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Unnao: मोबाइल के लिए दोस्त की हत्या करने वाले दो लोगों को उम्रकैद, एक दोषी के नामजद पिता व चाचा की हो चुकी मौत
Sat, 19 Oct 2024 11:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 19 Oct 2024 11:23 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
अचलगंज थानाक्षेत्र में 13 साल पहले मोबाइल फोन के विवाद में युवक की हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दो दोस्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी मुकदमे में नामजद एक दोषी के पिता व चाचा की मौत हो चुकी है, जबकि छोटे भाई का मुकदमा किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। अचलगंज निवासी मिथलेश कुमारी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 27 फरवरी 2011 को उसका बेटा कुलदीप कुमार अपने चाचा राजेंद्र की दुकान पर था, तभी अचलगंज थाना के लोहचा गांव राजकिशोर आए और करीब दो साल पहले (2009) में हुए मोबाइल फोन के लेन-देन को लेकर विवाद और गालीगलौज करने लगे, फिर दोनों में मारपीट हुई।
अगले दिन 28 फरवरी को सुबह राजकिशोर, भाई कृष्ण चंद्र, बेटे प्रीतू उर्फ ध्यानेंद्र, एक नाबालिग बेटे और कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के बनवारीपुरवा निवासी साथी बबलू के साथ पहुंचा। आरोपी अवैध असलहों से गोलियां चलाने लगे। गोली लगने से कुलदीप की मौत हो गई। पुलिस ने चार आरोपियों को चार मार्च 2011 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि एक आरोपी के नाबालिग होने से उसे बाल सुधार गृह भेजा था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान नामजद आरोपी राजकिशोर और कृष्णचंद्र की मौत हो गई थी। शनिवार को न्यायाधीश मो. असलम सिद्दीकी ने दोष साबित होने पर प्रीतू उर्फ ध्यानेंद्र और बबलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अगले दिन 28 फरवरी को सुबह राजकिशोर, भाई कृष्ण चंद्र, बेटे प्रीतू उर्फ ध्यानेंद्र, एक नाबालिग बेटे और कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के बनवारीपुरवा निवासी साथी बबलू के साथ पहुंचा। आरोपी अवैध असलहों से गोलियां चलाने लगे। गोली लगने से कुलदीप की मौत हो गई। पुलिस ने चार आरोपियों को चार मार्च 2011 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि एक आरोपी के नाबालिग होने से उसे बाल सुधार गृह भेजा था।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान नामजद आरोपी राजकिशोर और कृष्णचंद्र की मौत हो गई थी। शनिवार को न्यायाधीश मो. असलम सिद्दीकी ने दोष साबित होने पर प्रीतू उर्फ ध्यानेंद्र और बबलू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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