उन्नाव कांड: जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को पक्के आवास की मिली स्वीकृति
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5 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद नई दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री के आने तक शव का अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी थी। बाद में कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने परिजनों से वार्ता की थी।
जिसमें परिजनों में पिता व भाई के नाम अलग-अलग दो आवास, भाई को शस्त्र लाइसेंस, मृतका की बड़ी बहन को सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया था। साथ ही परिजनों को जल्द मुख्यमंत्री से मिलवाने की भी बात कही थी। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया था।
आनन-फानन जिला प्रशासन ने मृतका के पिता व भाई को मुख्यमंत्री आवास देने की कार्रवाई के तहत दो आवास का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। इस मामले में शासन ने पीड़िता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता दी थी। घटना के लगभग 20 दिन बाद प्रदेश सरकार ने मृतका के परिवार को एक आवास देने की स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत
आवास बनाने को मिलेंगे 148380 रुपये
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पक्के छत के लिए तीन किश्तों में 120000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी को 182 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 90 दिन की मजदूरी 16380 रुपये और शौचालय के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।
शासन से अभी एक आवास की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत परिवार के एक सदस्य के खाते में पैसा भेजा जाएगा। परिजन ही आवास बनाएंगे। जैसे ही दूसरे आवास की स्वीकृति मिलेगी, वैसे ही उसका भी पैसा परिवार के सदस्य के खाते में भेज दिया जाएगा।
देवेंद्र कुमार पांडेय, जिलाधिकारी उन्नाव