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एक साथ हुई 3 मौतों ने लोगों को दिया झकझोर, गांव में छाया मातम, नहीं जले चूल्हे
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 14 Sep 2018 09:12 PM IST
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मृतक के घर के बाहर लगी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के कानपुर देहात में थाना क्षेत्र के मूड़ादेव गांव के पास गुरुवार को डीसीएम की टक्कर से हुई तीन मौतों के बाद बनवारीपुर गांव में मातम पसरा रहा। गांव की अधिकांश घरों के जहां चूल्हे नहीं जले तो लोगों की आंखें आंसूओं से सराबोर रहीं। वहीं पोस्टमार्टम हाउस से लेकर गांव तक शोक व्यक्त करने के लिए शिक्षक, व्यापारी व जनप्रतिनिधि सहित क्षेत्रवासी पहुंचे।
बनवारीपुर गांव के सुनील कटियार जो कि ज्ञान भारती इंटर कालेज मुबारकपुर में प्रधानाचार्य थे। वह अपने गांव के साथी मनीष कटियार के गांव में रह रहे बिहार निवासी अजय शाह के साथ बाइक से औरैया से लौट रहे थे। इसी दौरान मूढ़ादेव गांव के समीप पीछे से अनियंत्रित डीसीएम ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक की अस्पताल में मौत हो गई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे मार्ग जाम कर दिया। हालांकि, अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। एक साथ हुई तीन मौतों पर बनवारीपुर गांव में शुक्रवार को मातम छाया रहा। अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पर भी विधायक अजीत पाल, सीमा कटियार, नरेश कटियार सहित प्रधानाचार्य व शिक्षक का जमावड़ा लगा रहा।
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बनवारीपुर गांव के सुनील कटियार जो कि ज्ञान भारती इंटर कालेज मुबारकपुर में प्रधानाचार्य थे। वह अपने गांव के साथी मनीष कटियार के गांव में रह रहे बिहार निवासी अजय शाह के साथ बाइक से औरैया से लौट रहे थे। इसी दौरान मूढ़ादेव गांव के समीप पीछे से अनियंत्रित डीसीएम ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक की अस्पताल में मौत हो गई।
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आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे मार्ग जाम कर दिया। हालांकि, अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए। एक साथ हुई तीन मौतों पर बनवारीपुर गांव में शुक्रवार को मातम छाया रहा। अधिकांश घरों में चूल्हे तक नहीं जले। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पर भी विधायक अजीत पाल, सीमा कटियार, नरेश कटियार सहित प्रधानाचार्य व शिक्षक का जमावड़ा लगा रहा।
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जिद को पूरा करने के लिए वह देर नहीं करता था...
डेमो पिक
शुक्रवार की दोपहर शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी, बच्चे बदहवास हो गए। वहीं, मृतक के पिता वीरेंद्र कटियार ने रोते हुए कहा कि मेरे घर का चिराग ही बुझ गया। उन्होंने बताया कि अब नाती के सहारे ही जिंदगी काटनी होगी। वहीं सुनील कटियार के पिता गया प्रसाद व मां गंगावती का भी रो रोकर बुरा हाल था।
उन्होंने रोते हुए कहा कि सुनील अपने पुत्र पीयूष से बहुत प्यार करता था। उसकी जिद को पूरा करने के लिए वह देर नहीं करता था। शव पहुंचने के बाद क्षेत्रीय लोग शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए गांव पहुंचे और दुखी परिवार को ढांढ़स बंधाया। वहीं, देर शाम दोनों शवों का गांव में खेतों पर दाह संस्कार कर दिया गया। जबकि बिहार निवासी अजय शाह के शव को उसके परिजन बिहार लेकर चले गए।
प्रधानाचार्य सुनील कटियार की मौत की खबर की जानकारी मिलते ही जनपद के स्कूलों में शोक सभाएं आयोजित की गई हैं। प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वहीं वित्तविहीन शिक्षक महासभा के शिक्षक नेताओं ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान शिक्षक संगठन के वीरभान सिंह, केशव सिंह, राम विलास यादव, रूबीना कुरैशी, अनुराधा, धुव्र कांत, एके दुबे, सीएल वर्मा, संतोष कटियार, सुरेंद्र कटियार, सोनू गुप्ता आदि शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंनचे।
उन्होंने रोते हुए कहा कि सुनील अपने पुत्र पीयूष से बहुत प्यार करता था। उसकी जिद को पूरा करने के लिए वह देर नहीं करता था। शव पहुंचने के बाद क्षेत्रीय लोग शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए गांव पहुंचे और दुखी परिवार को ढांढ़स बंधाया। वहीं, देर शाम दोनों शवों का गांव में खेतों पर दाह संस्कार कर दिया गया। जबकि बिहार निवासी अजय शाह के शव को उसके परिजन बिहार लेकर चले गए।
प्रधानाचार्य सुनील कटियार की मौत की खबर की जानकारी मिलते ही जनपद के स्कूलों में शोक सभाएं आयोजित की गई हैं। प्रधानाचार्यों व शिक्षकों ने दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वहीं वित्तविहीन शिक्षक महासभा के शिक्षक नेताओं ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान शिक्षक संगठन के वीरभान सिंह, केशव सिंह, राम विलास यादव, रूबीना कुरैशी, अनुराधा, धुव्र कांत, एके दुबे, सीएल वर्मा, संतोष कटियार, सुरेंद्र कटियार, सोनू गुप्ता आदि शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंनचे।