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UP: पिता ई-रिक्शा चालक, बेटी बनी बॉक्सिंग रिंग की क्वीन, बोली- ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है सपना
Sun, 10 Aug 2025 12:01 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:01 AM IST
सार
मैरी कॉम के जीवन पर आधारित फिल्म देख शहर की 16 वर्षीय नबा नईम बॉक्सर बनी। 60 से 65 भार वर्ग में प्रदेश की मुख्य महिला बाक्सर में भी शामिल।
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नबा नईम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उम्र मजह 16 साल और पंच इतने तगड़े की प्रतिद्वंद्वी ज्यादा समय तक सामने टिक न सके। जब वह बॉक्सिंग रिंग में होती है तो मैरी कॉम जैसा जुनून दिखता है। हम बात कर रहे हैं बेकनगंज निवासी नबा नईम की। वह 60 से 65 भार वर्ग में प्रदेश की मुख्य महिला बॉक्सर में शुमार हैं।
ई रिक्शा चालक नईम आलम और बेबी हुस्ना की बेटी नबा ने मैरी कॉम के जीवन पर आधारित फिल्म देख डेढ़ साल पहले बॉक्सर बनने की ठानी थी। वह हलीम मुस्लिम काॅलेज से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं। नबा बताती हैं कि परिवार की स्थिति को देखते हुए कुछ करने की ठानी। कम संसाधन में बड़ा मंच मिलने के कारण इस खेल में रुचि बढ़ी तो फैसले में माता-पिता का साथ मिला। उसका सपना ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
पिता नईम आलम ने बताया कि नबा को पहले प्रारंभिक ट्रेनिंग के लिए ग्रीनपार्क बाक्सिंग एकेडमी में भेजा। वहां प्रशिक्षण लेने के बाद वर्तमान में बेटी आर्यनगर स्थित परशुराम वाटिका में न्यू एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच भगवान दीन की देखरेख में बॉक्सिंग के गुर सीख रही है। उन्होंने बताया कि नबा जब रिंग में उतरती है तो उसके अंदर मैरीकॉम जैसा जूनुन दिखता है। रिंग में वह कई घंटे तक कड़ा अभ्यास करती है। जल्द ही वह बड़ी प्रतियोगिता में जीतकर शहर का नाम रोशन करेगी।
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अभी तक किया प्रदर्शन
- 2024 में प्रयागराज में हुई बॉक्सिंग की जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
- 2024 में गोरखपुर में हुई स्टेट जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक झटका।
- 2025 में मेरठ में हुई यूथ स्टेट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
- 2025 में हुई नेशनल यूथ बॉक्सिंग प्रतियोगिता में दमदार पंच लगाकर चौथा स्थान हासिल किया।
- शहर में हुई तीन डिस्ट्रिक प्रतियोगिता में दो रजत और एक स्वर्ण पदक हासिल किया
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ई रिक्शा चालक नईम आलम और बेबी हुस्ना की बेटी नबा ने मैरी कॉम के जीवन पर आधारित फिल्म देख डेढ़ साल पहले बॉक्सर बनने की ठानी थी। वह हलीम मुस्लिम काॅलेज से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं। नबा बताती हैं कि परिवार की स्थिति को देखते हुए कुछ करने की ठानी। कम संसाधन में बड़ा मंच मिलने के कारण इस खेल में रुचि बढ़ी तो फैसले में माता-पिता का साथ मिला। उसका सपना ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
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पिता नईम आलम ने बताया कि नबा को पहले प्रारंभिक ट्रेनिंग के लिए ग्रीनपार्क बाक्सिंग एकेडमी में भेजा। वहां प्रशिक्षण लेने के बाद वर्तमान में बेटी आर्यनगर स्थित परशुराम वाटिका में न्यू एकलव्य स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच भगवान दीन की देखरेख में बॉक्सिंग के गुर सीख रही है। उन्होंने बताया कि नबा जब रिंग में उतरती है तो उसके अंदर मैरीकॉम जैसा जूनुन दिखता है। रिंग में वह कई घंटे तक कड़ा अभ्यास करती है। जल्द ही वह बड़ी प्रतियोगिता में जीतकर शहर का नाम रोशन करेगी।
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अभी तक किया प्रदर्शन
- 2024 में प्रयागराज में हुई बॉक्सिंग की जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
- 2024 में गोरखपुर में हुई स्टेट जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक झटका।
- 2025 में मेरठ में हुई यूथ स्टेट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
- 2025 में हुई नेशनल यूथ बॉक्सिंग प्रतियोगिता में दमदार पंच लगाकर चौथा स्थान हासिल किया।
- शहर में हुई तीन डिस्ट्रिक प्रतियोगिता में दो रजत और एक स्वर्ण पदक हासिल किया