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चित्रकूट: कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाकर खुदकुशी की, मचा कोहराम
Tue, 21 Jul 2020 08:51 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 21 Jul 2020 08:51 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
चित्रकूट जिले में बहिलपुरवा थाना अंतर्गत सेमरदहा गांव के एक किसान ने अपने ही खेत मेें लगे पेड़ में रस्सी से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। जानकारी होते ही उसके परिवार मेंं कोहराम मच गया। परिजनों का कहना कि ट्रैक्टर का कर्ज न चुका पाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। फाइनेंस कंपनी की नोटिस भी आई थी जिससे क्षुब्ध होकर उसने खुदकुशी कर ली है।
सेमरदहा गांव निवासी किसान योगेश मिश्र (28) पुत्र भागवत प्रसाद मिश्र सोमवार की शाम को बाजार जाने की बात कहकर अपने घर से निकला था। रात होने पर उसके घर न आने पर परिजनों ने तलाश शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार सुबह सेमरदहा गांव के पास बनी पानी की टंकी के पीछे एक पेड़ पर उसका शव लटका मिला। स्थानीय कुछ लोगों ने उसे पहचान कर परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की और पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
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घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी जयशंकर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया।
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सेमरदहा गांव निवासी किसान योगेश मिश्र (28) पुत्र भागवत प्रसाद मिश्र सोमवार की शाम को बाजार जाने की बात कहकर अपने घर से निकला था। रात होने पर उसके घर न आने पर परिजनों ने तलाश शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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मंगलवार सुबह सेमरदहा गांव के पास बनी पानी की टंकी के पीछे एक पेड़ पर उसका शव लटका मिला। स्थानीय कुछ लोगों ने उसे पहचान कर परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की और पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
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घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी जयशंकर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया।
मृतक के मझले भाई अखिलेश मिश्र ने बताया कि एक साल पहले एक ट्रैक्टर 5 लाख रुपये में खरीदा गया था। जिसमेंं दो लाख 8 हजार रूपए का कर्ज बाकी था। ट्रैक्टर की देखभाल उसके बडा भाई योगेश ही करते थे। वह ही इसका कर्ज भरते थे। जिसके लिए सात किस्त 14 हजार 300 रुपए की ऑनलाइन के माध्यम से भेजी गई थी।
प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों कहना है कि कोई किश्त नहीं जमा हुई। नोटिस भी भेज दी गई थी। जिससे उसके भाई परेशान रहता था। लॉकडाउन में कहीं अन्य कमाई का स्त्रोत भी नहीं था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने खुदकुशी कर ली है। किसान की मौत की जानकारी होने पर मानिकपुर तहसीलदार शशीकांत मणि समेरदहा गांव पहुंचे।
परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर मझले भाई अखिलेश मिश्र के नाम था। जिसकी देखभाल बड़े भार्ई योगेश मिश्र करते थे। प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के अधिकारी कर्मचारी दस दिन पहले गांव आए थे। इसके बाद मझले भाई अखिलेश मिश्र ने सोमवार को ट्रैक्टर को ले जाकर कंपनी में जमा करा दिया था।
इसके बाद उसका भाई योगेश मिश्र घर से गायब हो गए। जिनका शव खेत में फांसी पर लटका मिला है। किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। तहसीलदार ने बताया कि मृतक के परिवार मेें लगभग 60 बीघा जमीन है।
प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों कहना है कि कोई किश्त नहीं जमा हुई। नोटिस भी भेज दी गई थी। जिससे उसके भाई परेशान रहता था। लॉकडाउन में कहीं अन्य कमाई का स्त्रोत भी नहीं था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने खुदकुशी कर ली है। किसान की मौत की जानकारी होने पर मानिकपुर तहसीलदार शशीकांत मणि समेरदहा गांव पहुंचे।
परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर मझले भाई अखिलेश मिश्र के नाम था। जिसकी देखभाल बड़े भार्ई योगेश मिश्र करते थे। प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के अधिकारी कर्मचारी दस दिन पहले गांव आए थे। इसके बाद मझले भाई अखिलेश मिश्र ने सोमवार को ट्रैक्टर को ले जाकर कंपनी में जमा करा दिया था।
इसके बाद उसका भाई योगेश मिश्र घर से गायब हो गए। जिनका शव खेत में फांसी पर लटका मिला है। किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। तहसीलदार ने बताया कि मृतक के परिवार मेें लगभग 60 बीघा जमीन है।