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UP: लखनऊ में छात्र की हत्या में संचालक और महिला मित्र गिरफ्तार, शरारत करने पर पीटा था

Thu, 23 Apr 2026 11:56 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Thu, 23 Apr 2026 11:56 PM IST
सार

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बच्चा शरारत कर रहा था। उसे सबक सिखाने के लिए पीटा था। छात्र महाराजपुर के गाैरिया गांव का निवासी था।

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UP: Hostel Warden and Female Friend Arrested in Student's Murder in Lucknow
मृतक दिव्यांश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ के स्कूल में पिटाई से हुई 11 साल के दिव्यांश की हत्या में आरोपी स्कूल संचालक कन्हैया मिश्रा को पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ आलमनगर की रहने वाली महिला मित्र हर्षिता सोनी की भी गिरफ्तारी हुई है। हर्षिता पर साक्ष्य मिटाने और बच्चों को घर भेजने का आरोप है। पुलिस दोनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेगी।
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महाराजपुर के गौरिया गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी के बेटे दिव्यांश की पिटाई से मौत हो गई थी। उसे पढ़ाई करने के लिए हफ्ते भर पहले लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल भेजा गया था। लखनऊ निवासी स्कूल संचालक दिव्यांश के शव को छोड़कर फरार हो गया था। घरवालों को सीढि़यों से नीचे गिरने की जानकारी दी गई थी। बच्चे के शरीर पर पिटाई के 39 से 40 निशान मिले जबकि नाक व मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस ने स्कूल संचालक और अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की। स्कूल संचालक फरार था। उसका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा था।
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डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने गुरुकुल स्कूल में जाकर जांच की जिसमें एक भी बच्चा नहीं मिला। वहां के सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। अभिलेख और डीवीआर गायब था। जांच करने पर लखनऊ निवासी हर्षिता सोनी का नाम सामने आया। यह कन्हैया मिश्रा की महिला मित्र है। पुलिस ने उसे और स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
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चार दिन से डंडे, बेल्ट, थप्पड़ों से हो रही थी पिटाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिव्यांश की चार दिन से पिटाई हो रही थी। उसे डंडे, बेल्ट, थप्पड़ों से पीटा जा रहा था। एक दिन बिना कपड़ों के रखा था। गुरुकुल स्कूल के स्टाॅफ का कहना है कि जब किसी बच्चे पर संचालक नाराज रहते थे तो उसको खाना नहीं दिया जाता था। दिव्यांश के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। बच्चे के शरीर डंडे, बेल्ट के निशान उसके कमर, पीछे, जांघ, कंधे पर मिले हैं जबकि सिगरेट से जलाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। बुधवार देर रात डॉक्टरों के पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया गया। वीडियो रिकार्डिंग हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गलत कार्य होने के सबूत नहीं मिले हैं। उसके शरीर में काले निशान डंडे और बेल्ट के बक्कल की पिटाई के हो सकते हैं।

 

आरोपी बोला, बचपन में उसकी होती थी पिटाई
डीसीपी पूर्वी ने बताया कि आरोपी स्कूल संचालक ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता गुरुकुल के नियम मानते थे। बचपन में उसकी जरा सी गलतियों पर बुरी तरह से पिटाई होती थी। इसका असर उसके व्यवहार में आ गया है। दिव्यांश गुरुकुल के नियम नहीं मान रहा था। साथ के अन्य लड़कों को परेशान कर रहा था। उसको समझाया जा रहा था लेकिन नहीं माना। एकदम से गुस्सा आ गया और पिटाई में उसकी जान चली गई।

 

विधानसभा अध्यक्ष के आश्वासन पर हुआ अंतिम संस्कार
बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव गांव में पहुंचा जहां परिजन और रिश्तेदार गुस्से में भर गए। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घरवालों को बच्चे का अंतिम संस्कार कराने के लिए कहा लेकिन उन्होंने पहले गिरफ्तारी की मांग की। सुबह लगभग 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना परिजन से मिले। उन्होंने परिवार को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक मदद दिलवाने का आश्वासन दिया जिसके बाद दोपहर 12 बजे ड्याेढ़ी घाट पर शव का अंतिम संस्कार हुआ।
 
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