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बोल्ट टूटकर गिरने से बोगी में लगे जबरदस्त झटके, सहम गए यात्री
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 07 Dec 2016 07:23 PM IST
सार
- ढाई घंटे सेंट्रल पर खड़ी रही ट्रेन, सूचना पर मेकैनिकल टीम ने बदला बोल्ट
- झटके की शिकायत पर यात्रियों ने की थी शिकायत, ट्रेन पहुंचते ही मरम्मत
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रेल का बोल्ट बदलती हुई मेकैनिकल टीम
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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विस्तार
मुंबई से गोरखपुर जा रही लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस के शॉकर (शॉक एब्जॉर्बर) का बोल्ट गिरने से बोगी में लग रहे झटकों से यात्री सहम गए। कंट्रोल रूम में शिकायत मिली तो मेकैनिकल टीम मौके पर पहुंची और शॉकर के बोल्ट को बदला। इससे ट्रेन प्लेटफार्म नंबर छह पर ढाई घंटे तक खड़ी रही।
ट्रेन सुबह 11:50 बजे स्टेशन पर पहुंची। एस-5 कोच के यात्रियों ने झटके लगने की शिकायत कंट्रोल से की थी। इसके बाद जब तक टीम पहुंचती, ड्राइवर को सिग्नल मिला और उसने ट्रेन बढ़ा दी। इस चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया।
मैकैनिकल टीम ने बोल्ट बदला। गोरखपुर जा रहे यात्री आईआईटी मद्रास के मैकैनिकल इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र अखिलेश, मोहम्मद जुल्फिकार ने बताया कि भुसावल से यात्रियों को झटके लग रही थी।
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दरअसल शॉकर की वजह से पटरी पर दबाव पड़ने पर बोगी दबती है और झटके महसूस नहीं होते हैं। सेंट्रल स्टेशन के मैकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चीफ शिव सिंह के नेतृत्व में टीम ने मरम्मत की। करीब ढाई बजे ट्रेन को रवाना किया गया।
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ट्रेन सुबह 11:50 बजे स्टेशन पर पहुंची। एस-5 कोच के यात्रियों ने झटके लगने की शिकायत कंट्रोल से की थी। इसके बाद जब तक टीम पहुंचती, ड्राइवर को सिग्नल मिला और उसने ट्रेन बढ़ा दी। इस चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया।
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मैकैनिकल टीम ने बोल्ट बदला। गोरखपुर जा रहे यात्री आईआईटी मद्रास के मैकैनिकल इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र अखिलेश, मोहम्मद जुल्फिकार ने बताया कि भुसावल से यात्रियों को झटके लग रही थी।
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दरअसल शॉकर की वजह से पटरी पर दबाव पड़ने पर बोगी दबती है और झटके महसूस नहीं होते हैं। सेंट्रल स्टेशन के मैकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग के चीफ शिव सिंह के नेतृत्व में टीम ने मरम्मत की। करीब ढाई बजे ट्रेन को रवाना किया गया।