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यूपी: सीएम योगी के आदेश के बाद भी नहीं दिखा परिवर्तन, हरदोई में तीन मवेशियों की मौत, दो मरणासन्न
Mon, 15 Jul 2019 11:33 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 15 Jul 2019 11:33 PM IST
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अस्थायी गोशाला में गोवंश
हरदोई में अन्ना मवेशियों के लिए बनवाई गई गोशालाओं में मवेशियों की मौत पर मुख्यमंत्री के सख्त रुख अपनाने के बाद भी हालात में कोई परिवर्तन नहीं आया है। पिछले कुछ दिनों में दो दर्जन से अधिक गोवंश मौत की नींद साे चुके हैं।
रविवार रात हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अमर उजाला में प्रकाशित खबर के हवाले से मंसूरनगर गोशाला में मवेशियों की मौत का जिक्र आने और सीएम के नाराज होने पर रात में ही जिला विकास अधिकारी को मंसूरनगर रवाना किया गया। इस सबके बीच गोशालाओं की स्थिति सुधारने के दावों की पोल सोमवार को फिर खुलती नजर आई।
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रविवार रात हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अमर उजाला में प्रकाशित खबर के हवाले से मंसूरनगर गोशाला में मवेशियों की मौत का जिक्र आने और सीएम के नाराज होने पर रात में ही जिला विकास अधिकारी को मंसूरनगर रवाना किया गया। इस सबके बीच गोशालाओं की स्थिति सुधारने के दावों की पोल सोमवार को फिर खुलती नजर आई।
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मल्लावां विकास खंड की ग्राम पंचायत शाहपुरगंगा स्थित गोशाला में तीन मवेशी मृत मिले। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मिरगावां में बनी गोशाला में भी एक मवेशी बीमार मिला तो एक की गर्दन से खून रिसता नजर आया। मल्लावां विकास खंड की ग्राम पंचायत शाहपुरगंगा में गोशाला है। इसमें 224 मवेशी बंद हैं।
सोमवार सुबह शाहपुरगंगा गोशाला में तीन मवेशी मृत पड़े मिले। दो मवेशी मरणासन्न मिले। मवेशियों की देखरेख के लिए यहां शिवराम, देवीशंकर, मोतीलाल, रामनरायण, सद्दीक और जयसिंह की तैनाती है, लेकिन सोमवार को मौके पर कोई मौजूद नहीं मिला। मरणासन्न मवेशियों के मुंह बोरे से बंधे थे। गोशाला में भूसा और चारा नहीं था।
सोमवार सुबह शाहपुरगंगा गोशाला में तीन मवेशी मृत पड़े मिले। दो मवेशी मरणासन्न मिले। मवेशियों की देखरेख के लिए यहां शिवराम, देवीशंकर, मोतीलाल, रामनरायण, सद्दीक और जयसिंह की तैनाती है, लेकिन सोमवार को मौके पर कोई मौजूद नहीं मिला। मरणासन्न मवेशियों के मुंह बोरे से बंधे थे। गोशाला में भूसा और चारा नहीं था।
गोशाला के निकट मिले गांव निवासी सत्यकुमार ने बताया कि मवेशियों की कोई देखरेख नहीं होती। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि शिवकुमार कनौजिया ने बताया कि एक फरवरी को गोशाला का शुभारंभ हुआ था। तबसे मवेशियों के भूसे के लिए एक लाख रुपये मिले हैं, लेकिन तीन लाख रुपये की उधारी से मवेशियों के चारे का इंतजाम किया गया है।
पशु चिकित्सा अधिकारी हरिकांत वर्मा ने बताया कि एक मवेशी का पोस्टमार्टम कराया गया है। मृत मवेशियों को दफन करा दिया गया है। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मिरगावां में बनी गोशाला में 114 मवेशी बंद होने का दावा प्रधानपति जंगेलाल ने किया, लेकिन मौके पर 90 मवेशी ही मिले। गोशाला में कई दिन से भूसे का इंतजाम नहीं है।
यहां एक मवेशी गंभीर रूप से बीमार मिला तो भूख से पूरे परिसर में उछल रहे एक मवेशी की गर्दन से लगातार खून रिसता नजर आया। बीमार मवेशी के बारे में पता चला कि गैंगरीन के चलते उसका एक पैर काटा गया, लेकिन दोबारा कोई सुधि लेने तक नहीं आया। एक अन्य मवेशी भी यहां बीमार मिला, जिसके शरीर का पिछला हिस्सा बुरी तरह जख्मी था। पशु चिकित्सक डॉ. बच्चा सिंह ने बताया कि घायल मवेशी का इलाज किया जा रहा है।
पशु चिकित्सा अधिकारी हरिकांत वर्मा ने बताया कि एक मवेशी का पोस्टमार्टम कराया गया है। मृत मवेशियों को दफन करा दिया गया है। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मिरगावां में बनी गोशाला में 114 मवेशी बंद होने का दावा प्रधानपति जंगेलाल ने किया, लेकिन मौके पर 90 मवेशी ही मिले। गोशाला में कई दिन से भूसे का इंतजाम नहीं है।
यहां एक मवेशी गंभीर रूप से बीमार मिला तो भूख से पूरे परिसर में उछल रहे एक मवेशी की गर्दन से लगातार खून रिसता नजर आया। बीमार मवेशी के बारे में पता चला कि गैंगरीन के चलते उसका एक पैर काटा गया, लेकिन दोबारा कोई सुधि लेने तक नहीं आया। एक अन्य मवेशी भी यहां बीमार मिला, जिसके शरीर का पिछला हिस्सा बुरी तरह जख्मी था। पशु चिकित्सक डॉ. बच्चा सिंह ने बताया कि घायल मवेशी का इलाज किया जा रहा है।