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उन्नाव कांड: दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर के तीन शस्त्र लाइसेंस हुए रद्द
Sat, 03 Aug 2019 08:19 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 03 Aug 2019 08:19 AM IST
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भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में विधायक के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के प्रकरण में विधायक पक्ष के वकील के न पहुंचने से शुक्रवार को सुनवाई टल गई लेकिन देर शाम को आरोपी विधायक के तीनों शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए गए। उन्नाव डीएम ने आयुध लिपिक को बुलाकर शस्त्र लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।
अप्रैल 2018 में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मुकदमा सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने विधायक के तीन शस्त्र लाइसेंस रद्द नहीं किए थे।
विधायक के पास उनके नाम से एक राइफल, एक रिवॉल्वर और एक बंदूक है। रायबरेली में हुए कार सड़क हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया तो मामला एक बार फिर चर्चा में आया। शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई की गई लेकिन विधायक पक्ष के वकील के न आने से सुनवाई टल गई।
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जिला मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार पांडेय ने आयुध लिपिक को कार्यालय बुलाकर शस्त्र लाइसेंस संबंधी नियमावली के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण विचाराधीन है। इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।
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अप्रैल 2018 में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मुकदमा सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने विधायक के तीन शस्त्र लाइसेंस रद्द नहीं किए थे।
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विधायक के पास उनके नाम से एक राइफल, एक रिवॉल्वर और एक बंदूक है। रायबरेली में हुए कार सड़क हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया तो मामला एक बार फिर चर्चा में आया। शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई की गई लेकिन विधायक पक्ष के वकील के न आने से सुनवाई टल गई।
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जिला मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार पांडेय ने आयुध लिपिक को कार्यालय बुलाकर शस्त्र लाइसेंस संबंधी नियमावली के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत प्रकरण विचाराधीन है। इसलिए ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।