{"_id":"61e965eb891a40356c7b90cf","slug":"up-mobile-thief-gang-busted-in-kanpur-caught-three-including-minor-used-to-sell-in-bangladesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: कानपुर में मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग समेत तीन को पकड़ा, बांग्लादेश में बेचते थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: कानपुर में मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग समेत तीन को पकड़ा, बांग्लादेश में बेचते थे
Thu, 20 Jan 2022 08:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 20 Jan 2022 08:20 PM IST
विज्ञापन
यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर साउथ पुलिस की क्राइम ब्रांच व बर्रा पुलिस ने गुरुवार को मोबाइल चोरों के गिरोह के सरगना और दो गुर्गों को पकड़ा। गिरोह के पास से 102 मोबाइल बरामद हुए। गिरोह में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। आरोपी चुराए हुए मोबाइल बंगलादेश में बेचे जाते थे। एडीसीपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि झारखंड निवासी गौतम कुमार महतो व मोहम्मद रेहान उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया गया है।
उनके साथ एक किशोर को भी पकड़ा गया है। ये सभी काली मठिया चौराहे के पास रहते थे। भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम-घूमकर इनका गिरोह लोगों के मोबाइल पार करता था। मोबाइल लूटते भी थे। लूटे गए मोबाइल पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजते थे। वहां पर गिरोह के लोग हैं। जो एक मुश्त रकम इन सभी को देते थे। बांग्लादेश में इन मोबाइल के इस्तेमाल करने पर ट्रेस नहीं हो सकता, क्योंकि टेलीकॉम कंपनी बदल जाती थी।
कुछ ही दिन में बदल देते थे ठिकाना
तफ्तीश में सामने आया कि गिरोह ज्यादा दिनों तक एक शहर में नहीं रहता था। 100-50 मोबाइल जब हो जाते थे तो मोबाइल बंगलादेश भेज देते थे और ठिकाना भी बदल देते थे। गिरोह में महिलाएं व बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हैं।
विज्ञापन
ऐसे पकड़े गए
18 जनवरी को महादेवी चौराहे के पास रामचंद्र यादव का मोबाइल बाजार से चोरी हो गया था। इसी तरह से उसी दिन बर्रा-6 सब्जी मंडी में अपर्णा मिश्रा का मोबाइल लूट लिया गया था। सर्विलांस की मदद से पुलिस गौतम तक पहुंच गई। फिर गिरोह का राजफाश हुआ। आईएमईआई नंबर के जरिये पता किया जा रहा है कि मोबाइल किसके हैं, फिर मोबाइल वापस किए जाएंगे।
विज्ञापन
उनके साथ एक किशोर को भी पकड़ा गया है। ये सभी काली मठिया चौराहे के पास रहते थे। भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूम-घूमकर इनका गिरोह लोगों के मोबाइल पार करता था। मोबाइल लूटते भी थे। लूटे गए मोबाइल पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजते थे। वहां पर गिरोह के लोग हैं। जो एक मुश्त रकम इन सभी को देते थे। बांग्लादेश में इन मोबाइल के इस्तेमाल करने पर ट्रेस नहीं हो सकता, क्योंकि टेलीकॉम कंपनी बदल जाती थी।
विज्ञापन
कुछ ही दिन में बदल देते थे ठिकाना
तफ्तीश में सामने आया कि गिरोह ज्यादा दिनों तक एक शहर में नहीं रहता था। 100-50 मोबाइल जब हो जाते थे तो मोबाइल बंगलादेश भेज देते थे और ठिकाना भी बदल देते थे। गिरोह में महिलाएं व बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हैं।
विज्ञापन
ऐसे पकड़े गए
18 जनवरी को महादेवी चौराहे के पास रामचंद्र यादव का मोबाइल बाजार से चोरी हो गया था। इसी तरह से उसी दिन बर्रा-6 सब्जी मंडी में अपर्णा मिश्रा का मोबाइल लूट लिया गया था। सर्विलांस की मदद से पुलिस गौतम तक पहुंच गई। फिर गिरोह का राजफाश हुआ। आईएमईआई नंबर के जरिये पता किया जा रहा है कि मोबाइल किसके हैं, फिर मोबाइल वापस किए जाएंगे।