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UP: चाचा का कत्ल... लाश के टुकड़े कर सीवर में बहाए, कातिल भतीजों ने चाची से ही धुलवाए थे खून के धब्बे; उम्रकैद

Thu, 10 Apr 2025 11:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 10 Apr 2025 11:16 AM IST
सार

कानपुर में मकान के लिए चाचा की हत्या और लाश के टुकड़े कर सीवर में बहाने के मामले में नया अपडेट आया है। कातिल भतीजों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

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Uncle murdered for a house in Kanpur, body thrown into sewer life imprisonment to accusedट
कानपुर पुलिस की फाइल फोटो - फोटो : ANI

विस्तार

कानपुर में मकान में हिस्सेदारी के विवाद में चाचा की हत्या करने वाले भतीजे और उसके साथी को फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के न्यायाधीश राहुल सिंह ने उम्रकैद और 17-17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे में अभियुक्त मृतक के दो भाइयों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। 
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हत्यारों ने 14 साल पहले मृतक की पत्नी व बेटियों के सामने ही नृशंस हत्या कर सुअर काटने वाली छुरी से शव के टुकड़े कर बोरी में भरकर सीवर में फेंक दिए थे। काकादेव के मतइया पुरवा निवासी रमेश चंद्र सोनकर ने 10 नवंबर 2010 को काकादेव थाने में सूचना दी कि मोहल्ले में प्लास्टिक की बोरी में कटी हुई लाश मिली है। 
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शव का सिर्फ धड़ था, सिर, दोनों हाथ व पैर गायब थे। पुलिस ने शव की शिनाख्त की कोशिश की लेकिन कोई पहचान नहीं सका। 14 नवंबर को बेबी सोनकर ने शव की शिनाख्त अपने पति मानसिंह के रूप में करते हुए उसकी आंखों के सामने ही हत्या किए जाने की बात कही। 
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बेबी ने थाने में दी तहरीर में बताया कि पति मान सिंह दिवाली की परेवा के दिन 6 नवंबर 2010 को दो बच्चियों और उसके साथ घर पर सो रहा था। तभी मोहल्ले का दिनेश पासी, मान सिंह के भाई रमेश चंद्र सोनकर और कैलाश उर्फ बंगाली तथा रमेश का बेटा रवि सोनकर घर में आए। 
 

मानसिंह की नृशंस हत्या की
उसे और दोनों बच्चियों को एक कमरे में बंद कर रवि ने गर्दन पर छुरी रखकर जान से मारने की धमकी दी। रमेश, कैलाश और दिनेश ने मिलकर मानसिंह की नृशंस हत्या कर दी। यह लोग शव के टुकड़े बोरियों में भरकर ले गए। 

 

दहशत के कारण उसने पहले शव को पहचानने से इन्कार कर दिया था, लेकिन बाद में मायके वालों के आ जाने और पड़ोसियों के हिम्मत बंधाने पर उसने रिपोर्ट दर्ज कराई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतक की पत्नी व बेटी समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए।

रवि और दिनेश को हत्या को सुनाई गई सजा
सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने रवि और दिनेश को हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान रमेश चंद्र सोनकर और कैलाश उर्फ बंगाली की मौत हो चुकी है।
 

मां से ही धुलवाए थे खून के धब्बे
मानसिंह की बेटी दीक्षा ने गवाही के दौरान कोर्ट में बताया कि पापा की हत्या के बाद हत्यारों ने मम्मी से बोरी मांगी और उसी बोरी में भरकर पापा को फेंक आए। इसके बाद मम्मी से खून के धब्बे धुलवाए, खून से सने कपड़े भी अपने सामने जलाने को कहा। रवि हम लोगों को डराता रहा। हम दूसरे कमरे में बैठे थे और यह लोग अंदर कमरे में पापा को काट रहे थे।
 

नहीं चल सकी पत्नी को हत्यारा बताने की बचाव पक्ष की दलील
बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि मानसिंह और उसकी पत्नी बेबी के बीच विवाद चल रहा था। बेबी ने पति व ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करवाया था। सबको जेल भी जाना पड़ा था। हत्या से छह महीने पहले ही बेबी लौटकर ससुराल रहने आई थी। वह अपने भतीजे की मदद से मानसिंह का मकान बेचना चाहती थी। जिसे मानसिंह की मौत के बाद बेच भी दिया गया।

घटना के आठ दिन तक चुप्पी साधे रहना, शव की शिनाख्त न करना जैसी बातों को संदेहास्पद बताया। मकान में कारखाना चलाने वाले एक गवाह के माध्यम से अपनी बातों को साबित करने की कोशिश भी की लेकिन बचाव पक्ष इसमें सफल नहीं हो सका।

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