Sikh Riots: तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत, तिहरे हत्याकांड में एसआईटी ने भेजा था जेल, अब तक चार को जमानत
निराला नगर तिहरे हत्याकांड में एसआईटी ने तीन आरोपियों को जेल भेजा था, जिनको हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अब तक चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। बता दें कि कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में शहर में 127 सिखों की हत्या की गई थी।
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कानपुर में सिख विरोधी दंगों के तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। तीनों जेल से रिहा हो गए हैं। अब तक कुल चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। 31 आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं। करीब दस और आरोपियों ने जमानत के लिए अर्जी डाली है। एसआईटी इन मामलों में रिपोर्ट तैयार कर रही है।
31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दंगे भड़के थे। कानपुर में 127 सिखों की हत्या की गई थी। फरवरी 2019 से एसआईटी इन हत्याकांड की जांच कर रही है। अब तक 36 आरोपियों को एसआईटी जेल भेज चुकी है।
इसमें से एक आरोपी की बीमारी से मौत हो चुकी है। कुछ दिन पहले बृजेश दुबे को जमानत मिली थी। वहीं अब रवि मिश्रा, जसवंत सिंह व अमर सिंह उर्फ भूरा को जमानत मिल गई है। यह तीनों निराला नगर तिहरे हत्याकांड के मामले में जेल भेजे गए थे।
इस हत्याकांड में रक्षपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह और सतवीर सिंह उर्फ काला को मार दिया गया था। एसआईटी 11 केसों की विवेचना कर रही है, जिसमें से आठ केसों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। कुल 96 आरोपी चिह्नित किए थे, जिसमें से 22 की पहले ही मौत हो चुकी है।
एसआईटी को 74 की गिरफ्तारी करनी थी, जिसमें से 36 की हो चुकी है। कुछ और आरोपियों की भी मौत हुई है। 15-20 आरोपियों गिरफ्तारी और संभव है। हालांकि एसआईटी का कार्यकाल 30 सितंबर तक ही है। कार्यकाल बढ़ाए जाने को लेकर शासन को पत्र भेजा गया है।