सीएसजेएमयू: परीक्षा और उपाधि शुल्क के बीच फंसा छात्रों का भविष्य, नहीं दे पाएंगे परीक्षा
कानपुर छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी और उससे संबद्ध कॉलेजों के छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। परीक्षा शुल्क और उपाधि शुल्क के गणित में फंसकर हजारों छात्र परीक्षा देने से वंचित रहेंगे।
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कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में परीक्षा शुल्क और उपाधि शुल्क के फेर में हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। अभी भी कई छात्रों ने उपाधि शुल्क नहीं जमा किया है। बिना उपाधि शुल्क के परीक्षा में बैठने को नहीं मिलेगा।
परीक्षा शुल्क जमा करने के बावजूद हजारों छात्र परीक्षा देने से वंचित रह जाऐंगे। हालांकि डिग्री कॉलेज के संचालकों ने विवि प्रशासन से उपाधि शुल्क जमा किए बिना परीक्षा फार्म भरने की अनुमति मांगी है। इस बार शासन ने नया आदेश जारी किया है कि अंतिम वर्ष के छात्र परीक्षा शुल्क के साथ उपाधि शुल्क जमा करेंगे तो ही उनको परीक्षा फार्म भरने का मौका मिलेगा।
यह आदेश दाखिला लेने के बाद आया है। निजी महाविद्यालय संचालकों का कहना है कि छात्र एक बार फीस जमा करते हैं उसमें परीक्षा शुल्क् का पैसा समाहित होता है। अब छात्र डिग्री शुल्क के लिए पैसा नहीं दे रहे हैं।
निजी महाविद्यालयों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि प्रत्येक छात्र की उपाधि का 1000 शुल्क जमा कर सकें। इसी वजह से कॉलेज अभी तक परीक्षा शुल्क और उपाधि नहीं जमा कर पाए हैं। पहले करीब 50 हजार छात्रों नेफार्म नहीं भरा था तो एक दिन के लिए तिथि को विस्तारित कर 13 अप्रैल कर दिया था।
उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि निजी महाविद्यालयों पर संकट अधिक है। शासन का आदेश गले की फांस बन गया है। अभी भी करीब 30 हजार छात्र ऐसे हैं जो परीक्षा फार्म का पैसा दे चुके, लेकिन उपाधि शुल्क नहीं दे सके हैं। उनका कहना है कि छात्रों को परीक्षा फार्म भरने की अनुमति मिले, वरना छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।