उन्नाव दुष्कर्म कांडः धरने पर बैठा परिवार, पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचे अखिलेश यादव
भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती भी कई गई है। परिवार जेल में बंद पीड़िता के चाचा को पैरोल दिए जाने की मांग पर अड़ा है। वहीं, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव अस्पताल में भर्ती पीड़िता का हाल-चाल जानने पहुंचे हैं।
अखिलेश ने कहा कि इस घटना ने झकझोर दिया है। पीड़िता जिंदगी की जंग लड़ रही है और सरकार आरोपी को बचाने में लगी है। अखिलेश ने इस घटना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
Lucknow: Family of Unnao rape victim sitting on protest outside King George's Medical University trauma center, where the victim is being treated. Family says, "Kuldeep Sengar should be punished as soon as possible & Mahesh Singh (uncle of victim) should be released from jail," pic.twitter.com/PI5NpetkKd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) July 30, 2019
वहीं, मंगलवार को पीड़ित परिवार ट्रामा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गया। पीड़ित परिवार की मांग है कि जेल में बंद पीड़िता के चाचा को पैरोल दी जाए। साथ ही परिवार का कहना है कि जल्द से जल्द आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर कार्रवाई की जाए। परिवार के सदस्यों का कहना है कि मांग न पूरी होने तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। मौके पर ट्रामा सेंटर प्रशासन के साथ पुलिस अधिकारी भी परिवार को मनाने में जुटे हैं।
रायबरेली सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद पीड़िता की चाची का शव मोर्चरी में रखा हुआ है। परिवार का कहना है कि पीड़िता के चाचा को पैरोल मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम पीड़िता से मिलने ट्रॉमा सेंटर पहुंची है।
यह यूपी सरकार की इस कांड में मिलीभगत को साबित करता है- मायावती
उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के परिवार वालों की संदिग्ध हत्या के बाद उनके अन्तिम संस्कार हेतु चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय जो यूपी सरकार की इस काण्ड में मिलीभगत को साबित करता है। परोल की माँग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कालेज में धरने पर बैठे है, सरकार तुरन्त ध्यान दे।
— Mayawati (@Mayawati) July 30, 2019
मायावती ने लिखा कि "भाजापा सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में दुष्कर्म के आरोपी भाजापा विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि सामूहिक दुष्कर्म मामले के आरोपियों को लगातार सत्ताधारी भाजापा का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।"
साथ ही स्थानीय बीजेपी सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में रेप आरोपी बीजेपी विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि गैंग रेप आरोपियों को लगातार सत्ताधारी बीजेपी का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। मा. सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati) July 30, 2019
Why do we give people like Kuldeep Sengar the strength and protection of political power and abandon their victims to battle for their lives alone?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 30, 2019
This FIR clearly states that the family was threatened and apprehensive. It even mentions the possibility of a planned accident.