ट्रेन बेपटरी करने की साजिश!: भाकियू नेता के बेटे समेत दो पर शक, खुलासा नहीं; अधिकारियों ने स्वीकारी ये बात
एएसपी डॉ. संजय कुमार ने थाने में अधीनस्थों से गुफ्तगू की। चालक के बयान लेने की तैयारी है। वहीं घटना का पुलिस तीसरे दिन भी खुलासा नहीं कर सकी है।
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कासगंज-कानपुर रेलमार्ग पर शुक्रवार रात ट्रेन को लकड़ी का लट्ठा डालकर बेपटरी करने की घटना का पुलिस सोमवार को भी खुलासा नहीं कर सकी है। हालांकि एक भाकियू नेता के पुत्र समेत दो संदिग्धों पर शक गहरा गया है। ट्रेन के चालक के बयान लेने की तैयारी की जा रही है।
कासगंज से फर्रुखाबाद आ रही स्पेशल पैसेंजर ट्रेन के सामने शुक्रवार रात सवा 11 बजे लकड़ी का लट्ठा डालकर भटासा हाल्ट के पास बेपटरी करने की कोशिश की गई थी। इस घटना में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में ले रखा है। इनमें से भाकियू नेता के पुत्र सहित दो पर शक गहरा गया है। हालांकि ट्रेन पलटने की साजिश जैसी गंभीर घटना का पुलिस तीसरे दिन भी खुलासा नहीं कर सकी है।
एएसपी डॉ. संजय कुमार सिंह सोमवार दोपहर थाने पहुंचे। उन्होंने अधीनस्थों के साथ लंबी गुफ्तगू की। पुलिस सूत्र बताते हैं कि रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर जहीर अहमद की ओर से जो मुकदमा लिखाया गया, उसमें कोई ऐसी धारा नहीं है, जिनसे गंभीर घटना की साजिश रचने वालों को सबक मिल सके। ऐसे में पुलिस कुछ और धाराएं बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस दुर्घटना वाले दिन ट्रेन चला रहे चालक के बयान लेने की तैयारी में है। क्योंकि यदि ट्रेन पलटने से हादसा होता, तो चालक दल के अलावा यात्रियों को भी जानमाल का खतरा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। आरपीएफ थाने में दर्ज मुकदमे की जांच कर रहे कन्नौज इंस्पेक्टर ओपी मीना भी पूरे मामले पर नजर रखे हैं।
रेलवे के अधिकारियों का मानना है कि लकड़ी का लट्ठा इतना मोटा था कि बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। बहरहाल सभी की निगाहें थाना पुलिस पर हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक रामौतार ने बताया कि घटना में अहम सुराग हाथ लग गए हैं। शीघ्र ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।