहार निवासी वकील आशीष सचान का नाम उगला
साथ ही अंकित की तलाश में जुट गई। तीन दिन पहले अंकित पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उससे लंबी और कई राउंड की पूछताछ की गई. तो उसने बसंत विहार निवासी वकील आशीष सचान का नाम उगल दिया। हालांकि उसे यह नहीं पता था कि आशीष को प्रश्नपत्र कहां से मिला. तो पुलिस ने वकील की तलाश शुरू की किराए पर रह रहे आशीष को हिरासत में ले लिया।

एसटीएफ की एक टीम भी आरोपी की तलाश में जुटी
जेल भेजे जाने से पहले आशीष ने घाटमपुर के रहने वाले एक युवक के बारे में पुलिस को बताया था जिसने उसे पेपर की कुंजी मुहैया कराई थी। पुलिस की एक टीम घाटमपुर रवाना होने वाली थी कि अधिवक्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा कर दिया और आशीष को पेपर सप्लाई करने वाला आरोपी पुलिस की पकड़ में आने से पहले ही दूर हो गया। अब पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ की एक टीम भी उस आरोपी की तलाश में जुट गई है।

17 की परीक्षा का पेपर भी लीक होने की संभावना
जांच में पता चला है कि वकील को लीक प्रश्नपत्र परीक्षा से एक रात पहले ही मिल गया था। 18 की परीक्षा में प्रदीप के पकड़े जाने पर मामला खुला लेकिन संभावना है कि 17 फरवरी की परीक्षा के प्रश्नपत्र भी उसके पास थे जिसे औसतन चार से पांच लाख रुपये में बेचा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वकील ने कम से कम आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को प्रश्नपत्र और जवाब मुहैया कराए हैं। व्हाट्सएप चैट रिकवर होने पर इस बात की पुष्टि हो सकती है।

एसटीएफ की टीमों ने कई कोचिंग संचालकों से की पूछताछ
पेपर लीक मामले की जड़ों की तलाश करते हुए एसटीएफ की एक टीम ने कानपुर शहर के कई कोचिंग संस्थानों के दरवाजे पर दस्तक दी। इस दौरान बर्रा से लेकर कई अन्य पेपर लीक कांडों में चर्चा में रहे काकादेव कोचिंग मंडी के भी कुछ कोचिंग संचालकों से जानकारी जुटाई। इसके अलावा टीम ने गोविंदनगर में दर्ज मामले की जांच से जुड़े अधिकारी से संपर्क कर जानकारी ली।

वाट्सएप का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था
सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल से वाट्सएप का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था। पुलिस उनका डेटा रिकवर कराने का प्रयास कर रही है, ताकि पेपर लीक कांड के गिरोह के सदस्यों और सरगना के बारे में जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता करने में जुटी है कि आशीष ने अंकित के अलावा और किस किस को लीक हुए पेपर व उत्तर कुंजी भेजी।

अभ्यर्थियों और कानपुर में पकड़े गए आरोपियों के बीच लिंक की जांच
इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सिर्फ 18 फरवरी का ही प्रश्नपत्र लीक हुआ था या फिर 17 फरवरी को हुई परीक्षा का पेपर भी किसी अभ्यर्थी को भी मुहैया कराया गया था। वहीं, एसटीएफ अब प्रदेश के अन्य जिलों, खासकर कानपुर से सटे लखनऊ व अन्य जिलों में हुई पेपर लीक की घटना में शामिल रहे अभ्यर्थियों और कानपुर में पकड़े गए आरोपियों के बीच कोई लिंक है या नहीं। इससे यह भी पता चल सकेगा कि कानपुर में पेपर लीक लोकल स्तर पर हुआ या किसी अन्य जिले से मुहैया कराया गया।

एडिशनल सीपी से मिले वकील
वकील आशीष सचान की पैरवी के लिए गोविंदनगर थाने पहुंचे लायर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हर्ष कुमार और अन्य वकीलों के साथ मारपीट के मामले में सोमवार को वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल सीपी विपिन मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान मारपीट करने के आरोपी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सीएम के नाम संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। मुलाकात करने वालों में दिलीप कुमार, नवीन यादव, राघवेंद्र आदि शामिल थे।

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