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इस 'चमत्कारी' डिवाइस से ट्रेनों में दुर्घटना बचेगी, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 14 Nov 2017 06:44 PM IST
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फाग सेफ डिवाइस
- फोटो : अमर उजाला
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ट्रेनों के बढ़ते हादसे और सर्दियों में उनकी गति बरकरार रखने के लिए रेलवे इस बार एक ऐसी चमत्कारी डिवाइस लेके आया है जिससे 500 मीटर पहले ही आने वाले अवरोधों के बारे में पता चल जाएगा।
कोहरे की घनी धुंध में ट्रैक और सिग्नल आदि नजर न आने पर चालकों को रफ्तार में कमी रखनी पड़ती है। कोहरे की धुंध में क्रासिंग और स्टेशन नजदीक होने का संकेत देने के लिए पटरी पर पटाखे रखे जाते हैं। ट्रेन से गुजरते ही धमाके होते थे। ट्रेन चालक सतर्क हो जाता था। लेकिन अब रेलवे ने इंजन में एफएसडी लगाया गया है।
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कोहरे में ट्रेनों की रफ्तार बरकरार रखने और हादसे से बचने के लिए रेलवे ने आधुनिक तकनीक अपनाई है। इससे कोहरे की धुंध में भी ट्रेन की पटरी और सिग्नल का चालकों को संकेत मिलता रहेगा। इस नई तकनीक की मशीन को ‘फाग सेफ डिवाइस’ (एफएसडी) नाम दिया गया है। इसे हर ट्रेन के इंजन में लगाया गया है।
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कोहरे की घनी धुंध में ट्रैक और सिग्नल आदि नजर न आने पर चालकों को रफ्तार में कमी रखनी पड़ती है। कोहरे की धुंध में क्रासिंग और स्टेशन नजदीक होने का संकेत देने के लिए पटरी पर पटाखे रखे जाते हैं। ट्रेन से गुजरते ही धमाके होते थे। ट्रेन चालक सतर्क हो जाता था। लेकिन अब रेलवे ने इंजन में एफएसडी लगाया गया है।
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क्या है जीपीएस फॉग सेफ्टी डिवाइस
डेमो पिक
कंप्यूटराइज्ड इस उपकरण में घने कोहरे के बाद भी 500 मीटर की दूरी तक सिग्नल (हरा या लाल) समेत क्रासिंग और पुल आदि का संकेत आडियो और वीडियो के जरिए देगा। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने इस उपकरण को ट्रेनों में लगाया है। यह पूरी तरह जीपीएस तकनीक पर आधारित है। क्रासिंग, रेल पुल और सिग्नल आदि का संकेत पहले से ही पायलट (चालक) को मिल जाएगा। उच्च तकनीक वाली एफएसडी 200 मंगाई गईं हैं।
घने कोहरे के दौरान सिग्नल दिखाई देने बंद हो जाते हैं। पास क्लियर न होने के कारण ट्रेनों को रोक दिया जाता है। इससे ट्रेनें लेट होती हैं। फॉग सेफ्टी डिवाइस से इस पर नियंत्रण लगेगा। यह उपकरण ज्यादा महंगा भी नहीं है। एक एफएसडी की कीमत लगभग मात्र 40 हजार रुपये बताई गई है।
घने कोहरे के दौरान सिग्नल दिखाई देने बंद हो जाते हैं। पास क्लियर न होने के कारण ट्रेनों को रोक दिया जाता है। इससे ट्रेनें लेट होती हैं। फॉग सेफ्टी डिवाइस से इस पर नियंत्रण लगेगा। यह उपकरण ज्यादा महंगा भी नहीं है। एक एफएसडी की कीमत लगभग मात्र 40 हजार रुपये बताई गई है।