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सिपाही सोते ही रह गए जब आंख खुली तो 'दोनों बंदी' ट्रेन से गायब थे
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 02 Jun 2018 07:13 AM IST
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कानपुरः हत्या और गैंगस्टर जैसे मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध दो बंदी पुलिस अभिरक्षा से फर्रुखाबाद से कासगंज के बीच ट्रेन से फरार हो गए। दोनों को गुरुवार रात को आगरा कैंट-कोलकाता एक्सप्रेस (12320) से मथुरा स्टेशन से लेकर दो सिपाही कानपुर के लिए चले थे। इसमें एक सिपाही वहीं से अपने घर चला गया था। देर रात बीच रास्ते में दोनों सिपाहियों को नींद आ गई। इसका फायदा उठाकर दोनों बंद कैदी फरार हो गए।
जिला कारागार में निरुद्ध राजस्थान के गौरव शर्मा और मुरादाबाद के राहुल चौधरी की 31 मई को मथुरा की एक कोर्ट में पेशी थी। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही शैलेश, मोहम्मद शाहिद और शान अली 30 मई को लेकर दोनों बंदियों को मथुरा लेकर गए थे। पेशी के बाद पुलिस कमियों को बंदियों को लेकर शहर आना था, लेकिन सिपाही शैलेश वहां से अपने घर चला गया। शाहिद और शान दोनों के साथ थे। गुरुवार रात 9:20 बजे ट्रेन को मथुरा स्टेशन से चलना था, लेकिन ट्रेन चार घंटे की देरी से चली।
फर्रुखाबाद से कासगंज के बीच दोनों सिपाहियों को नींद आ गई। जब सिपाहियों की आंख खुली तो दोनों बंदी ट्रेन से गायब थे। सिपाहियों ने पुलिस अफसरों के साथ जीआरपी को घटना की जानकारी दी। शुक्रवार सुबह 5:30 बजे ट्रेन सेंट्रल स्टेशन पहुंची। इसके बाद सिपाहियों ने जीआरपी के साथ मिलकर आधे घंटे तक ट्रेन में बंदियों की खोजबीन की, लेकिन किसी का पता नहीं चला। जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि घर चले गए सिपाही शैलेश को भी बुलवा लिया। तीनों सिपाहियों पर लापरवाही और अभियुक्तों को हिरासत से भगाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जानकारी एसएसपी अखिलेश कुमार और जेल अफसरों को दे दी गई है। गौरव पर 16 और राहुल पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पर हत्या, गैंगस्टर समेत कई संगीन मामले हैं।
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जिला कारागार में निरुद्ध राजस्थान के गौरव शर्मा और मुरादाबाद के राहुल चौधरी की 31 मई को मथुरा की एक कोर्ट में पेशी थी। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही शैलेश, मोहम्मद शाहिद और शान अली 30 मई को लेकर दोनों बंदियों को मथुरा लेकर गए थे। पेशी के बाद पुलिस कमियों को बंदियों को लेकर शहर आना था, लेकिन सिपाही शैलेश वहां से अपने घर चला गया। शाहिद और शान दोनों के साथ थे। गुरुवार रात 9:20 बजे ट्रेन को मथुरा स्टेशन से चलना था, लेकिन ट्रेन चार घंटे की देरी से चली।
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फर्रुखाबाद से कासगंज के बीच दोनों सिपाहियों को नींद आ गई। जब सिपाहियों की आंख खुली तो दोनों बंदी ट्रेन से गायब थे। सिपाहियों ने पुलिस अफसरों के साथ जीआरपी को घटना की जानकारी दी। शुक्रवार सुबह 5:30 बजे ट्रेन सेंट्रल स्टेशन पहुंची। इसके बाद सिपाहियों ने जीआरपी के साथ मिलकर आधे घंटे तक ट्रेन में बंदियों की खोजबीन की, लेकिन किसी का पता नहीं चला। जीआरपी प्रभारी राममोहन राय ने बताया कि घर चले गए सिपाही शैलेश को भी बुलवा लिया। तीनों सिपाहियों पर लापरवाही और अभियुक्तों को हिरासत से भगाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जानकारी एसएसपी अखिलेश कुमार और जेल अफसरों को दे दी गई है। गौरव पर 16 और राहुल पर 14 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पर हत्या, गैंगस्टर समेत कई संगीन मामले हैं।
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