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Nikay Chunav: औरैया में हर दांव रहा नाकाम, शहर में हार गई भाजपा, परिणाम आने के बाद भाजपाइयों के हाथ लगी मायूसी
Sat, 13 May 2023 05:10 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 13 May 2023 05:10 PM IST
सार
Auraiya UP Nikay Chunav Result 2023: औरैया जिले में भाजपा प्रत्याशी राजकुमार के पक्ष में जनता का वोट सुनिश्चित करने के लिए राजनीति के सभी हथकंडे अपनाए गए। मगर भाजपा का हर दाव नाकाम ही नजर आया। शहर में भाजपा हार गई।
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निकाय चुनाव 2023
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
औरैया जिले में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद चुनाव में राजनीतिक रंग कम चढ़ता था। इस बार के चुनाव में भाजपा ने एड़ी चोटी तक का जोर लगाया। प्रदेश स्तर के नेताओं की रैली हुईं, लेकिन मतदाताओं पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ। मतगणना पूरी होने के बाद चर्चा का बाजार खूब गर्म रहा। मुख से लोगों के बस यही सुनने में आया कि राजकुमार नहीं भाजपा हारी है। यहां भाजपा का हर दांव नाकाम नजर आया।
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भाजपा प्रत्याशी राजकुमार के समर्थन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से लेकर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद, नंदगोपाल नंदी, साक्षी महराज कई शीर्ष नेताओं की रैली, जनसभा व रोड शो हुए। जिले के कई दिग्गज भाजपाइयों ने जोर आजमाइश की। भाजपा प्रत्याशी राजकुमार के पक्ष में जनता का वोट सुनिश्चित करने के लिए राजनीति के सभी हथकंडे अपनाए गए। मगर भाजपा का हर दाव नाकाम ही नजर आया।
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भाजपा भले ही अपनी जीत शुरुआत से पक्की मान रही हो, लेकिन ब्रजेश पाठक की जनसभा ने संकेत कुछ और ही दिए थे। बस यहीं से राजनीति का उलटफेर होना माना जा रहा है। दूसरी ओर सपा प्रत्याशी अनूप गुप्ता के लिए महज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल ने ताकत झोंकी। शनिवार को निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपाइयों के हाथ मायूसी लगी। पीछे मुड़कर देखने पर पता चलता है कि मेहनत में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई।
शीर्ष नेताओं की रैली व जनसभा इसी की बानगी रहीं। बावजूद सपा ने बाजी मार ली। न कोई बड़ी जनसभा न ही बड़े चेहरों ने चुनाव में इंट्री की। महज एक दिन शिवपाल का औरैया में रहना हुआ। चुनावी चर्चा में बस यही निकलकर सामने आया कि राजकुमार दुबे नहीं, हारी भाजपा है। सपा की जीत ने भाजपा खेमे को आत्मचिंतन करने पर मजबूर कर दिया है।
शीर्ष नेताओं की रैली व जनसभा इसी की बानगी रहीं। बावजूद सपा ने बाजी मार ली। न कोई बड़ी जनसभा न ही बड़े चेहरों ने चुनाव में इंट्री की। महज एक दिन शिवपाल का औरैया में रहना हुआ। चुनावी चर्चा में बस यही निकलकर सामने आया कि राजकुमार दुबे नहीं, हारी भाजपा है। सपा की जीत ने भाजपा खेमे को आत्मचिंतन करने पर मजबूर कर दिया है।