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अफसरों में खींचातानी, पीडियाट्रिक आईसीयू का काम धीमा
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कानपुर देहात। अफसरों की खींचातानी के चलते जिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे पीडियाट्रिक आईसीयू को क्रियाशील कराने मेें लेटलतीफी हो रही है। आईसीयू स्थापित करने के लिए सीएमएस ने बिना प्रस्ताव ही सीएमओ से छह लाख रुपये की मांग कर दी। इसे सीएमओ ने नामंजूर कर दिया है। उन्होंने सीएमएस से संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है।
कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की बात कही जा रही है। जिससे बचाव के लिए शासन स्तर से जिले में तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। बीती 18 मई को जिले के दौरे पर आए कमिश्नर राजशेखर ने जिला चिकित्सालय अकबरपुर में बच्चों के लिए बीस बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू 15 दिनों में बनाकर तैयार करने की हिदायत दी थी, लेकिन अभी तक सिर्फ जगह चिह्नित कर आधे-अधूरे कक्ष ही बनाए जा सके हैं।
तत्कालीन सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने आईसीयू जल्द क्रियाशील बनाने के लिए छह लाख रुपये बजट की मांग 21 मई को भेजी थी। जिसे सीएमओ ने नामंजूर कर दिया है। जिससे पीडियाट्रिक आईसीयू स्थापित करने का काम फिर से लटक गया। सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए जिलाधिकारी को बजट आवंटित किया गया है।
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जिसे खर्च करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में क्रय समिति गठित है। जो कोविड-19 संबंधित क्रय प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करने के बाद अनुमोदन देती है। इसलिए सीएमएस को सीधे बजट देना संभव नहीं है। पीडियाट्रिक आईसीयू क्रियाशील करने के लिए सीएमएस से प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव मिलने पर क्रय समिति के पास भेजा जाएगा।
कोविड अस्पताल के वेंटिलेटर लगाने पर विचार
कानपुर देहात। बच्चों के लिए बनाए जा रहे पीडियाट्रिक आईसीयू को अत्याधुनिक बेड, वेंटिलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर सहित अन्य उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पूर्व में कोविड अस्पताल के लिए भेजे गए बीस वेंटिलेटर को पीडियाट्रिक आईसीयू में लगाने पर विचार किया जा रहा है। जिन वेंटिलेटर में कुछ खामियां हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।
जीरियाट्रिक वार्ड में शिफ्ट किया गया एनआरसी
कानपुर देहात। जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र के ठीक पीछे कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए पीडियाट्रिक वार्ड बनाया जा रहा है। ऐसे में एनआरसी मेें आने वाले अति कुपोषित बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई। जिस पर एनआरसी को वहां से हटाकर जीरियाट्रिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वहीं पीडियाट्रिक वार्ड में प्रवेश के लिए बाहरी दीवार को तोड़कर रास्ता बनाया जा रहा है।
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कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की बात कही जा रही है। जिससे बचाव के लिए शासन स्तर से जिले में तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। बीती 18 मई को जिले के दौरे पर आए कमिश्नर राजशेखर ने जिला चिकित्सालय अकबरपुर में बच्चों के लिए बीस बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू 15 दिनों में बनाकर तैयार करने की हिदायत दी थी, लेकिन अभी तक सिर्फ जगह चिह्नित कर आधे-अधूरे कक्ष ही बनाए जा सके हैं।
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तत्कालीन सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने आईसीयू जल्द क्रियाशील बनाने के लिए छह लाख रुपये बजट की मांग 21 मई को भेजी थी। जिसे सीएमओ ने नामंजूर कर दिया है। जिससे पीडियाट्रिक आईसीयू स्थापित करने का काम फिर से लटक गया। सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए जिलाधिकारी को बजट आवंटित किया गया है।
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जिसे खर्च करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में क्रय समिति गठित है। जो कोविड-19 संबंधित क्रय प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करने के बाद अनुमोदन देती है। इसलिए सीएमएस को सीधे बजट देना संभव नहीं है। पीडियाट्रिक आईसीयू क्रियाशील करने के लिए सीएमएस से प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव मिलने पर क्रय समिति के पास भेजा जाएगा।
कोविड अस्पताल के वेंटिलेटर लगाने पर विचार
कानपुर देहात। बच्चों के लिए बनाए जा रहे पीडियाट्रिक आईसीयू को अत्याधुनिक बेड, वेंटिलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर सहित अन्य उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पूर्व में कोविड अस्पताल के लिए भेजे गए बीस वेंटिलेटर को पीडियाट्रिक आईसीयू में लगाने पर विचार किया जा रहा है। जिन वेंटिलेटर में कुछ खामियां हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।
जीरियाट्रिक वार्ड में शिफ्ट किया गया एनआरसी
कानपुर देहात। जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र के ठीक पीछे कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए पीडियाट्रिक वार्ड बनाया जा रहा है। ऐसे में एनआरसी मेें आने वाले अति कुपोषित बच्चों में संक्रमण फैलने की आशंका जताई गई। जिस पर एनआरसी को वहां से हटाकर जीरियाट्रिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है। वहीं पीडियाट्रिक वार्ड में प्रवेश के लिए बाहरी दीवार को तोड़कर रास्ता बनाया जा रहा है।