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यूपी: वायरल इंसेफ्लाइटिस से दो बच्चों की मौत, भूलकर भी न करें ये गलतियां
Thu, 20 Jun 2019 05:52 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 20 Jun 2019 05:52 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर में बुधवार को दो बच्चों की वायरल इंसेफ्लाइटिस से मौत हो गई। वायरल संक्रमण छोटे बच्चों के दिमाग तक पहुंच रहा है। उनके मस्तिष्क की झिल्ली में सूजन आ जा रही है। ऐसे वायरल इंसेफ्लाइटिस के रोगियों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त सुविधा न होने की वजह से उन्हें गंभीर हालत में हैलट रेफर किया जा रहा है।
कई रोगियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है। अधिकांश रोगी शहर के सरहदी ग्रामीण इलाकों से आ रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में मियादी बुखार भी तेजी से फैल रहा है।
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कई रोगियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है। अधिकांश रोगी शहर के सरहदी ग्रामीण इलाकों से आ रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में मियादी बुखार भी तेजी से फैल रहा है।
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डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमित पानी और खानपान में गंदगी से संक्रमण हो रहा है। मंधना के दिलीप कुमार के छह महीने के बच्चे को कई दिन से बुखार आ रहा था। इसके बाद बच्चे को झटके आने लगे।
क्षेत्रीय डॉक्टर के यहां से उसे कल्याणपुर स्थित एक नर्सिंगहोम लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। दिलीप ने बताया कि डॉक्टरों ने वायरल इंसेफ्लाइटिस बताया था।
क्षेत्रीय डॉक्टर के यहां से उसे कल्याणपुर स्थित एक नर्सिंगहोम लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। दिलीप ने बताया कि डॉक्टरों ने वायरल इंसेफ्लाइटिस बताया था।
इसी तरह चौडगरा फतेहपुर के रहने वाले रामेश्वर मौर्या के डेढ़ साल की बच्ची की लालबंगला स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई। बच्ची को भी वायरल इंसेफ्लाइटिस बताया गया था। कई मरीज हैलट में भर्ती कराए गए हैं।
बालरोग अस्पताल की ओपीडी में भी मरीज आए। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. राज तिलक ने बताया कि वायरल इंसेफ्लाइटिस और बुखार के मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा टायफायड के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है।
बालरोग अस्पताल की ओपीडी में भी मरीज आए। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. राज तिलक ने बताया कि वायरल इंसेफ्लाइटिस और बुखार के मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा टायफायड के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है।