{"_id":"5ec6d4a98ebc3e90415951e9","slug":"train-pukhranya-news-knp56137016","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेन रुकते ही पानी के लिए दौड़ लगाते हैं श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेन रुकते ही पानी के लिए दौड़ लगाते हैं श्रमिक
विज्ञापन
train
- फोटो : PUKHRANYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुखरायां। झांसी-कानपुर रेलवे रूट पर श्रमिकों को घरों तक पहुंचाने के लिए ट्रेनों का संचालन हो रहा है। समय निर्धारण न होने और सिंगिल लाइन होने से कुछ ट्रेनों को रोकना पड़ता है। इस दौरान प्रवासी मजदूर पानी के लिए स्टेशन की ओर दौड़ पड़ते हैं।
गुरुवार की सुबह आठ बजे पुखरायां स्टेशन पर कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेन आधा घंटे तक खड़ी रही। ट्रेन में बैठे लोग पानी के लिए मंडी छोर बस्ती में जाने लगे।
बस्ती के लोगों ने सबमर्सिबल में पाइप लगाकर पटरी की ओर कर दिया। मलासा स्टेशन क्रासिंग का सिग्नल न मिलने पर ट्रेन डीघ क्रासिंग के पास खड़ी हो गई। एक मलासा स्टेशन और एक लालपुर स्टेशन पर ट्रेन खड़ी करनी पड़ी। पुखरायां स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र वर्मा ने बताया कि झांसी रूट पर 50 से अधिक अप-डाउन ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
विज्ञापन
इनका समय निर्धारण नहीं है। सिंगल लाइन होने के कारण क्रासिंग देनी पड़ती है। इस कारण सिग्नल नहीं मिल पाता और जहां की तहां ट्रेनों को रोकना पड़ता हैं।
विज्ञापन
गुरुवार की सुबह आठ बजे पुखरायां स्टेशन पर कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेन आधा घंटे तक खड़ी रही। ट्रेन में बैठे लोग पानी के लिए मंडी छोर बस्ती में जाने लगे।
विज्ञापन
बस्ती के लोगों ने सबमर्सिबल में पाइप लगाकर पटरी की ओर कर दिया। मलासा स्टेशन क्रासिंग का सिग्नल न मिलने पर ट्रेन डीघ क्रासिंग के पास खड़ी हो गई। एक मलासा स्टेशन और एक लालपुर स्टेशन पर ट्रेन खड़ी करनी पड़ी। पुखरायां स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र वर्मा ने बताया कि झांसी रूट पर 50 से अधिक अप-डाउन ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
विज्ञापन
इनका समय निर्धारण नहीं है। सिंगल लाइन होने के कारण क्रासिंग देनी पड़ती है। इस कारण सिग्नल नहीं मिल पाता और जहां की तहां ट्रेनों को रोकना पड़ता हैं।