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यूपी: औरैया में इलाज के दौरान युवक व महिला की मौत, हंगामे के बाद अस्पताल सील

Sun, 30 Aug 2020 12:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 30 Aug 2020 12:15 PM IST
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Two people lost their lives in the same hospital in Auraiya in three days, family members created uproar
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने काटा हंगामा मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
औरैया जिले में 50 शय्या जिला अस्पताल के सामने स्थित श्री गोविंद हास्पिटल में इलाज के दौरान युवक की मौत और जालौन चौराहे पर एक क्लीनिक में महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने खूब हंगामा किया। इस पर दोनों अस्पताल सील कर दिए गए हैं। श्री गोविंद हास्पिटल के संचालक व एक डॉक्टर समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं दूसरे अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
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दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव मधुवापुर निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र कृपा शंकर सविता ने बताया कि शनिवार को दोपहर तीन बजे छोटे भाई जितेंद्र (35) को मामूली बुखार व पैरों में ऐठन होने के चलते भर्ती कराया था। वहां मौजूद डॉक्टर ने 10 हजार रुपये जमा कराए। रात में डॉक्टर ने पूरी तरह से ठीक करने का आश्वासन देते हुए सुबह 10 हजार रुपये जमा करने को कहा। भाई धर्मेंद्र ने बताया कि सुबह वह अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने पहले 10 हजार रुपये जमा कराए।
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बाद में हालत गंभीर बता कानपुर ले जाने को कहा। लेकिन जब उसने अपने भाई को देखा तो उसकी सांसे बंद थी। इस पर उसने डॉक्टर से कहा कि उसके भाई की तो मौत हो चुकी है। इतना सुनते ही डॉक्टर व अन्य अस्पताल कर्मी वहां से भाग गए।
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उधर, युवक की मौत की खबर सुनते ही परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर गलत इलाज का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर कोतवाली रामसहाय सिंह मौके पर पहुंचे। थोड़ी देर बाद सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव, तहसीलदार सदर राजकुमार चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इसके बाद सीएमओ डॉ.अर्चना श्रीवास्तव व एसीएमओ डॉ.अशोक कुमार ने पहुंचकर अस्पताल को मानक विहीन बताते हुए सील कराया।

मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने डॉ.रोहित मिश्रा, कंपाउंडर जीतू राजपूत व अस्पताल के संचालक गोविंद पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मृतक की भाभी ने बताया कि उसका देवर दिल्ली में किसी प्राइवेट कंपनी में मजदूरी करता था। 

उधर, श्री गोविंद हास्पिटल के संचालक गोविंद पाल का कहना है कि सब कुछ ठीक था। मरीज को सुबह अचानक हार्ट अटैक पड़ा और उसकी मौत हो गई। उधर, इस संबंध में सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि दो दिन पहले डिलीवरी के दौरान एक नवजात की मौत की जानकारी पर अस्पताल प्रशासन को तत्काल बंद करने के निर्देश दे दिए गए थे। इसके बाद भी अस्पताल कैसे संचालित हुआ। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उधर, शहर में जालौन चौराहे के पास एक दुकान में बिना किसी बोर्ड के संचालित क्लीनिक में इलाज के दौरान रविवार को ऊषा (45) पत्नी श्रीपाल सिंह सेंगर निवासी मोहल्ला सत्तेश्वर की मौत हो गई। परिजनों ने शव को क्लीनिक के बाहर रखकर हंगामा किया। पुलिस ने एसडीएम व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में क्लीनिक को सील किया। पीड़ित के पति की तहरीर पर पुलिस ने इलाज करने वाले डॉ.सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

पति श्रीपाल ने बताया कि उसकी पत्नी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। इस पर उसने जालौन चौराहे के पास स्थित डॉ.सुनील कुमार के क्लीनिक पर इलाज कराया। रविवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी पत्नी की मौत हो गई।

डॉक्टर ने उस पर पत्नी को घर ले जाने का दबाव बनाया। उसने विरोध किया तो डॉक्टर व कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद डॉक्टर व अन्य कर्मचारी अस्पताल से भाग गए। उधर, जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव, सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव ने फोर्स व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचकर अस्पताल को सील किया। 

जिप अध्यक्ष ने स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया
श्री गोविंद अस्पताल में हुई युवक की मौत की खबर पर पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया। सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल के सामने मानक विहीन अस्पताल चल रहे हैं और सीएमओ को जानकारी ही नहीं है।

यह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शह पर संचालित हो रहा था। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले एक महिला की डिलीवरी के दौरान हालत बिगड़ गई थी, जिसमें उसके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई थी। महिला को गंभीर हालत में झांसी भेजा गया था।

आशा व एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की बात कही
श्री गोविंद अस्पताल में घटना के बाद सीएमओ डॉ.अर्चना श्रीवास्तव को मौके पर एक आशा ज्योति पत्नी विश्नू निवासी लहरापुर व एएनएम मिथलेश कुमारी मौजूद मिली। इस पर सीएमओ ने दोनों को खूब फटकार लगाई। साथ ही अस्पताल के बाहर निजी अस्पताल में मरीजों को पहुंचाने की बात कहते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
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