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मौत का बुलावा: 'मां, वो अपने पास बुलाता है', एक भाई की मौत के बाद ये कहकर दो ने दी जान, 8 माह में उजड़ी दुनिया
Sun, 11 Oct 2026 08:48 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 11 Oct 2026 08:48 PM IST
सार
Kanpur News: पहले मझले बेटे ने होली पर खुदकुशी की थी। ढाई महीने पहले छोटे बेटे की भी गिरकर मौत हुई थी। शनिवार को बड़े बेटे की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई।
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विकास की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुढ़ापे में जिन बेटों के सहारे की उम्मीद थी, उनकी एक-एक कर मौत ने बुजुर्ग माता-पिता की दुनिया उजाड़ दी। आठ महीने के भीतर तीन जवान बेटों को खोने का दर्द पैरालिसिस से पीड़ित पिता रामशंकर और मां छिदाना के लिए असहनीय हो गया है। शनिवार को जाजमऊ थानाक्षेत्र के वाजिदपुर में घर की दूसरी मंजिल से गिरकर बड़े बेटे विकास (29) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इससे पहले होली पर मझले बेटे ने खुदकुशी कर ली थी, जबकि छोटे बेटे की भी घर की पहली मंजिल से गिरकर जान चली गई थी।
वाजिदपुर निवासी विकास के परिवार में पत्नी सरोज, बेटा नीशू और दो बहनें दामिनी व गुड़िया हैं। नवाबगंज के ख्योरा निवासी विकास के फूफा कैलाश के मुताबिक, मझले बेटे गोविंद निषाद (30) ने इस बार होली से दो दिन पहले खुदकुशी कर ली थी। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब ढाई महीने पहले तीसरे नंबर के बेटे अमन की घर की पहली मंजिल से गिरकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
कैलाश के अनुसार, गोविंद की मौत के बाद अमन अक्सर अपनी मां से कहता था कि भाई सपने में आता है और उसे अपने पास बुलाता है। वह भी भाई के पास जाने की बात कहता था। मां उसे समझाकर शांत कराती थीं, लेकिन उसकी बातें परिवार को परेशान करती थीं। कुछ समय बाद अमन की भी मौत हो गई। इसके बाद बड़े बेटे विकास ने भी इसी तरह की बातें दोहरानी शुरू कर दी थीं।
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अब विकास की मौत ने परिवार को तीसरा गहरा जख्म दिया है। जिन बेटों से बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी, उनके चले जाने से माता-पिता बेसहारा हो गए हैं। तीनों जवान बेटों को खोने का दर्द परिवार के लिए असहनीय है। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि परिजन की ओर से तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी पर आरोप लगाया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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वाजिदपुर निवासी विकास के परिवार में पत्नी सरोज, बेटा नीशू और दो बहनें दामिनी व गुड़िया हैं। नवाबगंज के ख्योरा निवासी विकास के फूफा कैलाश के मुताबिक, मझले बेटे गोविंद निषाद (30) ने इस बार होली से दो दिन पहले खुदकुशी कर ली थी। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब ढाई महीने पहले तीसरे नंबर के बेटे अमन की घर की पहली मंजिल से गिरकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
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कैलाश के अनुसार, गोविंद की मौत के बाद अमन अक्सर अपनी मां से कहता था कि भाई सपने में आता है और उसे अपने पास बुलाता है। वह भी भाई के पास जाने की बात कहता था। मां उसे समझाकर शांत कराती थीं, लेकिन उसकी बातें परिवार को परेशान करती थीं। कुछ समय बाद अमन की भी मौत हो गई। इसके बाद बड़े बेटे विकास ने भी इसी तरह की बातें दोहरानी शुरू कर दी थीं।
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अब विकास की मौत ने परिवार को तीसरा गहरा जख्म दिया है। जिन बेटों से बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी, उनके चले जाने से माता-पिता बेसहारा हो गए हैं। तीनों जवान बेटों को खोने का दर्द परिवार के लिए असहनीय है। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि परिजन की ओर से तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी पर आरोप लगाया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।