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हाथ-पैर और गला बांधकर शातिरों ने किसान को नहर में फेंका, हालत गंभीर
Wed, 10 Apr 2019 10:09 PM IST
प्रशांत कुमार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 10 Apr 2019 10:09 PM IST
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अस्पताल में भर्ती किसान
- फोटो : अमर उजाला
बुजुर्ग किसान के हाथ-पैर और गला रस्सी से बांधकर कानपुर में सचेंडी के चकरपुर गांव में बंबा(नहर) फेंक दिया गया। बेहोशी की हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है।
पुलिस के मुताबिक, गांव निवासी किसान राजेंद्र प्रसाद दीक्षित (60) मंगलवार रात साइकिल से खेत में पड़ी लाही(सरसों) की बोरियां लेने गए थे। काफी देर होने पर भी नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। बुधवार सुबह गांव के कुछ लोगों को खेत के पास उनकी साइकिल व टॉर्च पड़ी मिली। इस बीच गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि बंबा(नहर) में कोई पड़ा है। वहां पहुंचे तो देखा कि राजेंद्र बंधे पड़े थे। बेटा दिलीप उन्हें अस्पताल ले गया।
पिता की हुई थी हत्या
थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिस हालत में राजेंद्र मिले हैं, उससे आशंका है कि हत्या के इरादे से उन्हें फेंका गया था। हालांकि, उनके होश में आने के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। राजेंद्र के पिता की वर्ष 1992 में हत्या हुई थी। छह माह पहले ही आरोपी सजा काटकर जेल से छूटे हैं। परिजनों ने उन पर भी शक जताया है। हालांकि अभी तहरीर नहीं दी है।
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पुलिस के मुताबिक, गांव निवासी किसान राजेंद्र प्रसाद दीक्षित (60) मंगलवार रात साइकिल से खेत में पड़ी लाही(सरसों) की बोरियां लेने गए थे। काफी देर होने पर भी नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। बुधवार सुबह गांव के कुछ लोगों को खेत के पास उनकी साइकिल व टॉर्च पड़ी मिली। इस बीच गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि बंबा(नहर) में कोई पड़ा है। वहां पहुंचे तो देखा कि राजेंद्र बंधे पड़े थे। बेटा दिलीप उन्हें अस्पताल ले गया।
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पिता की हुई थी हत्या
थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिस हालत में राजेंद्र मिले हैं, उससे आशंका है कि हत्या के इरादे से उन्हें फेंका गया था। हालांकि, उनके होश में आने के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। राजेंद्र के पिता की वर्ष 1992 में हत्या हुई थी। छह माह पहले ही आरोपी सजा काटकर जेल से छूटे हैं। परिजनों ने उन पर भी शक जताया है। हालांकि अभी तहरीर नहीं दी है।
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