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Kanpur News: इंडिया मार्ट पर फर्जी इनवॉयस भेज 18.31 लाख ठगने में तीन गिरफ्तार

Mon, 12 Oct 2026 01:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 01:48 AM IST
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Three arrested for swindling 18.31 lakh by sending fake invoices on IndiaMART.
कानपुर। इंडिया मार्ट के जरिए केमिकल की आपूर्ति का झांसा देकर लाजपत नगर के कारोबारी से 18.31 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को साइबर क्राइम पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी नामी कंपनियों के नाम और पते का इस्तेमाल कर फर्जी इनवॉयस तैयार करते थे। इनमें अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर दर्ज कर कारोबारियों से रकम ऐंठते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह अब तक कई लोगों से 50 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
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एडीसीपी साइबर क्राइम अरीबा नोमान ने बताया कि लाजपत नगर निवासी विनीत कुमार माहेश्वरी की नियति इंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। वह साबुन और डिटर्जेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले एसिड स्लरी केमिकल की आपूर्ति करते हैं। विनीत ने इंडिया मार्ट समेत अन्य वेबसाइटों पर केमिकल खरीदने के लिए मांग दर्ज की थी। इसी दौरान उनकी बातचीत हरियाणा के पंचकूला स्थित एएनएस इंटरप्राइजेज के हिमांशु बंसल से हुई।
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31 मार्च 2026 को 11 हजार किलोग्राम एसिड स्लरी की आपूर्ति का सौदा तय हुआ। हिमांशु की ओर से भेजे गए दो इनवॉयस के आधार पर विनीत ने चार बार में आरटीजीएस के जरिए 18.31 लाख रुपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। यह रकम आरोपी वीरेंद्र फूलपगारे के खाते में पहुंची, लेकिन माल की आपूर्ति नहीं हुई।
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शिकायत के बाद आरोपियों ने करीब एक महीने बाद इंदौर की ग्लोबेक्स प्राइवेट लिमिटेड से हाइड्रोक्लोरिक एसिड का ट्रक भेज दिया, जबकि विनीत ने इसकी मांग नहीं की थी। उन्होंने ट्रक लौटा दिया। जांच में पता चला कि एएनएस इंटरप्राइजेज ने न तो माल भेजा था और न ही उसके खाते में रकम पहुंची थी। इसके बाद विनीत ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना राहुल सूर्यवंशी माई बिल बुक एप से फर्जी बिल और इनवॉयस तैयार करता था। आरोपी कमीशन पर बैंक खाते लेकर ठगी की रकम उनमें मंगाते थे। वीरेंद्र के खाते से 9.40 लाख रुपये सुनील मोहे के खाते में भेजे गए। इनमें से छह लाख रुपये नकद निकाले गए, जबकि 3.40 लाख रुपये सुनील के दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल सूर्यवंशी, वीरेंद्र फूलपगारे और सुनील मोहे के रूप में हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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