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यूपी: बड़ी बेटी की शादी का कर्ज नहीं चुका पाया तो दे दी जान, शव देख मच गया हड़कंप
Sat, 27 Jun 2020 08:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 27 Jun 2020 08:23 PM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर के थरियांव में बड़ी बेटी की शादी में लिया कर्ज न चुका पाने से परेशान किसान ने शुक्रवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। दूसरी बेटी की शादी को लेकर भी परेशानी बढ़ रही थी। आर्थिक परेशानी से जूझ रहे परिवार में मुखिया की मौत से मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। असोथर थानाक्षेत्र के सातोंपीत गांव निवासी कैलाश लोधी (38) रात को खाना खाने के बाद कमरे में चले गए। पत्नी बुधनी की भोर पहर नींद खुली तो पति को आंगन के जाल में नायलोन की रस्सी से फंदे पर लटका देख चीख पड़ीं।
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पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। असोथर थानाक्षेत्र के सातोंपीत गांव निवासी कैलाश लोधी (38) रात को खाना खाने के बाद कमरे में चले गए। पत्नी बुधनी की भोर पहर नींद खुली तो पति को आंगन के जाल में नायलोन की रस्सी से फंदे पर लटका देख चीख पड़ीं।
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परिवार व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतारा गया। बुधनी ने बताया कि एक साल पहले बड़ी बेटी सुलोचना की शादी के लिए पति ने तीन-चार लोगों से करीब एक लाख कर्ज लिया था। अब दूसरी बेटी लक्ष्मी (18) शादी के लायक है। उसकी शादी की जिम्मेदारी थी।
इससे पति परेशान रहते थे। सिर्फ 10 बिस्वा खेत हैं। खेती और मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता था। इससे कर्ज चुकाना मुश्किल था। पति हर शाम कर्ज की बातें कर गमगीन हो जाते थे।
घर में बूढ़ी मां चंद्रकली, तीसरी बेटी खुशी (15), दो बेटे अखिलेश (17), कमलेश (9) हैं। कैलाश का छोटा भाई संतोष कुमार मानसिक रूप से बीमार है। पति ही परिवार का इकलौता सहारा थे। एसओ आशीष सिंह ने बताया कि परिवार के लोग आर्थिक हालत ठीक न होने को आत्महत्या की वजह बता रहे हैं।
इससे पति परेशान रहते थे। सिर्फ 10 बिस्वा खेत हैं। खेती और मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण होता था। इससे कर्ज चुकाना मुश्किल था। पति हर शाम कर्ज की बातें कर गमगीन हो जाते थे।
घर में बूढ़ी मां चंद्रकली, तीसरी बेटी खुशी (15), दो बेटे अखिलेश (17), कमलेश (9) हैं। कैलाश का छोटा भाई संतोष कुमार मानसिक रूप से बीमार है। पति ही परिवार का इकलौता सहारा थे। एसओ आशीष सिंह ने बताया कि परिवार के लोग आर्थिक हालत ठीक न होने को आत्महत्या की वजह बता रहे हैं।