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इंडसइंड बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक पर तीसरी रिपोर्ट, बुजुर्ग को लगाया 27.50 लाख रुपये का चूना
Mon, 05 Apr 2021 11:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Apr 2021 11:15 PM IST
सार
- हर माह अच्छा रिटर्न देने का झांसा देकर बुजुर्ग को लगाया 27.50 लाख रुपये का चूना
- पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर नवाबगंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
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इंडसइंड बैंक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 4.11 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में जेल में बंद इंडसइंड बैंक की सिविल लाइंस शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित शुक्ला पर एक और रिपोर्ट दर्ज हुई है। दो रिपोर्ट उस पर पहले से दर्ज हैं। नवाबगंज के दीनदयाल नगर निवासी बुजुर्ग श्रीप्रकाश वर्मा ने आरोप लगाया है कि अमित ने हर माह अच्छे रिटर्न का झांसा देकर उनके 27.50 लाख रुपये हड़प लिए।
कोर्ट के माध्यम से उन्होंने नवाबगंज थाने में धोखाधड़ी व अमानत में खयानत की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। श्रीप्रकाश वर्मा ने बताया कि वह एक प्राइवेट फर्म से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उन्होंने रिटायरमेंट के समय मिले रुपये को एसबीआई की लखनपुर शाखा और आईडीबीआई में जमा किए थे। वर्ष 2014 में उनकी मुलाकात इंडसइंड बैंक की मोतीझील शाखा के प्रबंधक अमित शुक्ला से हुई थी।
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कोर्ट के माध्यम से उन्होंने नवाबगंज थाने में धोखाधड़ी व अमानत में खयानत की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। श्रीप्रकाश वर्मा ने बताया कि वह एक प्राइवेट फर्म से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उन्होंने रिटायरमेंट के समय मिले रुपये को एसबीआई की लखनपुर शाखा और आईडीबीआई में जमा किए थे। वर्ष 2014 में उनकी मुलाकात इंडसइंड बैंक की मोतीझील शाखा के प्रबंधक अमित शुक्ला से हुई थी।
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उन्होंने अमित से किसी अच्छी स्कीम में 25 से 30 लाख रुपये जमा करने की इच्छा जाहिर की। अमित ने उनसे कहा कि अच्छा रिटर्न चाहते हैं तो बैंक के बाहर बाजार में रुपया लगवा दूंगा। उसके झांसे में आकर उन्होंने वर्ष 2014 से वर्ष 2016 के बीच 27 लाख 50 हजार रुपये उसके द्वारा बताए गए अलग-अलग खातों में जमा करा दिए।
उसने हर माह 18 अक्तूबर को रिटर्न देने की बात कही। इस बीच उसका ट्रांसफर सिविल लाइंस हो गया। उसने उनका खाता भी अपने यहां ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद वर्ष 2018 में फोन कर मिलने की बात कही, लेकिन वह नही पहुंचा। मोबाइल भी बंद हो गया। जब वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि अमित 4.11 करोड़ के गबन के आरोप में जेल में बंद है।
दो रिपोर्ट पहले हो चुकी हैं दर्ज
बैंक ने अमित शुक्ला व कैशियर राहुल तिवारी पर 4.11 करोड़ के गबन का आरोप लगाकर ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अक्तूबर 2018 में बैंक के रीजनल हेड दबांजना गुहा ने बैंक शाखा के खजाने का निरीक्षण किया था। उसमें 4.11 करोड़ रुपये कम मिले थे। यह धनराशि बिना किसी लिखापढ़ी के रामचंदानी नाम के शख्स को सौंपी गई थी। इसके अलावा शराब कारोबारी के 85 लाख रुपये के नए नोटों के बजाय पुराने नोट जमा करना दिखा दिया था। इस मामले में भी अमित पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
उसने हर माह 18 अक्तूबर को रिटर्न देने की बात कही। इस बीच उसका ट्रांसफर सिविल लाइंस हो गया। उसने उनका खाता भी अपने यहां ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद वर्ष 2018 में फोन कर मिलने की बात कही, लेकिन वह नही पहुंचा। मोबाइल भी बंद हो गया। जब वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि अमित 4.11 करोड़ के गबन के आरोप में जेल में बंद है।
दो रिपोर्ट पहले हो चुकी हैं दर्ज
बैंक ने अमित शुक्ला व कैशियर राहुल तिवारी पर 4.11 करोड़ के गबन का आरोप लगाकर ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अक्तूबर 2018 में बैंक के रीजनल हेड दबांजना गुहा ने बैंक शाखा के खजाने का निरीक्षण किया था। उसमें 4.11 करोड़ रुपये कम मिले थे। यह धनराशि बिना किसी लिखापढ़ी के रामचंदानी नाम के शख्स को सौंपी गई थी। इसके अलावा शराब कारोबारी के 85 लाख रुपये के नए नोटों के बजाय पुराने नोट जमा करना दिखा दिया था। इस मामले में भी अमित पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।