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लोकसभा चुनाव: पत्नी के अंतिम संस्कार से पहले वोट डालने पहुंचा बुजुर्ग, बोले- एक भी वोट खराब नहीं होना चाहिए
Mon, 13 May 2024 04:57 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 13 May 2024 04:57 PM IST
सार
Kanpur News: मतदान की महत्ता को साबित करने के लिए एक बुजुर्ग पत्नी के अंतिम संस्कार से पहले वोट डालने पहुंचा। घर पर पत्नी का शव रखा छोड़कर वोट डालना चर्चा का विषय बना।
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अंगुली पर लगा निशान दिखाते रामलखन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र में खुशी के मौका छोड़कर वोट डालने की खबरें तो अक्सर सुर्खियों में रहती है। लेकिन दिबियापुर में एक बुजुर्ग ने मतदान के महापर्व के लिए एक मिशाल पेश की। पत्नी के शव का दाह संस्कार करने से पहले वह अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्र गए।
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संजय नगर निवासी 84 वर्षीय बुजुर्ग रामलखन की पत्नी सरोज कुमारी (78) का रविवार की शाम देहांत हो गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के इकट्ठा न होने के कारण शाम को सरोज कुमारी का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। सुबह अंतिम संस्कार किए जाने की बात तय हुई। सुबह घर पर सभी परिजन गमगीन अवस्था में बैठे थे। तभी रामलखन ने रिश्तेदारों को बताया कि वह वोट डालने जाएंगे। रिश्तेदारों ने पत्नी की अंत्येष्टि करने के बाद वोट डालने के लिए समझाया। लेकिन रामलखन पहले मतदान की जिद करने लगे।
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इसके बाद सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे उन्होंने दिबियापुर के प्राथमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद लगभग 11 बजे दिबियापुर के मुक्तिधाम में पहुंचकर पत्नी का अंतिम संस्कार किया। रामलखन ने बताया कि वह पत्नी और बेटी विनीता के साथ घर में रहते हैं। पत्नी के निधन के कारण एक वोट कम हो गया। लेकिन वह अन्य वोट कम नहीं होने देना चाहते थे।
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इसलिए उन्होंने पहले मतदान किया, इसके बाद पत्नी का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार के बाद बेटी विनीता को भी वोट डालने के लिए भेज रहे हैं। बताया कि वह और उनकी पत्नी लगातार कई दशकों से भाजपा के सदस्य थे। वह भाजपा का एक भी वोट खराब नहीं होने देना चाहते।