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Fraud: सेना भर्ती का झांसा देकर युवकों से 3.60 लाख ठगे, लखनऊ में कथित सेना अधिकारियों ने परीक्षण भी किया

Wed, 14 Sep 2022 05:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 14 Sep 2022 05:01 PM IST
सार

औंग थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर ने सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर तीन युवकों से तीन लाख 60 हजार रुपये की ठगी कर ली। लखनऊ में कथित सेना अधिकारियों ने युवकों का परीक्षण भी किया। सेना कमांडेंट कार्यालय में कई अधिकारी उसके करीबी बताए जा रहे हैं।

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Three youths cheated of 3.60 lakh on the pretext of army recruitment in Fatehpur
आर्मी भर्ती (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फतेहपुर जिले के औंग क्षेत्र में सेना में नौकरी का झांसा देकर हिस्ट्रीशीटर ने प्रयागराज के तीन युवकों से तीन लाख 60 हजार रुपये ठगी कर ली। इस घटनाक्रम को लखनऊ सेना कमांडेंट परिसर में अंजाम दिया गया। ठगी के शिकार युवकों ने रुपये औंग कस्बे के रहने वाले ठग और हिस्ट्रीशीटर के खाते में ट्रांसफर किए थे। इसी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

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प्रयागराज के सरायंममरेज थाना क्षेत्र के पैगुआ निवासी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके ससुर सेवानिवृत्त फौजी हैं। उनके इलाज के लिए सेना कमांडेंट लखनऊ कार्यालय आना-जाना रहता था। सेना कार्यालय में लोगों का कामकाज कराने वाले नीलेश पटेल उर्फ धीरज पटेल निवासी औंग से मुलाकात हुई। वह सेना में अधिकारियों से नीलेश का परिचय देखकर प्रभावित हुए।

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2019 में बातचीत के दौरान नीलेश ने सेना में लड़के भर्ती कराने की बात कही। उसने भतीजे विभम सिंह और पहचान के अमरपाल, राजू पाल को भर्ती के लिए बातचीत की। नीलेश पटेल ने हर लड़के का चार लाख रुपये खर्च बताया। रुपये खाते में ट्रांसफर करने की बात कही। इस वजह से विश्वास और बढ़ गया। बातचीत के बाद तीन लाख 60 हजार रुपये 2020 में निलेश पटेल के खाते में जमा किए।

इस दौरान नीलेश ने तीनों अभ्यर्थियों को कमांडेंट कार्यालय बुलाया। उसके साथ सेना के कथित अधिकारी भी थे। भर्ती के दौरान होने वाले टेस्ट और जांच में फिंगर प्रिंट, लंबाई, चौड़ाई, दौड़ आदि कराया। तीनों के सारे मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा किए। उसके बाद के नौकरी पर करीब दो साल तक टरकाता रहा। छह माह से फोन उठाना बंद कर दिया और उनके मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया।

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रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी है। तभी नीलेश के बैंक खाते का डिटेल पता किया और औंग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाने में पता चला कि नीलेश हिस्ट्रीशीटर है। प्रभारी निरीक्षक जयचंद्र भारती ने बताया कि रुपये, प्रमाण पत्र हड़पने और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। 

लूट, मादक पदार्थ के तस्करी के नीलेश पर मुकदमे 
गांव में नीलेश उर्फ धीरज को ज्ञानू पटेल के नाम से भी जाना जाता है। उसने अपने एक साथी के साथ 2017 में मिर्च कारोबारी के साथ लूट की थी। उसके खिलाफ थाने में 2018,2019, 2020 मिनी गुंडाएक्ट और धमकी का मुकदमा दर्ज हुआ। कार में मादक पदार्थ लेकर जाते 2021 में नीलेश को पुलिस ने पकड़ा था। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली है।

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