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UP Board Result: रंग लाई मजदूर की बेटी की मेहनत, कानपुर की प्रिया ने 88.16 प्रतिशत नंबर पाए
Sat, 18 Jun 2022 07:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 18 Jun 2022 07:45 PM IST
सार
प्रिया ने हाईस्कूल में 88.16 फीसदी अंक हासिल कर नाम रोशन किया है। शाहपुर बिधनू की रहने वाली प्रिया आईएएस बनकर गरीब बच्चों के विकास के लिए कुछ करना चाहती हैं।
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प्रिया त्रिवेदी अपने माता-पिता के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मजदूर की बेटी प्रिया त्रिवेदी ने साबित कर दिखाया है कि सफलता सुख-सुविधाओं से नहीं बल्कि लगन से हासिल की जाती है। बेहद ही अभावों में पली-बढ़ी प्रिया ने हाईस्कूल में 88.16 फीसदी अंक हासिल कर नाम रोशन किया है। शाहपुर बिधनू की रहने वाली प्रिया आईएएस बनकर गरीब बच्चों के विकास के लिए कुछ करना चाहती हैं।
आठवीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली प्रिया का दाखिला पूर्व डीएम सुरेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन में करवाया था। प्रिया की पढ़ाई और हॉस्टल का खर्च स्कूल ही उठा रहा है। पिता शिवभान त्रिवेदी मजदूरी करते हैं। प्रिया बताती हैं कि उनका गांव ढाई साल पहले ओडीएफ घोषित हुआ था, तब तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह गांव आए थे।
वह आठवीं में थी और एक भाषण दिया था। उसका भाषण सुनकर डीएम बहुत प्रभावित हुए थे और स्वच्छता अभियान का एंबेसडर बनाया था। उन्होंने पढ़ाई के बारे में पूछा तो बताया कि आर्थिक हालत इतनी ठीक नहीं कि आगे पढ़ सके। इसके बाद डीएम ने उसका दाखिला कराया था।
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आठवीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली प्रिया का दाखिला पूर्व डीएम सुरेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन में करवाया था। प्रिया की पढ़ाई और हॉस्टल का खर्च स्कूल ही उठा रहा है। पिता शिवभान त्रिवेदी मजदूरी करते हैं। प्रिया बताती हैं कि उनका गांव ढाई साल पहले ओडीएफ घोषित हुआ था, तब तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह गांव आए थे।
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वह आठवीं में थी और एक भाषण दिया था। उसका भाषण सुनकर डीएम बहुत प्रभावित हुए थे और स्वच्छता अभियान का एंबेसडर बनाया था। उन्होंने पढ़ाई के बारे में पूछा तो बताया कि आर्थिक हालत इतनी ठीक नहीं कि आगे पढ़ सके। इसके बाद डीएम ने उसका दाखिला कराया था।
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पलक ने पाया प्रदेश में चौथा स्थान
शिवाजी इंटर कॉलेज की छात्रा पलक अवस्थी ने 97.17 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर में तीसरा स्थान और प्रदेश में चौथा स्थान पाया है। वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। पिता राजकुमार अवस्थी फर्नीचर कारोबारी और मां पिंकी गृहिणी हैं। बड़ी बहन दीक्षा अवस्थी हैं। नौबस्ता नारायण पुरी निवासी पलक का कहना है किहार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क भी बहुत जरूरी है। समय के हिसाब से खुद को अपडेट करते रहें, तभी सफलता मिलेगी। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि दिन में चार से पांच घंटे तक मन से पढ़ाई कर उन्होंने यह सफलता पाई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों को दिया।
शिवाजी इंटर कॉलेज की छात्रा पलक अवस्थी ने 97.17 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर में तीसरा स्थान और प्रदेश में चौथा स्थान पाया है। वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। पिता राजकुमार अवस्थी फर्नीचर कारोबारी और मां पिंकी गृहिणी हैं। बड़ी बहन दीक्षा अवस्थी हैं। नौबस्ता नारायण पुरी निवासी पलक का कहना है किहार्ड वर्क के साथ-साथ स्मार्ट वर्क भी बहुत जरूरी है। समय के हिसाब से खुद को अपडेट करते रहें, तभी सफलता मिलेगी। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि दिन में चार से पांच घंटे तक मन से पढ़ाई कर उन्होंने यह सफलता पाई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों को दिया।