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कानपुर: डायरिया से दो बच्चों की मौत, बढ़ा वायरल का प्रकोप, हो जाएं सतर्क
Sun, 22 Aug 2021 09:57 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 22 Aug 2021 09:57 PM IST
सार
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि मौसम बदल रहा है। ऐसे में वायरल संक्रमण के रोगी निमोनिया और डायरिया के लक्षण के साथ आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में वायरल संक्रमण का प्रकोप बना हुआ है। संक्रमण के कारण रोगियों को निमोनिया हो रहा है। इसके साथ ही लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। रविवार को दो बच्चों की डायरिया से मौत हो गई। कई रोगियों को डायरिया के बाद मिर्गी जैसे झटके आए हैं।
इसके साथ ही कोरोना विजेताओं को फ्लू के संक्रमण से सांस की तकलीफ बढ़ गई है। उन्हें कोरोना के समय जैसी कमजोरी महसूस हो रही है। पतारा में राम मिलन के तीन साल के बच्चे की मौत हुई है। उसे गंभीर स्थिति में हैलट लाया गया लेकिन बच्चे की मौत हो गई।
इसी तरह आवास विकास में त्रिभुवन के दो साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया। उसने बताया कि वह पटना रिश्तेदारी में गया था, वहीं से बच्चे को बुखार आया, इसके बाद पसली चलने लगी। वहीं डायरिया के बाद कुछ बच्चों को झटके आ रहे हैं।
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उनकी सिटी स्कैन जांच कराई गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि मौसम बदल रहा है। ऐसे में वायरल संक्रमण के रोगी निमोनिया और डायरिया के लक्षण के साथ आ रहे हैं।
सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि बुखार के रोगी की स्लाइड बनवाई जा रही है। रोगियों की मलेरिया की भी जांच कराई जा रही है। साथ दवा का छिड़काव भी। बारिश के इस सीजन में मच्छरों की भरमार हो जाती है।
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इसके साथ ही कोरोना विजेताओं को फ्लू के संक्रमण से सांस की तकलीफ बढ़ गई है। उन्हें कोरोना के समय जैसी कमजोरी महसूस हो रही है। पतारा में राम मिलन के तीन साल के बच्चे की मौत हुई है। उसे गंभीर स्थिति में हैलट लाया गया लेकिन बच्चे की मौत हो गई।
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इसी तरह आवास विकास में त्रिभुवन के दो साल के बच्चे ने दम तोड़ दिया। उसने बताया कि वह पटना रिश्तेदारी में गया था, वहीं से बच्चे को बुखार आया, इसके बाद पसली चलने लगी। वहीं डायरिया के बाद कुछ बच्चों को झटके आ रहे हैं।
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उनकी सिटी स्कैन जांच कराई गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि मौसम बदल रहा है। ऐसे में वायरल संक्रमण के रोगी निमोनिया और डायरिया के लक्षण के साथ आ रहे हैं।
सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि बुखार के रोगी की स्लाइड बनवाई जा रही है। रोगियों की मलेरिया की भी जांच कराई जा रही है। साथ दवा का छिड़काव भी। बारिश के इस सीजन में मच्छरों की भरमार हो जाती है।